बिजनेस स्टैंडर्ड - व्हाइट हाउस में डॉनल्ड ट्रंप यानी सबसे खराब सीईओ
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, November 23, 2017 07:27 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विशेष खबर

व्हाइट हाउस में डॉनल्ड ट्रंप यानी सबसे खराब सीईओ

जिंदगीनामा
कनिका दत्ता /  July 13, 2017

अपने पिता को मुश्किल हालात में डालने वाला एक नासमझ बड़ा बेटा, व्लादीमिर पुतिन के साथ करीबी संपर्क रखने वाले एक रूसी वकील को लेकर पैदा हुआ विवाद और प्लेबॉय पत्रिका के पत्रकार से संगीतकार बने शख्स का रूसी सत्ता केंद्र क्रेमलिन के साथ शीर्ष स्तर पर संबंध। अगर अमेरिकी टीवी सीरीज 'हाउस ऑफ काड्र्स' के पटकथा लेखकों को अपने नए सीजन के लिए कहानी चाहिए तो उन्हें इन घटनाओं से काफी मसाला तैयार मिल सकता है। लेकिन डॉनल्ड ट्रंप की गुस्ताखियों की खुलकर या गुपचुप तरीके से तारीफ करने वाले कारोबारी दिग्गज भी पांच महीनों के उनके कार्यकाल को देखने के बाद सावधानी की मुद्रा में आ गए होंगे।

 
आनंद महिंद्रा ने गत फरवरी में नैसकॉम के वार्षिक सम्मेलन में कहा था, 'सच तो यह है कि अमेरिका को फिर से महान बनाने की उनकी नीति निवेश के लिहाज से अमेरिका को बेहद शानदार स्थल के रूप में तब्दील करने जा रही है।' वास्तविकता तो यह है कि ट्रंप के शासन की शैली ने कारोबारी दुनिया की असलियत को बेहद खराब तरीके से सामने ला दिया है। अगर ट्रंप किसी भी सूचीबद्ध कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) होते तो शुरुआती पांच महीनों में उनके प्रदर्शन को देखने के बाद निदेशक मंडल उन्हें बर्खास्त करने का फरमान सुना चुका होता। आखिर कितने निदेशक मंडलों ने एक ऐसे सीईओ का बर्दाश्त किया होता जिसके शुरुआती महीने इन घटनाओं से भरे रहते? अपने घोषित एजेंडा को पूरा कर पाने में नाकामी, अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में अपनी पार्टी का बहुमत होने के बावजूद कोई भी महत्त्वपूर्ण कानून पारित कराने में नाकाम रहना, लगातार अशोभनीय ट्वीट संदेशों के जरिये एक के बाद एक विवाद पैदा करना, न्यायपालिका, जांच एजेंसियों, प्रेस और यूरोपीय मित्रों के साथ खुले विवाद में पड़ जाना, अपने राजनीतिक विरोधी के साथ टकराव के लिए अपने ही चुनावी अभियान की जांच कराने के लिए राजी होना और लगातार झूठ बोलने वाले शख्स के तौर पर अपनी पहचान बनाना। यह ट्रंप के शुरुआती कार्यकाल की खासियत रही है।
 
अगर अमेरिकी जनता के बीच राष्ट्रपति की स्वीकार्यता संबंधी रेटिंग को एक कंपनी के शेयर मूल्य के तौर पर देखा जाए तो ट्रंप ने अंशधारकों की पूंजी को काफी नुकसान पहुंचाया है। अगर ट्रंप के अब तक के कार्यकाल से कोई बात परिलक्षित होती है तो वह कॉर्पोरेट जगत में अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों और मूल्यों को एक देश चलाने में इस्तेमाल करना ही है। निजी संपत्ति या शेयरधारकों को बढ़ाने में सफल होने वाली प्रतिभाएं भी सार्वजनिक कल्याण को अधिकतम स्तर पर ले जाने में हमेशा सक्षम नहीं हो पाती हैं। इस संदर्भ में ट्रंप कोई अनूठे विचारक नहीं हैं। एचपी की कार्ली फियोरिना से लेकर मेग व्हाइटमैन (ईबे के पूर्व प्रमुख) और बेन कैपिटल के पूर्व सीईओ मिट रोमनी तक कई कॉर्पोरेट दिग्गज कंपनी प्रबंधन की तरकीबों को सार्वजनिक जीवन में भी लागू करने की सोच से प्रभावित हो चुके हैं।
 
