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पंजाब नैशनल बैंक का मुनाफा 12 फीसदी बढ़ा

बीएस संवाददाता और एजेंसियां / नई दिल्ली August 02, 2017

पंजाब नैशनल बैंक का शुद्ध लाभ जून में समाप्त पहली तिमाही में 12 फीसदी बढ़कर 343 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, लेकिन कुछ राज्यों में कृषि कर्ज माफी के चलते इसके फंसे कर्ज को झटका लगा। बैंक ने इस वित्त वर्ष में इक्विटी व बॉन्ड के जरिए 3,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बोर्ड की मंजूरी हासिल कर ली है। इसमें से बैंक पहले ही बॉन्ड से 1,500 करोड़ रुपये जुटा चुका है। अभी तक बैंंक ने इस वित्त वर्ष में सरकार से पूंजी नहीं मांगी है। यह जानकारी बैंक के प्रबंध निदेशक व सीईओ सुनील मेहता ने दी। 
 
बैंंक ने एसबीआई की तरह बचत जमा दर में कटौती का फैसला नहींं किया है, लेकिन इसकी संपत्ति व देनदारी समिति इस मसले पर चर्चा करेगी और अगले हफ्ते इस पर फैसला लेगी। बैंक की योजना गैर-प्रमुख संपत्तियां बेचकर 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की है, लेकिन इसने अभी तक पीएनबी हाउसिंग की हिस्सेदारी बेचने पर फैसला नहींं लिया है, जहां लॉक इन अवधि नवंबर में समाप्त हो रही है।
 
मेहता ने कहा, तिमाही के दौरान पीएनबी की उधारी में 6.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पिछले साल की समान अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ 262 करोड़ रुपये रहा था। बैंंक का सकल एनपीए इस अवधि में 13.66 फीसदी रहा, जो इससे पिछली तिमाही में 12.53 फीसदी रहा था। बैंक का शेयर आज बीएसई पर 0.89 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 158.90 रुपये पर बंद हुआ।
 
ल्यूपिन का शुद्ध लाभ 59 फीसदी घटा 
 
दवा कंपनी ल्यूपिन का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 59.40 फीसदी गिरकर 358.06 करोड़ रुपये रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि यह आंकड़ा 881.95 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बताया कि समीक्षावधि में उसकी एकीकृत शुद्ध बिक्री 3,806.83 करोड़ रुपये रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4,341.80 करोड़ रुपये थी। कंपनी के परिणामों पर टिप्पणी करते हुए प्रबंध निदेशक नीलेश गुप्ता ने कहा कि पहली तिमाही में हमारा परिणाम हमारी स्वयं की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है क्योंकि कई उत्पादों की संशोधित कीमत में कमी आई है और भारत में जीएसटी लागू होने और रुपये में सुधार से भी व्यवधान उत्पन्न हुआ है।
 
वॉकहार्ट को 410 करोड़ रु. का घाटा
 
दवा बनाने वाली कंपनी वॉकहार्ट को ब्रिटेन में व्यावसायिक मुकदमे के कारण चालू वित्त वर्ष की जून में समाप्त तिमाही में समग्र आधार पर 409.66 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में उसे 15.89 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। कंपनी ने बताया कि आलोच्य तिमाही के दौरान परिचालन से प्राप्त समग्र राजस्व पिछले वित्त वर्ष के 1090.83 करोड़ रुपये की तुलना में गिरकर 891.06 करोड़ रुपये पर आ गया है। उसने कहा कि लंदन की अदालत में उसकी दो सहयोगी कंपनियों के साथ चल रहे व्यावसायिक मुकदमे को सुलझाने में उसे 4.3 करोड़ पौंड का खर्च वहन करना पड़ा है। 
 
गोदरेज प्रॉपर्टीज का मुनाफा घटा 
 
रियल्टी क्षेत्र की कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज का शुद्ध मुनाफा इस वित्त वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही में 46 फीसदी गिरकर 23.37 करोड़ रुपये पर आ गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 43.47 करोड़ रुपये रहा था। आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय पिछले वित्त वर्ष के 333 करोड़ रुपये की तुलना में 3 फीसदी बढ़कर 345 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक पीरोजशा गोदरेज ने कहा, वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में हमारी कुल बिक्री 1474 करोड़ रुपये रही, जो किसी भी तिमाही में हमारी सर्वाधिक आवासीय बिक्री है। हमने इस दौरान अपने पोर्टफोलियो में एक नई परियोजना भी शामिल की है और नकदी प्रवाह के परिचालन के लिहाज से भी यह सबसे अच्छी तिमाही रही। हम इस साल आगे भी यह गति बनाए रखेंगे।
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