Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, July 28, 2017 10:07 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम अर्थव्यवस्था खबर

कारोबारी विरोध से नए कर का स्वागत

अर्चिस मोहन / नई दिल्ली June 29, 2017

नरेंद्र मोदी सरकार को जुलाई और अगस्त में देशभर में कारोबारियों, लघु एवं मझोले उद्योगों (एसएमई) के मजदूरों, किसान समूहों और श्रमिक संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। एक कारोबारी संस्था भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने शुक्रवार को दिल्ली एवं अन्य महत्त्वपूर्ण कारोबारी केंद्रों सहित देशभर में दुकानें बंद रखने के 'प्रतीकात्मक' विरोध का आह्वान किया है। इस संस्था का दावा है कि वह देश में कारोबारियों और एसएमई की 17,000 संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करती है, जो वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में बदलावों की मांग को लेकर 30 जून को 'भारत बंद' रखेंगी। 
 
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल से जुड़ी कारोबारी संस्थाओं, विशेष रूप से कपड़ा क्षेत्र के एसएमई शुक्रवार से लागू हो रहे जीएसटी का पिछले एक सप्ताह से विरोध कर रहे हैं। मंडल के महासचिव विजय प्रकाश जैन ने कहा, 'जीएसटी प्रणाली और दरों को लेकर हमारी कई शिकायतें हैं। कुछ उत्पादों पर कर की दरें एसएमई के लिए घातक साबित होंगी।' अगर संस्था को यह लगा कि सरकार ने उनकी  मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया तो वह 6 जुलाई को अपनी कोर कमेटी की बैठक करेगी। हालांकि कारोबारियों की एक अन्य संस्था कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने विरोध प्रदर्शन से दूर रहने का फैसला किया है क्योंकि वह सरकार के साथ बातचीत के पक्ष में है।
 
सीएआईटी के प्रमुख प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, 'हमने हड़ताल का आह्वान नहीं किया है। जीएसटी प्रणाली नई है और इसमें अगले छह महीनों के दौरान सुधारों की गुंजाइश है। लेकिन सरकार को अन्य कारोबारी संस्थाओं द्वारा उठाए जा रहे मसलों का संज्ञान लेना चाहिए।' हालांकि किसानों और श्रमिक संगठनों का विरोध उससे कहीं ज्यादा लंबा और व्यापक हो सकता है, जो केंद्र की भाजपा की अगुआई वाली सरकार ने मई 2014 में सत्ता में आने के बाद अब तक झेला है। यह विरोध 2019 में लोकसभा चुनावों से पहले और तेज हो सकता है। सौ से ज्यादा किसान संगठन विरोध प्रदर्शन करने के साथ ही मध्य प्रदेश के मंदसौर से दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में आएंगे। गौरतलब है कि 6 जून को मंदसौर में ही पुलिस की गोलियों से छह किसानों की मौत हुई थी। किसान संगठनों ने 9 अगस्त को 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर राज्यों की राजधानियों और नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। 
 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े भारतीय मजदूर संघ के अलावा अन्य सभी केंद्रीय श्रमिक संगठनों की 8 अगस्त को दिल्ली में बैठक होनी है। ये श्रमिक संगठन एयरइंडिया जैसी सरकारी कंपनियों के विनिवेश और भारतीय रेलवे में निजीकरण समेत मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध की अपनी रणनीति बनाएंगे। कृषि क्षेत्र के संकट को उजागर करने के लिए 130 से अधिक किसान संगठनों के सहयोग से 3 जुलाई को मंदसौर से पदयात्रा शुरू होगी और 18 जुलाई को दिल्ली पहुंचेगी, जो संसद के मॉनसून सत्र का दूसरा दिन होगा। एक किसान नेता ने नाम न छापने का आग्रह करते हुए यह दावा किया कि आरएसएस समेत सभी राजनीतिक विचारधाराओं से संबद्ध कृषि संगठनों ने कृषि क्षेत्र की दिक्कतों को उजागर करने और स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए मिलकर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। 
 
लोक सभा के सदस्य और स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के प्रमुख राजू शेट्टी ने विरोध का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताई है। शेट्टी की पार्टी केंद्र में भाजपा की अगुआई वाली सरकार और महाराष्ट्र में सहयोगी है। इसके अलावा 3 जुलाई को नीति आयोग के बाहर भी विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई है। संसद का मॉनसून सत्र 17 जुलाई को शुरू होगा और यह 11 अगस्त तक चलेगा। विपक्ष किसानों के संकट, भीड़ द्वारा एक युवक को पीट-पीट कर मार डाले जाने और एसएमई पर जीएसटी के असर जैसे मसले उठा रहा है, इसलिए मॉनसून का सत्र हंगामेभरा रह सकता है। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या नए नियम से गोल्ड बॉन्ड में बढ़ेगा निवेशकों का आकर्षण?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.