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सूरत के कपड़ा कारोबारी कर रहे फिर हड़ताल की तैयारी

विनय उमरजी / अहमदाबाद 08 06, 2017

जॉब वर्क पर जीएसटी घटाने के बावजूद कारोबारी नाराज

सूरत के 50,000 करोड़ रुपये के परिधान एवं कपड़ा उद्योग में मुश्किल से 1 फीसदी हिस्सेदारी वाले जॉब वर्क (ठेके पर काम) पर हाल में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती के बावजूद कारोबारियों और बुनकरों में नाराजगी है। इतना ही नहीं सूरत के कपड़ा कारोबारी मंगलवार को राष्ट्रीय स्तर के कपड़ा कारोबारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें संभावित हड़ताल सहित आगे की कार्रवाई की योजना बनाई जाएगी। 

सरकार ने शनिवार को जीएसटी परिषद की बैठक में तीसरे पक्ष की सेवाओं (जॉबवर्क) पर जीएसटी की दर 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की घोषणा की थी, जिससे परिधान उद्योग में रौनक आई है। अब तक विभिन्न तरह के जॉब वर्क पर कर की दरों में असमानता थी। कुछ पर 5 फीसदी कर था, जबकि ट्विस्टिंग और परिधान बनाने पर 18 फीसदी जीएसटी था। हालांकि इस शहर के कपड़ा कारोबारियों ने कहा कि हाल के कदम से उन्हें कोई बड़ी राहत नहीं मिली।

सूरत के कपड़ा कारोबारियों की कपड़े पर 5 फीसदी जीएसटी वापस लेने की मांग उठा रही जीएसटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष ताराचंद कासट ने कहा, 'सरकार की इस पहल का मुख्य रूप से परिधान क्षेत्र को फायदा होगा। सूरत में मुख्य रूप से सिंथेटिक और फैब्रिक आधारित कपड़ा बाजार है। हम उम्मीद कर रहे थे कि सरकार रिटर्न भरने को आसान बनाने, ट्रेडिंग पर 5 फीसदी कर हटाने और रिफंड न हो सकने वाले शुल्क जैसे मसलों को हल करेगी। हम आगे की कार्रवाई के लिए मंगलवार को बैठक करेंगे और फिर से हड़ताल पर जा सकते हैं।' 

जीएसटी संघर्ष समिति के जरिये कपड़ा कारोबारियों ने कारोबार पर 5 फीसदी जीएसटी हटाने की मांग की थी। हालांकि सरकार ने इसे हटाने से मना कर दिया है। कारोबारी अप्रैल 2019 तक जीएसटी के कार्यान्वयन को टालकर 18 महीनों के कर अवकाश की भी मांग कर रहे थे। अब तक सरकार और कपड़ा उद्योग के बीच विभिन्न स्तरों पर कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन सरकार अपने रुख पर अडि़ग है। 

कपड़ा मूल्य शृंखला में परिधान बनाने के जॉबवर्क पर जीएसटी 18 फीसदी था, जबकि साइजिंग, ट्विस्टिंग और बुनाई के जॉबवर्क पर 5 फीसदी। हाल की घोषणा के बाद पूरे उद्योग में जॉब वर्क पर जीएसटी की दर 5 फीसदी होगी। सूरत के पावरलूम उद्योग ने भी सरकार की घोषणा को 'निरर्थक' बताया है क्योंकि उसे इसका कोई फायदा नहीं मिलेगाा। सूरत में अब भी बुनाई उद्योग के लिए विभिन्न कर भरने और रिफंड न हो सकने वाले ड्यूटी क्रेडिट जैसे मसले बरकरार हैं। पंडेसरा वीवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष गुजराती ने कहा है कि सरकार की घोषणा से केवल इतना बदलाव आया है कि अब ट्विस्टिंग जॉबवर्क पर 5 फीसदी के तहत संचयी इनपुट टैक्स क्रेडिट 1.25 रुपये प्रति मीटर से घटकर 80 पैसे प्रति मीटर हो जाएगा।
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