बिजनेस स्टैंडर्ड - जीएसटी के लिए जद्दोजहद
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जीएसटी के लिए जद्दोजहद

सुदीप्त दे /  July 16, 2017

नई कर व्यवस्था के लागू होने के दो सप्ताह हो चुके हैं लेकिन कारोबारी अब भी अनुपालन जरूरतों और कीमत संबंधी जटिलताओं से जूझ रहे हैं। आइये प्रमुख सीख और गलतियों पर गौर करते हैं...

नोएडा की एक मझोले आकार की विनिर्माण कंपनी के वरिष्ठï वित्तीय पेशेवर सिद्धार्थ नियोगी और उनकी टीम के कामकाज की रफ्तार पिछले दो सप्ताह से धीमी पड़ गई है। कंपनी के सिस्टम्स विभाग के आईटी पेशेवरों की टीम कुछ बाहरी कर सलाहकारों के साथ मिलकर चीजों को दुरुस्त करने की कोशिश कर रही है। उनका काम है सभी आईटी सिस्टम्स और प्रॉसेस को जीएसटी के अनुकूल ढालना जो काफी बड़ा दिख रहा है।
कंपनी के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा कि यह काफी खतरनाक स्थिति है: 'हमारे जैसे कई कारोबारियों ने सॉफ्टवेयर का परीक्षण पूरा नहींं किया क्योंकि हम उम्मीद कर रहे थे कि सरकार इसके कार्यान्वयन को टाल सकती है।'
कंपनी ने अब मैनुअल इनवॉइसिंग को रीस्टोर कर लिया है जिसे बाद में अपलोड कर दिया जाएगा।
वर्गीकरण तमाम कंपनियों के लिए एक अन्य प्रमुख समस्या है। एक कर सलाहकार ने बताया कि पहले की कर व्यवस्था के तहत अधिकांश मामलों में शुल्क दरें 12.5 फीसदी के दायरे में होती थीं और इसलिए शुल्क दरों के गलत वर्गीकरण में कोई राजस्व निहितार्थ नहींं होता था। हालांकि अब वह मामला नहीं है। गलत वर्गीकरण करने पर कर अधिकारियों द्वारा जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
इसके अलावा गैर-पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से खरीदारी करने के लिए रिवर्स चार्ज ढांचा (आरसीएम) मामले में स्पष्टïता के अभाव से भी सोर्सिंग को झटका लग सकता है। हालांकि अधिकतर कंपनियां इस मुद्दे पर नहीं बोलना चाहतीं लेकिन कर सलाहकारों ने इसकी पुष्टिï की है।  कंपोजिशन लेवी स्कीम से छोटे कारोबारियों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन उद्योग के जानकारों का कहना है कि इसमें भी कई शर्तें हैं। हीरेगंगे ऐंड एसोसिएट्ïस के पार्टनर मधुकर एन हीरेगंगे ने कहा, 'कारोबारियों के लिए मार्जिन अधिक नहीं होगा खासकर व्यापार के वितरण हिस्से में।' इसके अलावा कारोबार को नए सिरे से संचालित करने की भी जरूरत होगी। करयोग्य और गैर-जीएसटी आपूर्ति वाले कारोबार- अस्पताल, शिक्षण संस्थान, पेट्रोल पंप आदि- को व्यापक अनुपालन से बचने के लिए कारोबार को अलग इकाइयों में बांटकर खुद को नए सिरे से संरचित करना होगा।
दिल्ली के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट पल्लव प्रद्युम्न नारंग ने कहा, 'हम यह देख रहे हैं कि चीजों को आसान बनाने के लिए आपूर्तिकर्ता वस्तु एवं सेवा कर से छूट वाली वस्तुओं को करधान वाले सामान से अगल कर रहे हैं, लेकिन इससे उनके कुल कर बोझ में कमी नहीं आएगी।'  किसी कंपनी के शेयरों का हस्तांतरण उसकी सहायक इकाइयों को करने पर भी जीएसटी दायित्व बनता है। ऐसे में कारोबारी लेनदेन के लिए कोई ऐसा ढांचा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि शेयरों के इस प्रकार का हस्तांतरण कम से कम हो।
बीएमआर ऐंड एसोसिएट्ïस के लीडर (अप्रत्यक्ष कर) राजीव डिमरी ने कहा, 'प्रत्येक राज्य में कारोबारी जगह को जीएसटी के तहत अलग पंजीकरण के साथ एक अलग व्यक्ति के रूप में देखा गया है, इसलिए कारोबारी अपनी खरीदारी को हरसंभव विकेंद्रीकृत करने की कोशिश कर रहे हैं।'
विशेषज्ञों का कहना है कि इन्वेंटरी के लिए इस प्रकार की अपूर्ण योजना के कई मामले दिख सकते हैं। उद्योग खिलाडिय़ों का कहना है कि विशेष तौर पर परिवहन क्षेत्र के कारण शुरुआती दिनों में आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई। परिवहन क्षेत्र के कारोबारी कर जटिलताओं से काफी हद तक अनभिज्ञ थे और इसलिए खेप स्वीकार करने में कहीं अधिक सतर्क दिख रहे थे।

Keyword: GST, business, tax,
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