Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, September 26, 2017 04:25 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम अर्थव्यवस्था खबर

टिकाऊ उपभोक्ता सामान के नहीं बढ़ेंगे दाम!

एजेंसियां / मुंबई July 02, 2017

वस्तु एवं सेवा (जीएसटी) प्रणाली के तहत टिकाऊ उपभोक्ता सामान उद्योग को सर्वाधिक 28 फीसदी कर वर्ग में शामिल किए जाने के बावजूद इस उद्योग ने कीमतों में मामूली बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। इसकी वजह यह है कि इस क्षेत्र के उद्यमी आगामी महीनों के दौरान त्योहारी सीजन को मद्देनजर रखते हुए कीमतों में इजाफा नहीं करना चाहते हैं। टिकाऊ उपभोक्ता सामान की कुल सालाना बिक्री में 35 बिक्री त्योहारी सीजन के दौरान होती है। बीएसएच हाउसहोल्ड अप्लायंसेज के एमडी गुंजन श्रीवास्तव ने कहा, 'मेरा मानना है कि लघु और मध्य अवधि में फंडामेंटल नहीं बदलेंगे। टिकाऊ उपभोक्ता सामान उद्योग पर 28 फीसदी कर लगाया गया है, जो इस उद्योग पर पहले के कर भार की तुलना में ज्यादा है। लेकिन इसके बावजूूद मुझे नहीं लगता कि आने वाले महीनों में कीमतों में कोई भारी बढ़ोतरी होगी।'
 
पहले इस क्षेत्र पर कर की दर करीब 25 से 27 फीसदी थी, जिसे जीएसटी के तहत बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि कीमतें कम से कम शुरुआती अवधि में स्थिर रहेंगी। त्योहारी सीजन नजदीक आ रहा है, इसलिए उद्योग कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखेगा।' गोदरेज अप्लायंसेज के कारोबार प्रमुख कमल नंदी का अनुमान है कि कीमतों में 1 से 2 फीसदी बढ़ोतरी होगी, जिसका अल्पावधि में मांग पर असर पड़ सकता है। हालांकि उनका मानना है कि त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'ग्राहकों की बदलती जीवनशैली से होम अप्लायंस जरूरत बन गए हैं।' नंदी ने कहा, 'हमारा अनुमान है कि जीएसटी के तहत 28 फीसदी कर से होम अप्लायंस की उपभोक्ता कीमत में 1 से 2 फीसदी वृद्धि होगी। इसका अल्पावधि में मांग पर असर पड़ेगा।' उन्होंने कहा, 'सामान्य मॉनसून और उससे कृषि अर्थव्यवस्था के मजबूत होने और सरकारी कर्मचारियों के भत्तों में इजाफे से आगामी त्योहारी सीजन में मांग में बढ़ोतरी होगी।' पैनासोनिक इंडिया के मुख्य वित्त अधिकारी मनीष गुप्ता ने कहा कि उनका मानना है कि चुनिंदा श्रेणियों में कीमतें बढ़ेंगी। उन्होंने कहा, 'हमारा अनुमान है कि कंपनियों से खुदरा विक्रेताओं को बिक्री जुलाई के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी।'
 
 
विमान यात्रा के लिए देना होगा पूरा ब्योरा
 
विमान यात्रा का टिकट खरीदने वाली कंपनियों को जीएसटी के तहत कर लाभ लेने के लिए विमानन कंपनी को अपने जीएसटी पंजीकरण की पूरी जानकारी देनी होगी। जीएसटी में हवाई टिकट पर इनपुट कर क्रेडिट का प्रावधान है। एयर इंडिया, जेट एयरवेज और विस्तारा ने इस बारे में यात्रियों को पहले ही सूचित कर दिया है। प्रथम श्रेणी और उच्च श्रेणी के टिकटों पर 12 फीसदी और इकनॉमी श्रेणी के टिकटों पर 5 फीसदी जीएसटी का प्रावधान है।
 
बिजनेस श्रेणी की सीटों की पेशकश करने वाली घरेलू एयरलाइंस एयर इंडिया, जेट एयरवेज और विस्तार ने इस बारे में यात्रियों को पहले ही सूचित कर दिया है कि इस लाभ को लेने के लिए जीएसटी-आईएन का ब्योरा देना होगा। जीएसटी पहचान नंबर उन इकाइयों को जारी किया गया है जो नई कर व्यवस्था के तहत पंजीकृत हैं। जेट एयरवेज ने यात्र्ाियों को भेजी सूचना में कहा है कि बिजनेस श्रेणी में यात्रा करने वाले लोगों को बुकिंग के समय कंपनी का जीएसटी ब्योरा देना होगा।
 
एचयूएल: घटाए अपने कुछ उत्पादों के दाम
 
एफएमसीजी क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन के बाद अपने कुछ डिटर्जेंट और साबुन के दामों में कटौती की है। कंपनी ने जीएसटी में मिले कर लाभ का फायदा ग्राहकों को देने का फैसला किया है। कंपनी ने अपने डिटर्जेंट साबुन रिन बार (250 ग्राम) का दाम 18 से घटाकर 15 रुपये कर दिया है। सर्फ एक्सेल बार का दाम 10 रुपये ही रखा गया है लेकिन इसका वजन 95 ग्राम से बढ़ाकर 105 ग्राम कर दिया गया है। इसी तरह कंपनी डव बाथिंग बार पर 33 फीसदी अतिरिक्त की पेशकश कर रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, 'हिंदुस्तान यूनिलीवर ने पहले ही कहा था कि वह कर दरों का शुद्ध फायदा ग्राहकों को देगी।' कंपनी मुख्य रूप से व्हील, रिन, सर्फ एक्सेल, कम्फर्ट, सनलाइट, विम, डोमेक्स तथा होमकेयर खंड में लक्स, लिरिल, हमाम, सनसिल्क, रेक्सोना, लाइफबॉय, डव और पीयर्स जैसे ब्रांडों की बिक्री करती है।      
 
होटल, यात्रा क्षेत्र को जीएसटी से शुरू में हो सकती है दिक्कतें
 
देश के होटल और यात्रा उद्योग को आशंका है कि जीएसटी के शुरुआती महीनों में कुछ मुद्दे पैदा होंगे। हालांकि इन उद्योगों को उम्मीद है कि उन्हें सरकार का समर्थन मिलेगा और वे इसे लेकर अधिक चिंतित नहीं हैं। ट्रैवल सेवा कंपनियों का कहना है कि जीएसटी के अनुपालन और फाइलिंग में विभिन्न स्तरों पर जटिलताओं की वजह से इसमें अधिक समय लगेगा और ज्यादा मेहनत करनी होगी। होटल उद्योग का कहना है कि सरकार को सिर्फ एक रात के लिए 10,000 रुपये किराए वाले कमरों को ही सबसे ऊंची 28 फीसदी की कर स्लैब में रखना चाहिए। ओयो रूम्स के संस्थापक एवं सीईओ रितेश अग्रवाल ने कहा कि अनुपालन और क्रियान्वयन में कई चुनौतियां आएंगी। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या अर्थशास्त्रियों की नई टीम विकास को दे पाएंगे रफ्तार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.