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काली मिर्च की कालिख को साफ करेगा वायदा कारोबार

सुशील मिश्र / मुंबई July 24, 2017

करीब साढ़े चार साल बाद काली मिर्च वायदा कारोबार आज दोबारा शुरू हो गया। बाजार नियामक सेबी ने 21 जुलाई को इसकी अनुमति दी थी। उसके बाद एनसीडीईएक्स और एमसीएक्स में इसका सितंबर और अक्टूबर अनुबंध का वायदा कारोबार शुरू हुआ। इसके पहले काली मिर्च वायदा कारोबार सिर्फ एनसीडीईएक्स पर होता था। वैश्विक बाजार में भारतीय काली मिर्च की गिरती साख को सुधारने में वायदा कारोबार मददगार साबित हो सकता है। 
 
काली मिर्च वायदा कारोबार में घोटाले और एनसीडीईएक्स के गोदामों में रखे काली मिर्च की गुणवत्ता खराब होने के कारण वायदा बाजार आयोग ने 20 मई, 2013 को इसके वायदा कारोबार पर रोक लगा दी थी। एफएसएसएआई की जांच में गोदामों में रखे करीब 6,000 टन काली मिर्च के स्टॉक में मिनरल ऑयल मिले होने का खुलासा होने के बाद वायदा बाजार आयोग ने इसके वायदा कारोबार पर रोक लगा दी थी।  एनसीडीईएक्स में काली मिर्च के सितंबर वायदा की शुरुआत 49,980 रुपये और अक्टूबर अनुबंध में 48,950 रुपये प्रति क्ंिवटल हुई। सितंबर अनुबंध 47,065 रुपये और अक्टूबर अनुबंध 46,805 रुपये प्रति क्ंिवटल पर बंद हुआ। यह हाजिर बाजार के भाव से काफी कम है। हाजिर बाजार में काली मिर्च का भाव 50,240 रुपये प्रति क्ंिवटल चल रहा है। 
 
एनसीडीईएक्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ समीर शाह के मुताबिक साढ़े चार साल पहले जब काली मिर्च वायदा कारोबार हो रहा था तब भारत से इसका निर्यात ऊंचाई पर पहुंच गया था लेकिन पिछले कुछ सालों से वैश्विक बाजार में भारतीय काली मिर्च की साख गिरी है। देश में वायदा कारोबार दोबारा शुरू होने से इसमें सुधार होगा जो निर्यात मांग बढ़ाने में मददगार साबित होगा। 
 
एमसीएक्स पर भी काली मिर्च की जिस भाव से शुरुआत हुई वह उस पर टिक नहीं पाई। एमसीएक्स में काली मिर्च सितंबर अनुबंध 49,800 रुपये और अक्टूबर अनुबंध  49,500 रुपये प्रति क्ंिवटल के भाव से शुरू हुआ जो गिरावट के साथ बंद हुआ। एमसीएक्स पर काली मिर्च सितंबर अनुबंध 46,850 और अक्टूबर अनुबंध 46,360 रुपये प्रति क्ंिवटल पर बंद हुआ। कारोबार के पहले ही दिन भारी गिरावट पर कारोबारियों का कहना है कि साढ़े चार साल के बाद वायदा कारोबार शुरू हुआ है, विदेशी मांग कमजोर है, ऐसे में कीमतों को टूटना ही था। 
 
भारतीय काली मिर्च की मांग सबसे ज्यादा पश्चिम एशिया, अमेरिका और यूरोप में रहती है। भारतीय मसाला बोर्ड के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 कुल मसालों के निर्यात में 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन काली मिर्च के निर्यात में 37 फीसदी की गिरावट हुई। वित्त वर्ष 2016-17 में 17,600 क्ंिवटल काली मिर्च का निर्यात किया गया जबकि 2015-16 में 28,100 क्ंिवटल निर्यात किया गया था। 
Keyword: black peeper, agri,,
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