वैसे रोमनी के पास राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश करने लायक अधिक सम्मानजनक वजह भी थी। राष्ट्रपति चुनाव लडऩे के पहले वह मैसाच्युसेट्स के गवर्नर के रूप में अच्छा-खासा नाम कमा चुके थे। गवर्नर के तौर पर उनकी सबसे बड़ी कामयाबी स्वास्थ्य बीमा सुधारों को लागू करने की थी। बाद में उसी योजना को आधार बनाकर बराक ओबामा ने अपना स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम भी पेश किया था। ओबामा और उनकी टीम ने वर्ष 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में चुनौती दे रहे रोमनी को इस कानून का श्रेय भी दिया था लेकिन खुद रोमनी ने इससे अपने आप को अलग करने की पूरी कोशिश की थी। इसकी वजह यह थी कि स्वास्थ्य सुधारों का श्रेय लेना उनकी रिपब्लिकन पार्टी की कारोबार-समर्थक एवं मुक्त बाजार संबंधी नीतियों के खिलाफ होता। (यही वजह है कि सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी ओबामाकेयर को पलटने की कोशिश कर रही है।)
 
ट्रंप अमेरिका की बदतरीन रवायतों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनका असूचीबद्ध एवं पारिवारिक संचालन वाला रियल एस्टेट और इवेंट मैनेजमेंट कारोबार पहले से ही संदिग्ध रहा है और प्रबंधन के अपरिष्कृत तौर-तरीकों के लिए चर्चित रहा है। ट्रंप सरकार के स्तर पर होने वाली वार्ताओं की तुलना कारोबारी सौदों से करते हैं। उनकी तकनीक रियलिटी एवं इवेंट मैनेजमेंट कारोबार में कारगर हो सकती है लेकिन राजनीति में एजेंडा शायद ही कभी पूरी तरह साफ होता है और उसमें हमेशा गुंजाइश बनी रहती है। जैसे, सऊदी अरब और कतर दोनों ही देशों को अमेरिकी हथियारों की बिक्री का सौदा हथियार कंपनियों के शेयर मूल्य के लिहाज से बड़ी उपलब्धि हो सकती है लेकिन इससे पश्चिम एशिया में शांति स्थापना को गहरी चोट भी पहुंच सकती है। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इस पहलू पर ध्यान नहीं दिया और अब सऊदी अरब एवं कतर के बीच गतिरोध बढऩे से उपजे हालात को संभालने की जद्दोजहद में लगा हुआ है।
 
परिवार के नियंत्रण में किसी कारोबारी साम्राज्य को खड़ा करना कॉर्पोरेट जगत में तो स्वीकार किया जा सकता है लेकिन ट्रंप ने राष्ट्रपति के तौर पर भी अपने परिवार के सदस्यों को उन भूमिकाओं में रखा है जो सीधे तौर पर संसद के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। उनकी बेटी व्हाइट हाउस में सलाहकार की अस्पष्ट भूमिका में हैं। कुछ उसी तरह की भूमिका में उनके दामाद भी हैं जो न केवल अपने रियल एस्टेट कारोबार का कबाड़ा कर चुके हैं बल्कि विदेश नीति के मोर्चे पर एक त्रासदी ही साबित हो रहे हैं। ट्रंप के बेटे ने भी अपने ई-मेल को सार्वजनिक कर खासा नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप टावर में बैठा एक अनैतिक कारोबारी तो कुछ खतरे ही पैदा करता है लेकिन व्हाइट हाउस में बैठा एक सिद्धांत-विहीन कारोबारी पूरी दुनिया के लिए बड़ा बोझ है।
Keyword: america, ट्रंप, आईटी, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 पेमेंट बैंक में प्रतिस्पर्धा होगी ग्राहकों के लिए फायदेमंद?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.