बिजनेस स्टैंडर्ड - गन्ना किसानों को सस्ता कर्ज
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गन्ना किसानों को सस्ता कर्ज

सुशील मिश्र / मुंबई 07 19, 2017

महाराष्ट्र में जल संकट की एक बड़ी वजह गन्ने की खेती को माना जाता रहा है। ऐसे में राज्य सरकार गन्ना किसानों के बीच ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए दो फीसदी सालाना की दर से कर्ज मुहैया कराएगी। इस योजना के तहत प्रति हेक्टेयर 85,400 रुपये का कर्ज दिया जाएगा। सरकार ने अगले दो साल में तीन लाख पांच हजार हेक्टेयर गन्ना खेती को सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गन्ने की खेती बंद तो नहीं की जा सकती है लेकिन सिंचाई पद्धति को सही करके हम सिंचाई में लगने वाले पानी की मात्रा 60 से 70 फीसदी तक कम जरूर कर सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार, बैंक और चीनी मिल मालिकों ने मिलकर योजना तैयार की है। 
 
नाबार्ड लंबी अवधि के लिए किसानों को कर्ज मुहैया कराएगा। राज्य सहकारी बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक किसानों को इस कर्ज का वितरण करेंगे। केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के मुताबिक प्रति हेक्टेयर 85,400 रुपये का सस्ता कर्ज मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए नाबार्ड राज्य के श्रेष्ठ सहकारी बैंकों को 5.50 फीसदी की दर से कर्ज देगा, जिससे राज्य के शीर्ष सहकारी बैंक 6 फीसदी की दर से जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को कर्ज देंगे और राज्य के जिला सहकारी बैंक किसानों को 7.25 फीसदी की दर से कर्ज मुहैया कराएंगे। लेकिन कर्ज का नियमित भुगतान करने पर राज्य सरकार 4 फीसदी और चीनी मिल 1.25 फीसदी ब्याज भरेंगे और बाकी दो फीसदी ब्याज का भुगतान किसानों को करना होगा। 
 
महाराष्ट्र सरकार द्वारा मंजूर की गई इस योजना के तहत सामूहिक सिंचाई योजना को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत 2017-18 में 1.50 लाख हेक्टेयर और 2018-19 में 1.55 लाख हेक्टेयर गन्ने के रकबे को इस दायरे में लाया जाएगा। सूक्ष्म सिंचाई योजना को लागू करने और खेतों एवं इलाके को चिह्निïत करने के लिए अपर मुख्य सचिव (वित्त) की अध्यक्षता में एक समिति की स्थापना की गई है। राज्य में गन्ने का सामान्य रकबा 9.42 लाख हेक्टेयर है। एक सर्वेक्षण के मुताबिक एक किलो चीनी बनाने पर करीब ढाई हजार लीटर पानी खर्च होता है और महाराष्ट्र की पांच फीसदी कृषि भूमि पर गन्ने की खेती होती है, जिसमें राज्य का करीब 70 फीसदी पानी लग जाता है।
Keyword: sugar, चीनी सीजन, गन्ने की खेती,
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