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भारतीय कंपनियां तैयार, लेकिन छोटे उद्योगों को वक्त की दरकार

बीएस संवाददाता /  June 30, 2017

आजादी के बाद के सबसे बड़े कर सुधार- वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का आगाज 1 जुलाई से होगा। कंपनियों का कहना है कि वे नई कर कर प्रणाली को अपनाने के लिए तैयार हैं। असल में जीएसटी बहुत से केंद्रीय एवं राज्य शुल्कों को एक बिक्री कर और पूरे देश को एक सीमा शुल्क क्षेत्र में तब्दील कर देगा। इससे कारोबार करने की लागत कम होगी और भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि में सुधार होगा। 

 
हालांकि इस नए कर को उपयोगी और अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा बताया जा रहा है, लेकिन विभिन्न उत्पादों एवं सेवाओं पर कर के इस ढांचे में कुछ समस्याएं हैं। बड़ी कंपनियों के लिए चिंता का विषय उद्योग द्वारा अपने स्टॉक को खत्म करना है, लेकिन बिज़नेस स्टैंडर्ड ने जिन उपभोक्ता सामान, वाहन एवं दवा कंपनियों के साथ बात की, उनका कहना है कि आने वाले महीनों में ये दिक्कतें दूर हो जाएंगी। हालांकि लघु एवं मझोले उद्योगों (एसएमई) ने अभी जीएसटी की बारीकियां नहीं समझी हैं और इस बात के आसार हैं कि निर्धारित समय तक नई कर प्रणाली का पालन नहीं कर सकने की वजह से जुलाई में उनके कारोबार पर असर पड़ेगा। 
 
जीएसटी पर एसएमई के साथ काम कर चुके ग्रांट थॉर्टन इंडिया में पार्टनर कृष्णन अरोड़ा कहते हैं, 'आम धारणा यह थी कि सरकार जीएसटी लागू करने की तिथि को आगे बढ़ाएगी।' वह कहते हैं, 'मगर विधायी और नियमों को अंतिम रूप दिए जाने के दौरान आई दिक्कतों के बावजूद यह योजना नहीं थी।' हालांकि इस मसले पर बड़ी कंपनियों का अलग नजरिया है। उनका कहना है कि जीएसटी पर पिछले कुछ समय से काम चल रहा था। हाल में एक चर्चा में गोदरेज समूह के चेयरमैन अदि गोदरेज ने कहा, 'मेरा मानना है कि जीएसटी को अंतिम रूप देने में सरकार ने शानदार काम किया है और वह इसे 1 जुलाई से लागू करने को लेकर प्रतिबद्ध रही। इस साल मॉनसून अच्छा रहने के आसार हैं, इसलिए अगर अगले वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दो अंकों में पहुंच जाए तो मुझे कोई अचंभा नहीं होगा।'टीवीएस मोटर्स के मुख्य कार्याधिकारी के एन राधाकृष्णन ने कहा, 'जीएसटी को लेकर हमारा आशावादी नजरिया है। इससे कारोबार करना ज्यादा सुगम होगा और हम इसका लाभ अपने ग्राहकों को पहुंचाएंगे।'
 
मारुति सुजूकी के मुख्य वित्त अधिकारी अजय सेठ ने कहा, 'यह बदलाव आसानी से हो, इसके लिए हम अपनी आपूर्ति शृंखला के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। शुरुआत में कुछ दिक्कतें आएंगी, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि नई कर प्रणाली में बदलाव को ठीक से संभाला जाए। हम अपने साझेदारों ये दिशानिर्देश दे रहे हैं कि कैसे पुराने और नए बिलों का कैसे प्रबंधन किया जाए।'
 
आरपीजी लाइफ साइंसेज के प्रबंध निदेशक सीटी रंगनाथन ने कहा, 'हमने 1 जुलाई से जीएसटी को लागू करने के लिए खुद को तैयार कर लिया है। शुरुआती कुछ दिनों में इसके बिल बनाने में देरी हो सकती है। हालांकि हम आंतरिक स्तर पर तैयार हैं। हम नहीं चाहते कि स्टॉक खत्म हो जाए, इसलिए हमने वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को वादा किया है कि उनके नुकसान की भरपाई के लिए के लिए उन्हें आवश्यक छूट दी जाएगी। इससे उन्हें हमारे उत्पादों का स्टॉक खत्म करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।'
 
वाहन कलपुर्जे बनाने वाली अग्रणी कंपनी मदरसन सूमी के मुख्य वित्त अधिकारी जीएन गौबा ने कहा, 'हमने इस बदलाव की योजना बना ली है और हम 1 जुलाई से नई व्यवस्था के हिसाब से कार्य करने को तैयार हैं। हमारे घरेलू कारोबार में काफी कम आपूर्तिकर्ता हैं और हम सभी तैयार हैं। कार्यशील पूंजी की जरूरत में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं।'
 
इस समूह की सहायक कंपनी मदरसन सूमी इन्फोटेक ऐंड डिजाइन्स ने उसे जीएसटी के लिए तैयार होने में मदद की है। इसके बावजूद कंपनियां किसी खामियों से बचने केा लिए सतर्क हैं। उदाहरण के लिए कोका कोला इंडिया की बोटलिंग इकाई हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरिज्स देशभर में अपने विरतकों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता-निर्माण कार्यक्रम चला रही है ताकि उन्हें जीएसटी से परिचित कराया जा सके। 
 
हिंदुस्तान कोका-कोला के 100 प्रशिक्षकों को 3-3 की टीमों में बांटा गया है। ये टीम कंपनी के 4,000 से ज्यादा वितरकों को प्रशिक्षित करने के लिए देशभर के विभिन्न हिस्सों में जा रही हैं। कंपनी का कहना है कि कनार्टक, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में 50 फीसदी विरतकों को अब तक प्रशिक्षित किया जा चुका है। वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी अशोक लीलैंड ने कहा कि विनिर्माताओं के उत्पादन एवं स्टॉक की जरूरतों को जीएसटी के मुताबिक बनाने के बावजूद फ्लीट ऑपरेटर ट्रक खरीदने के अपने फैसले को अभी टाल रहे हैं। इसलिए कंपनी का कहना है कि उद्योग के लिए लघु अवधि का परिदृश्य सामान्य है। 
 
(साथ में अर्णव दत्ता, अजय मोदी, अनीश फडणीस, शुभम पाराशर, टीई नरसिम्हन, करण चौधरी)
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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