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आकर्षक दांव के लिए तीन होल्डिंग कंपनियों पर रखिए नजर

हंसिनी कार्तिक /  August 06, 2017

भारतीय कॉरपोरेट जगत में व्यावसायिक पुनर्गठन का दौर तेज हो गया है, चाहे यह विलय और हिस्सेदारी बिक्री के जरिये हो या फिर आईपीओ के जरिये। इस समय बैंकिंग और वित्तीय सेवा (बीएफएसआई) क्षेत्र की कंपनियां अपनी कीमत के खुलासे के लिए व्यावसायिक पुनर्गठन की संभावनाएं तलाश रही हैं। हाल तक ग्रासिम, रिलायंस कैपिटल और ट्ïयूब इन्वेस्टमेंट्ïस इन वजहों से सुर्खियों में बनी हुई हैं। इसमें आश्चर्य नहीं कि इन शेयर ने इस साल बेहतर प्रदर्शन किया है। 

 
ग्रासिम की बात करें तो  आदित्य बिड़ला कैपिटल का सूचीबद्ध होना, रिलायंस कैपिटल के संपत्ति प्रबंधन, सामान्य बीमा और गृह ऋण व्यवसाय को अलग करना और ट्ïयूब इन्वेस्टमेंट्ïस का विनिर्माण एवं वित्तीय सेवा व्यवसाय को अलग करना ऐसे कदम हैं जिनसे इन होल्डिंग कंपनियों की कीमत का सही और सटीक पता चलेगा। आइए जानते हैं कैसे: 
 
ग्रासिम
 
लगभग एक साल पहले आदित्य बिड़ला नूवो (एबीएनएल) और ग्रासिम के विलय की खबरों को निवेशकों ने अच्छा नहीं माना। अतिरिक्त व्यवसायों को एकीकृत करना उनकी प्रमुख चिंता थी। मगर अब इस पर विराम लग गया है। संभावना यही है कि आदित्य बिड़ला कैपिटल अगस्त में सूचीबद्ध हो जाएगी। जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों का कहना है, 'हमारा मानना है कि बाजार इस समय इस व्यवसाय (प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले 40-50 फीसदी कम) को हलका आंक रहे हैं और सूचीबद्घता से अगले एक साल के दौरान ग्रासिम के शेयरधारकों के लिए बड़ी वैल्यू हासिल करने में मदद मिल सकती है।' इस समय आदित्य बिड़ला कैपिटल (एबीसीएल) का ग्रासिम के कुल मूल्यांकन में लगभग 20 फीसदी का योगदान है। कंपनी ने बीएफएसआई व्यवसाय पर काफी मजबूत दांव लगाया है। कंपनी की 13 विभिन्न खंडों में मौजूदगी है। इनमें एनबीएफसी उधारी, जीवन बीमा और म्युचुअल फंड व्यवसाय आदि शामिल हैं। कंपनी के इस व्यवसाय ने वित्त वर्ष 2017 में 1,150 करोड़ रुपये का कर-पूर्व मुनाफा दर्ज किया है जिसमें से 70 फीसदी मुनाफा एनबीएफसी व्यवसाय से आया जबकि शेष मुनाफे में ऐसेट मैनेजमेंट और बीमा क्षेत्रों का योगदान रहा।.विश्लेषकों का मानना है कि सूचीबद्घता के बाद होल्डिंग कंपनी ग्रासिम का अंतर मौजूदा 45 फीसदी से घट सकता है। माना जा रहा है कि प्रेमजी इन्वेस्ट ने एबीसीएल में 32,000 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के आधार पर 2.2 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। निवेशकों के लिए एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एबीएनएल के शेयर में कारोबार रोका जा चुका है। ग्रासिम एबीसीएल को अलग रखकर कारोबार कर रही है क्योंकि विलय की प्रक्रिया निर्णायक चरण में है। 
 
ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स
 
ग्रासिम की तरह दक्षिण भारत की ट्ïयूब इन्वेस्टमेंट्ïस भी विनिर्माण से लेकर वित्तीय सेवा व्यवसायों में काम कर रही है। नवंबर 2016 में कंपनी ने अपने विनिर्माण व्यवसाय और वित्तीय सेवा व्यवसाय को अलग अलग इकाइयों में विभाजित करने का निर्णय लिया। विनिर्माण इकाई का नाम ट्ïयूब इन्वेस्टमेंट्ïस ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीआईआई) होगा और यह पहले की तरह साइकिल और उसके पुर्जे, ऑटोमोटिव और औद्योगिक गियर, इंजीनियरिंग उत्पादों और मेटल उत्पादों के व्यवसाय में जमी रहेगी। टीआई फाइनैंशियल होल्डिंग्स के नाम से उसकी वित्तीय सेवा इकाई होगी जो सामान्य बीमा, जोखिम सेवाओं और चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट ऐंड फाइनैंस (सीआईएफसी पहले से ही सूचीबद्घ एनबीएफसी है) का परिचालन करेगी। वित्त वर्ष 2017 में कंपनी के सामान्य बीमा व्यवसाय का राजस्व 41 फीसदी बढ़कर 208 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। शेयरखान के विश्लेषकों का कहना है कि यह व्यवसाय कंपनी को बढिय़ा मुनाफा देगा और आय में मजबूत वृद्घि को देखते हुए निवेशकों के लिए लंबी अवधि में वैल्यू का निर्माण करेगा। वित्त वर्ष 2017 में ट्ïयूब इन्वेस्टमेंट्ïस का शुद्घ मुनाफा दोगुना होकर 200 करोड़ रुपये पहुंच गया। ऐक्सिस कैपिटल के विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2019 तक शुद्घ मुनाफा 300 करोड़ रुपये पर पहुंच सकता है। अलग से सूचीबद्धता के बाद हरेक बिजनेस की कीमत का अन्वेषण ज्यादा पारदर्शी होगा।
 
रिलायंस कैपिटल
 
रिलायंस कैपिटल के लिए जून व्यस्त महीना रहा। कंपनी ने अपने ऐसेट मैनेजमेंट और सामान्य बीमा व्यवसायों को सूचीबद्घ कराने की घोषणा की। रिलायंस कैपिटल इन व्यवसायों में आईपीओ के जरिये 10 फीसदी हिस्सेदारी घटाने की संभावना तलाश रही है। रिलायंस कैपिटल ने यह कोशिश ऐसे समय की है जब आईसीआईसीआई लोम्बार्ड (सामान्य बीमा कंपनी) और यूटीआई (म्युचुअल फंड) भी अपने व्यवसायों को सूचीबद्घ कराने की संभावना तलाश रही हैं। शेयरधारकों ने रिलांयस होम को सूचीबद्ध कराने को मंजूरी दे दी है। इसलिए आने वाले महीनों में शेयरधारकों को उम्मीद करनी चाहिए कि रिलांयस कैपिटल के सभी व्यवसाय अलग-अलग सूचीबद्ध होंगे। एडलवाइस के विश्लेषकों ने एक रिपोर्ट में कहा है, 'जीवन बीमा और परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवसायों में रिलायंस कैपिटल की अंतर्निहित वैल्यू के साथ साथ साथ कंज्यूमर फाइनैंस में तेजी और सामान्य बीमा व्यवसाय में मजबूती को देखते हुए हम इस शेयर पर सकारात्मक हैं।' इन विश्लेषकों ने इस शेयर के लिए 767 रुपये का कीमत लक्ष्य निर्धारित किया है। 
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
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