बिजनेस स्टैंडर्ड - आकर्षक दाम होने के बावजूद शेयरों को रोके रखें
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, October 24, 2017 02:17 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विश्लेषण खबर

आकर्षक दाम होने के बावजूद शेयरों को रोके रखें

प्रिया नायर, संजय कुमार सिंह और तिनेश भसीन /  July 23, 2017

इस साल की शुरुआत से शेयरों ने करीब 20 फीसदी प्रतिफल दिया है। इससे निवेशक खुश हैं, मगर उनको यह भी फिक्र है कि क्या शेयरों की कीमत काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है? क्या वर्तमान स्तर पर और निवेश किया जाना चाहिए? क्या शेयरों की कीमतों में जल्द गिरावट आएगी? क्या इन्हें बेचकर इनसे निकल जाना चाहिए? लेकिन अगर यह तेजी आगे भी जारी रही और व्यक्ति आगे की तेजी का फायदा मिलने से महरूम रह गया तो? हमने यह जानने के लिए बाजार विशेषज्ञों से बात की कि खुदरा निवेशकों को मौजूदा हालात में क्या रणनीति अपनानी चाहिए।

 
मूल्य और आमदनी प्रमुख चिंताए
 
एक आम चिंता यह है कि इस समय शेयरों की कीमतें खरीदने के लिहाज से आकर्षक नहीं हैं। वेद इंवेस्टमेंट मैनेजर्स के प्रबंध निदेशक ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा, 'बाजार अगले एक साल की अनुमानित आमदनी के करीब 20 गुना पर कारोबार कर रहा है। आमतौर पर इतनी कीमत होने पर प्रतिफल बीते समय से कम रहने के आसार होते हैं। हमें गिरावट के आसार नजर आ रहे हैं।'
 
रिलायंस म्युचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (इक्विटी निवेश) सुनील सिंघानिया के मुताबिक स्मॉल और मिड कैप शेयरों में सबसे ज्यादा जोखिम है। उन्होंने कहा, 'लार्ज कैप शेयर भी महंगे हैं, लेकिन उनकी कीमत को उचित साबित किया जा सकता है।' वह प्राथमिक बाजार में भी उत्साह के संकेत देखते हैं। कंपनियों की आमदनी सुधरने में देरी हो रही है और यह भी चिंता का एक मुख्य कारण है।  आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य निवेश अधिकारी (सीआईओ) एस नरेन ने कहा, 'हाल की तेजी का एक प्रमुख कारण कंपनियों की आमदनी में संभावित सुधार रहा है। अगर ऐसा नहीं हो पाया तो बाजार के रुझान में बदलाव देखने को मिल सकता है।'
 
वैश्विक स्तर पर चिंताजनक बात यह है कि आसानी से पैसा मिलने का लंबे समय से चला आ रहा दौर समाप्त होने जा रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने के लिए कदम उठा रहा है और अन्य केंद्रीय बैंक भी अपनी अर्थव्यवस्थाओं से नकदी की मात्रा कम करने के कदम उठा रहे हैं। जयपुरिया कहते हैं, 'इस समय अर्थव्यवस्थाओं में नकदी की मात्रा कम की जा रही है और शेयरों के दाम ऊंचे बने हुए हैं। ऐसे में अगर वृद्धि पटरी पर नहीं लौटी तो भविष्य में प्रतिफल कम रह सकते हैं।' कृषि ऋण माफी और बैंकिंग क्षेत्र में फंसे हुए ज्यादा कर्ज चिंता की अन्य वजह हैं। 
 
क्या करना चाहिए? 
 
इन सब चिंताओं के बावजूद इक्विटी निवेशकों के लिए दुविधा यह है कि अन्य संपत्ति वर्गों में भी संभावनाएं बहुत उजली नजर नहीं आ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों से सोना और रियल एस्टेट भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। ब्याज दरें घटने से बैंकों की सावधि जमाओं की दरें भी घटी  हैं और भïिवष्य में डेट फंडों से प्रतिफल बीते वर्षों जितना नहीं रहने के आसार हैं। 
 
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप 5 साल या इससे अधिक समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो बाजार के वर्तमान स्तरों पर भी निवेश किया जा सकता है। अगर आपके पास एकमुश्त पैसा है तो इसे अगले कुछ महीनों में विभिन्न कीमत स्तर पर धीरे-धीरे निवेश करें। सिंघानिया की सलाह है, 'अपने पैसे को दो से तीन हिस्सों में बांटें और बाजार 5 से 7 फीसदी गिरने पर एक-एक हिस्से का निवेश करें।' म्युचुअल फंड निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो के मुख्य फंडों में सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान जारी रखने चाहिए। 
 
नरेन की सलाह है कि जो खुदरा निवेशक वर्तमान स्तर पर बाजार में प्रवेश करने को लेकर चिंतित हैं, उन्हें बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों के जरिये निवेश करना चाहिए। इन फंडों के जरिये एक साथ मोटी रकम भी निवेश की जा सकती है। ये फंड आपके पैसे को इक्विटी और डेट में बांट देते हैं। वह कहते हैं, 'अगर किसी एक संपत्ति वर्ग में ज्यादा उतार-चढ़ाव भी रहा तो दूसरा संपत्ति वर्ग इसकी भरपाई करेगा।'
 
मिड और स्मॉल कैप शेयर ऊंचे स्तरों पर बने हुए हैं और इनमें गिरावट का ज्यादा जोखिम है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि आपको इन शेयरों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। जयपुरिया कहते हैं, 'अगले तीन वर्षों के दौरान मिड कैप बेहतर प्रतिफल दे सकते हैं क्योंकि जब आमदनी में सुधार आता है उन्हें लार्ज कैप शेयरों की तुलना में ज्यादा फायदा मिलता है।' इन शेयरों के लिए अगले छह महीने दबाव और जोखिम का समय रहेगा। अगर आप इस जोखिम को झेल सकते हैं और तीन साल के लिए निवेश करते हैं तो आप अच्छा पैसा बना सकते हैं। 
 
अगर आपको लगता है कि किसी शेयर के फंडामेंटल अच्छे हैं तो आप अब भी इसकी खरीदारी कर सकते हैं। सिंघानिया कहते हैं, 'ऐसी कोई बाजार स्थितियां नहीं होतीं, जिसमें आप शेयर खरीदें। अहम बात यह है कि आप कौनसे शेयर और कितने समय के लिए खरीदते हैं। आपका समय गलत हो सकता है लेकिन अगर आपने सही शेयर चुने हैं और उन्हें रोकने की समयावधि भी ठीक है तो आपको फिर भी फायदा मिलेगा।' उन शेयरों में मुनाफावसूली करें, जिनका मूल्य बहुत ऊंचा है और जिनके आगे चढऩे की संभावना उजली नहीं हैं। इसी तरह अगर आपका शेयरों या उनके तहत आने वाली उप श्रेणियों में कुल आवंटन निर्धारित स्तर से ज्यादा हो गया है तो शेयरों को बेचें और अपने पोर्टफोलियो को फिर से संतुलित बनाएं। लेकिन पूरी तरह बेचकर न निकलें क्योंकि फिर से प्रवेश करने का अच्छा समय मिलना मुश्किल है। 
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या डायरेक्ट सेलिंग की ऑनलाइन बिक्री पर हो सख्ती?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.