Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, July 23, 2017 06:04 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम अर्थव्यवस्था खबर

जीएसटी व्यवस्था से संबंधित महत्त्वपूर्ण सवाल-जवाब

बीएस संवाददाता /  July 02, 2017

देश नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू हो गई है लेकिन कारोबारियों एवं लोगों के बीच इसे लेकर अब भी उलझन दिख रहा है। आइये इससे संबंधित प्रमुख सवाल पर गौर करें...

 
पंजीकरण
 
कर के दायरे में आने वाले एक व्यक्ति का कारोबार कई राज्यों में है। सभी आपूर्ति 10 लाख रुपये से कम ही है। वह एक राज्य से दूसरे राज्य में आपूर्ति करता है। क्या उसे पंजीकरण कराना होगा?
 
अगर पूरे देश भर में उनका कारोबार 20 लाख रुपये से ज्यादा है या वह अंतरराज्यीय स्तर पर आपूर्ति करता है जो उसे पंजीकरण कराना होगा।
 
क्या हम अस्थायी जीएसटीआईएन का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर हमें नया जीएसटीआईएन लेना चाहिए? जब तक नया जीएसटीआईएन जारी नहीं होता तब तक अस्थायी जीएसटीआईएन का इस्तेमाल कर सकते हैं?
 
90 दिनों के भीतर अस्थायी जीएसटीआईएन को अंतिम जीएसटीआईएन में बदलना चाहिए। अस्थायी जीएसटीएन का इस्तेमाल तभी हो जब अंतिम जीएसटीआईएन न जारी हो जाए। पीआईडी और अंतिम जीएसटीआईएन भी समान ही होगा।
 
विभिन्न राज्यों में काम करने वाले सिविल ठेकेदारों को सभी राज्यों के लिए अलग पंजीकरण कराना होगा या फिर राज्य के मुख्य कार्यालय में एक ही पंजीकरण काफी होगा?
सेवाओं के आपूर्तिकर्ता को उस लोकेशन पर पंजीकरण कराना होगा जहां वह सेवाएं दे रहा है। 
 
कुल कारोबार में आपूर्ति की राशि भी शामिल है जिस पर रिवर्स चार्ज के तहत प्राप्तकर्ता को कर का भुगतान करना है?
 
प्राप्तकत्र्ता द्वारा रिवर्स चार्ज आधार पर बाहरी आपूर्ति के लिए जिस कर का भुगतान किया जाएगा वह आपूर्तिकर्ता के कुल कारोबार में  शामिल होगा।
 
अगर किराए से मिलने वाली आमदनी 20 लाख रुपये तक है तो उस पर जीएसटी लगेगा या कोई अन्य शुल्क?
 
अगर कुल कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक है तो उस पर जीएसटी लगेगा (10 लाख रुपये 11 विशेष श्रेणी वाले राज्यों में।) कुल आपूर्ति की गणना करने के लिए आपके द्वारा किए गए कुल आपूर्ति कारोबार को जोड़ा जाएगा।
 
अगर कोई शून्य फीसदी जीएसटी वस्तुओं (अनाज दालें) का कारोबार करता है तो फिर  जीएसटी के लिए पंजीकरण की जरूरत होगी अगर कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक होगा? 
 
अगर कोई 100 फीसदी छूट वाली वस्तुओं के कारोबार से जुड़ा है तो कारोबार का स्तर कितना भी हो उसमें पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी। 
 
कारोबार 20 लाख रुपये से कम है तो अगर मैं स्वैच्छिक तौर पर पंजीकरण कराता हूं तो क्या मुझे पंजीकरण करने के बाद पहली आपूर्ति से ही कर का भुगतान करना होगा?
हां, आपको एक सामान्य करदाता माना जाएगा
 
जीएसटी में पंजीकरण कराने के लिए मुझे कितना इंतजार करना होगा?
 
जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है उन्हें पंजीकरण कराने की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपने पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करनी होगी।
 
रिफंड
 
सेवा कर में मेरा निर्यात रिफंड लंबित है। उसका क्या होगा?
 
पिछले कानून के तहत लंबित रिफंड संबंधित कानून के तहत ही जारी किए जाएंगे।
 
एक निर्यातक के रूप में मैं कैसे आश्वस्त रहूं कि रिफंड के रूप में मेरी पूंजी को रोका नहीं जाएगा?
 
