बिजनेस स्टैंडर्ड - 'इस साल राजस्व अनुमान पर सकारात्मक रुख'
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, November 25, 2017 07:28 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम अर्थव्यवस्था खबर

'इस साल राजस्व अनुमान पर सकारात्मक रुख'

बीएस संवाददाता /  June 28, 2017

वस्तु एवं सेवा कर की शुरुआत 30 जून की मध्यरात्रि से हो जाएगी और राजस्व सचिव हसमुख अढिया ऐसे व्यक्ति हैं जिनसे देश के उद्योग और व्यापार के क्षेत्र से जुड़े सभी लोग बातचीत करना चाहते हैं। पेश है उनसे साक्षात्कार के कुछ अंश:

 
जीएसटी द्वारा अनुपालन रेटिंग सिस्टम की पेशकश कारोबार के लिए परेशानी का सबब नहीं है?
 
मैं यह बात फिर से दोहराता हूं कि जीएसटी में अनुपालन से जुड़ी परेशानी कम होगी। अंतिम खुदरा विक्रेता को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। एक कारोबार से दूसरे कारोबार के लिए भी प्रक्रिया सरल है। प्रत्येक कारोबार के लिए हर महीने की 10 तारीख को केवल एक रिटर्न दाखिल करना होगा जिसे वे एक्सल शीट से तैयार कर सकते हैं जिन्हें हमने अपनी वेबसाइट पर मुफ्त मुहैया कराया है। दूसरा और तीसरा रिटर्न भी उसी आधार पर होगा और उसमें तभी बदलाव करने की जरूरत होगी जब खरीदार और विक्रेता में कर भुगतान को लेकर कोई अंतर होगा। किसी सेवा या वस्तु के खरीदार को भी स्वत: ही इनपुट टैक्स क्रेडिट दिया जाएगा अगर वह कर भुगतान का दावा करता है। अगर विक्रेता रकम या कर बचाने को लेकर खरीदार के साथ असहमत हुआ तो एक महीने बाद सिस्टम की तरफ से जांच होगी। ऐसे अंतर के मामले में खरीदार को विक्रेताओं से संपर्क करना होगा और अगले 30 दिनों में इसका हल निकालना होगा। अगर इसके बावजूद भी विक्रेता कर दावे से इनकार करता है तो विभाग खरीदार को दिए गए क्रेडिट को बदल देगा। जैसे विभाग विक्रेता के पीछे रहेगा वैसे ही खरीदारों को भी यह सुनिश्चित करना है कि विक्रेता कर का भुगतान करता है। इस अनुपालन रेटिंग को सार्वजनिक किया जाएगा ताकि दूसरे कारोबारी भी उनके साथ सौदा करते वक्त सतर्क रहें। परस्पर बिलों के मिलान का प्रावधान भी है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आखिर जीएसटी को तरजीह क्यों दी गई। जीएसटी का विरोध इस अनिवार्यता की वजह से भी हो रहा है कि एक-दूसरे के अनुपालन पर निगाह रखनी है। लेकिन मुझे भरोसा है कि देश के उद्यमी धीरे-धीरे बदलाव करेंगे। 
 
कई ऐसे नए कारोबार है जो जीएसटी के साथ कर के दायरे में आएंगे। आप उनकी पिछली गतिविधियों का ब्योरा भी लेंगे?
 
अगर इस तंत्र में कोई नया व्यक्ति प्रवेश करता है तो हमें उसका स्वागत करना चाहिए। हमें उसके अतीत के पन्ने खोलने की जरूरत नहीं क्योंकि हम इसके बारे में नहीं जानते हैं और ऐसे में यह हमारे लिए एक नया कारोबार है। उसका जो भी कारोबार है वह पिछली बात है और इसका समाधान पहले के कानून के साथ ही निकल सकता है। ऐसा भी तब होगा जब उसके खिलाफ पहले कोई मामला उठा हो और वह अब भी बरकरार हो। अगर ऐसा नहीं है तो यह क्लीन चिट मामला है और इसके लिए पिछली तारीख वाला कोई प्रावधान नहीं होगा। 
 
पहले कुछ महीने में अप्रत्यक्ष कर प्राप्तियों में आप कमी की कोई उम्मीद करते हैं क्योंकि आपने कारोबारियों के लिए जीएसटी का पूरी तरह पालन करने के लिए दो महीने तक की छूट दी है?
 
इस साल राजस्व अनुमान को लेकर मुझे अच्छी उम्मीद है। अप्रत्यक्ष कर प्राप्तियों का अनुमान मामूली रहा है। यह 9-10 फीसदी से अधिक नहीं रहा है। जीएसटी की अनिश्चितताओं की वजह से ही यह अनुमान लगाया गया। दरें कम हैं ऐसे में जो लाभ हम दे रहे हैं वह ज्यादा है। अनुपालन के जरिये इसे भी ठीक करना है। खासतौर पर जुलाई और अगस्त में कुछ कंपनियां अपना हाथ खींच सकती हैं लेकिन मुझे नहीं लगता है कि बड़ी कंपनियां कोई देरी चाहेंगी। दो महीने के बाद हमें संक्षिप्त रिटर्न की तुलना वास्तविक रिटर्न से करनी होगी। दूसरा पहलू समय पर कर भुगतान न करना भी है। 
 
कुछ ऐसी शिकायत भी है कि कुछ बीमा कंपनियां और बिल्डरों ने अपने ग्राहकों को मेल भेजकर कहा है कि जीएसटी लागू होने के बाद करों में बढ़ोतरी होगी। आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
 
अगर आपने एक तयशुदा रकम पर फ्लैट बुक किया है और 1 जुलाई तक इसका काम पूरा नहीं हुआ है तो परियोजना पर लगने वाले कर की दर में बदलाव होगा। बिल्डर को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा ऐसे में हम यह मांग करते हैं कि बिल्डर और बीमा कंपनियां इसका फायदा ग्राहक को दें। इनपुट टैक्स की वजह से कीमतों में कमी तो होगी लेकिन बकाया रकम पर बढ़ी हुई कर दर भी लगेगी।
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या अस्पतालों के शुल्क पर लगना चाहिए अंकुश?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.