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सभी सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में निफ्टी कंपनियों का हिस्सा घटा

पवन बुरुगुला / मुंबई 07 26, 2017

सर्वोच्च स्तर पर निफ्टी लेकिन बाजार मूल्यांकन कम

निफ्टी सूचकांक में शामिल ब्लूचिप कंपनियां देश के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब 52.2 फीसदी का योगदान करती हैं, जो साल 2013 में 61 फीसदी के उच्चस्तर पर था
अभी निफ्टी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 70.3 लाख करोड़ रुपये है जबकि सभी सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 132.3 लाख करोड़ रुपये है
निफ्टी की हिस्सेदारी पिछले चार सालों में लगातार घटी है क्योंकि बाजारों ने बेंचमार्क को लगातार मात दी है

बेंचमार्क निफ्टी अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है, लेकिन देश के कुल बाजार पूंजीकरण में निफ्टी-50 कंपनियों का योगदान कई साल के निचले स्तर पर आ गया है। निफ्टी सूचकांक में शामिल ब्लूचिप कंपनियां देश के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब 52.2 फीसदी का योगदान करती हैं, जो साल 2013 में 61 फीसदी के उच्चस्तर पर था। अभी निफ्टी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 70.3 लाख करोड़ रुपये है जबकि सभी सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 132.3 लाख करोड़ रुपये है। निफ्टी की हिस्सेदारी पिछले चार सालों में लगातार घटी है क्योंकि बाजारों ने बेंचमार्क को लगातार मात दी है।

साल 2017 में अब तक निफ्टी 22.4 फीसदी चढ़ा है। इसकी तुलना में एनएसई मिडकैप और एनएसई स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 30.3 फीसदी और 34.2 फीसदी की उछाल दर्ज हुई है। मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांकों ने लगातार बेंचमार्क निफ्टी के मुकाबले पिछले तीन साल में बेहतर प्रदर्शन किया है। म्युचुअल फंडों की तरफ से मजबूत खरीदारी ने मिडकैप व स्मॉलकैप शेयरों में हालिया वर्षों में इजाफा किया है। यह कहना है विशेषज्ञों का। म्युचुअल फंडों ने साल 2014 से अब तक करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है।

आईआईएफएल के ब्रोकिंग प्रमुख अरिंदम चंदा ने कहा, हाल में बाजारों का मजबूत प्रदर्शन ब्लूचिप कंपनियों के मुकाबले इन शेयरों में संस्थागत खरीदारी के चलते देखने को मिला है। हालांकि प्रमुख चिंता ज्यादातर मिडकैप व स्मॉलकैप कंपनियों में शेयरों की ऊंची चाल को लेकर है, जो इन कंपनियों के फंडामेंटल में सुधार के बिना हुआ है। विश्लेषकों ने हालांकि कहा कि बाजार की आय स्थिर बनी हुई है और बाजार का मूल्यांकन में तेज उछाल आई है।

निफ्टी हालांकि अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है, लेकिन यह अभी भी 2007-08 की तेजी के दौरान हासिल मूल्यांकन से पीछे है। अभी निफ्टी का एक साल आगे का पीई 23.2 है, जो 2008 में 26 रहा था। दूसरी ओर बाजार का मूल्यांकन पहले ही नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है और एनएसई मिडकैप सूचकांक अभी एक साल आगे के पीई के 33.4 गुने पर कारोबार कर रहा है।

आने वाले समय में विश्लेषकों को लगता है कि बाजार के मुकाबले लार्ज कैप बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं क्योंकि निफ्टी की आय में सुधार मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांकों के मुकाबले बेहतर रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने कहा कि बड़ी कंपनियां जीएसटी के लिए बेहतर तरीके से तैयार है, लेकिन छोटी कंपनियां अपनी बैलेंस शीट पर इसके क्रियान्वयन का असर झेल सकती हैं।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च ऐंड एडवाइजरी के संस्थापक जी चोकालिंगम ने कहा, मौजूदा परिदृश्य में लार्जकैप शेयर मिडकैप व स्मॉलकैप शेयरों के मुकाबले बेहतर नजर आ रहे हैं। जीएसटी ब्लूचिप कंपनियों के शेयरों की आय पर एक या दो तिमाही तक अवरोध पैदा कर सकता है, लेकिन कुछ छोटी कंपनियां लंबे समय तक इसका असर झेल सकती हैं। साथ ही बाजार का मूल्यांकन भी विस्तृत नजर आ रहा है। बाजार की अन्य चिंता नकदी को लेकर है। संस्थागत निवेश रफ्तार के साथ चल रहा है, लेकिन कई छोटी कंपनियों के शेयरों काफी उछले हैं। हालांकि म्युचुअल फंडों से निवेश निकासी मिडकैप व स्मॉलकैप में गिरावट ला सकता है।
Keyword: बेंचमार्क, निफ्टी, बाजार पूंजीकरण, सूचकांक, ब्लूचिप कंपनी, हिस्सेदारी, एनएसई, मिडकैप,
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