पंजीकरण फाइल करने के सात दिनों के भीतर तात्कालिक आधार पर 90 फीसदी रिफंड आवंटित करने के लिए इस कानून में उपयुक्त प्रावधान किए गए हैं।
 
कंपोजिशन स्कीम
 
मान लीजिए कि मैं जीएसटी के तहत कंपोजिशन स्कीम में हूं। यदि मैं किसी गैर-पंजीकृत व्यक्ति से सामान खरीदता हूं तो क्या सरकार को जीएसटी का भुगतान हो पाएगा?
हां, गैर-पंजीकृत व्यक्ति से आपूर्ति के लिए रिवर्स चार्ज के आधार पर कर भुगतान का आपका दायित्व होगा।
 
सीमा शुल्क
 
वस्तुओं के आयात पर किस प्रकार का कर दायित्व होगा?
 
सीमा शुल्क और उस पर लागू होने वाले उपकर के साथ-साथ आईजीएसटी और जीएसटी प्रतिपूर्ति उपकर देय होगा। आईजीएसटी और जीएसटी प्रतिपूर्ति उपकर का भुगतान आयातित वस्तुओं के मूल्य पर सभी सीमा शुल्क एवं सीमा शुल्क उपकर को जोडऩे के बाद किया जाएगा।
 
निर्यात
 
क्या एसईजेड के लिए छूट बरकरार रहेगी? जीएसटी व्यवस्था के तहत एसईजेड के लेनदेन किस प्रकार किए जाएंगे? 
 
एसईजेड को होने वाली आपूर्ति को शून्य-दर वाली आपूर्ति के दायरे में रखा गया गया है जिसे आईजीएसटी ऐक्ट की धारा 16 में परिभाषित किया गया है।
 
एसईजेड से वस्तुओं के निर्यात होने पर आईजीएसटी का भुगतान कौन करेगा?
 
इस प्रकार की आपूर्ति को आयात के दायरे में रखा गया है। इसके लिए शुल्क भुगतान की मौजूदा प्रक्रिया जारी रहेगी लेकिन सीवीडी की जगह आईजीएसटी देय होगा।
 
इनपुट टैक्स क्रेडिट
 
क्या राजस्थान से खरीदारी करने पर आपूर्तिकर्ता से वसूला गया राजस्थान एसजीएसटी का इस्तेमाल मध्य प्रदेश में एसजीएसटी के भुगतान के लिए किया जा सकता है?
 
किसी राज्य के एसजीएसटी का इस्तेमाल अन्य राज्य के आउटपुट कर दायित्व के भुगतान में नहीं किया जा सकता है।
 
गैर-पंजीकृत आपूर्तिकर्ता से क्रेडिट/डेबिट नोट की जानकारी जीएसटीएन और आईटीसी दावों में किस प्रकार दी जाएगी?
 
इनवॉइस की ही तरह किसी गैर-पंजीकृत व्यक्ति के बदले केवल पंजीकृत व्यक्ति द्वारा क्रेडिट/डेबिट नोट दिया जाएगा। प्रापक द्वारा उसकी रिपोर्टिंग के लिए जीएसटीआर2 मुहैया करा गया है।
 
आपूर्ति
 
क्या छोटे-मोटे लेनदेन के सभी रिवर्स चार्ज के लिए हमें जीएसटी दायित्व को नजरअंदाज करना चाहिए अथवा उसकी कोई सीमा है?
 
ऐसा निर्णय लिया गया है कि गैर-पंजीकृत व्यक्तियों से प्राप्त आपूर्ति के लिए रोजाना 5,000 रुपये तक की छूट होगी। लेकिन इससे अधिक रकम की आपूर्ति के लिए मासिक समेकित बिल तैयार करना पड़ेगा।
 
स्क्रैप के निपटान के लिए जीएसटी के तहत क्या व्यवस्था की गई?
 
यदि निपटान कारोबारी उद्देश्यों से किया जा रहा हो तो उसे आपूर्ति की श्रेणी में रखा जाएगा।
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या रिलायंस के मुफ्त फोन से अन्य कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.