Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, September 26, 2017 05:49 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम निवेश खबर

खूब चमकेगा स्वर्ण आयात

राजेश भयानी / मुंबई July 09, 2017

मात्रा के मामले में भारत का स्वर्ण आयात 2017 के पूर्वाद्र्ध में 2016 के संपूर्ण आयात को पार कर गया है। जीएफएमएस थॉमसन रॉयटर्स द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2016 में भारत ने 510 टन सोने का आयात किया था, जबकि जनवरी-जून 2017 की अवधि के दौरान 521 टन सोने का आयात किया गया है।  वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार 2016 में मूल्य के रूप में सोने का आयात 23 अरब डॉलर था और उद्योग का अनुमान है कि इस साल जून तक यह 22.2 अरब डॉलर रहा है। अगर उद्योग के अनुमान को मानें तो पिछले पांच सालों में 709 टन के औसत आयात के मुकाबले इस साल स्वर्ण आयात 900 टन रहने की संभावना है और मूल्य के रूप में 2017 में यह स्वर्ण आयात 40 अरब डॉलर का स्तर पार करने का अनुमान है। अगर ये अनुमान सच साबित होते हैं तो 2012 के बाद से यह सबसे अधिक मूल्य का स्वर्ण आयात होगा।
 
उद्योग के सूत्रों का अनुमान है कि सोने की मंद कीमतें, नोटबंदी के बाद नकदी की कमी, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का तीन प्रतिशत पर रहना, किसानों की ऋण माफी, अच्छे मॉनसून के पूर्वानुमान से ग्रामीण उपभोग में इजाफे की संभावना, हीरे की मांग को सोने द्वारा प्रतिस्थापित करने की संभावना और केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी जैसे कारक आने वाले महीनों में सोने की मांग को प्रोत्साहित करेंगे।
 
सोने के अलावा 2017 के पहले छह महीनों में चांदी का आयात भी बढ़कर 3,050 टन हो गया, जबकि 2016 में पूरे वर्ष के दौरान चांदी का आयात 3,546 टन था। चांदी का आयात कीमत के प्रति अधिक संवेदनशील रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के मुकाबले पिछली तिमाही में चांदी की कीमतों में तेजी से आई गिरावट के कारण ही आयात में बढ़ोतरी हो सकी है।
 
नवंबर 2016 में सरकार द्वारा 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा के बाद सोने की मांग बढ़ गई और इसके बाद भी कीमत कम होने की वजह से मांग मजबूत बनी रही। इसमें कीमती धातुओं पर ऊंचे जीएसटी के डर का भी योगदान रहा। हालांकि कारीगरों और जौहरियों के पुन: एकजुट होकर काम करने तक निकट भविष्य में सोने और आभूषणों पर जीएसटी से खेल बिगाड़ा हो सकता था। कई जौहरियों ने सोने का आयात इसलिए किया ताकि वे आधिकारिक रूप से आयातित सोने से अपने बेहिसाबी सोने की भरपाई कर सकें, इसे जीएसटी के लागू होने पर बहीखातों में दिखा सकें और जीएसटी से पहले अपने बेहिसाबी सोने से बने गहनों की बिक्री कर सकें। जून तक दुकानें काफी व्यस्त रहीं हैं।
 
जीएफएमएस थॉमसन रॉयटर्स में प्रमुख सलाहकार सुधीश नांबियत के अनुसार, बड़े आभूषण विनिर्माताओं को मासिक औसत के मुकाबले अप्रैल से जून के दौरान मात्रा में बढ़ोतरी नजर आई है। निवेश मांग भी मजबूत हुई है क्योंकि नकदी को सोने के रूप में रखने में दिलचस्पी बढ़ी है। कई लोगों का मानना रहा है कि जीएसटी के बाद ऐसा करना मुश्किल हो सकता था। हमारा अनुमान है चौथी तिमाही में शादी संबंधी मांग का कम से कम एक-तिहाई को पहले ही पूरा कर लिया गया है। इसका अर्थ यह है कि पिछले कुछ महीनों में मांग में जो इजाफा हुआ है, वह उस मांग का हिस्सा है जो भविष्य में होनी थी।
 
सामान्य तौर पर अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में त्योहारी सीजन की मांग के कारण काफी व्यस्तता रहती है। इसके साथ ही अच्छे मॉनसून के बाद किसानों की बढिय़ा आमदनी से कृषि पर केंद्रित सोने की मांग का भी इस पर प्रभाव रहता है। परंपरागत रूप से ऐसा ही होता रहा है। हालांकि इस अवधि के दौरान वाली मांग का एक हिस्सा जीएसटी की शुरुआत से पहले अग्रिम रूप से निपटा लिया गया है। इंडियन बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा कि तीन प्रतिशत के जीएसटी के बावजूद सोने की अच्छी मांग बनी रहेगी। अगले छह महीनों में स्वर्ण आयात 400-500 टन हो सकता है क्योंकि हीरे जैसे कीमती नगों की मांग सोने की ओर स्थानांतरित हो सकती है।
Keyword: gold,सराफा बाजार, आभूषण,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या अर्थशास्त्रियों की नई टीम विकास को दे पाएंगे रफ्तार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.