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जीएसटी से तंग कपड़ा बाजार बंद

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली June 27, 2017

एक जुलाई से लागू होने जा रहे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में कपड़े को रखने के विरोध में आज देशभर के कपड़ा बाजार बंद रहे। कपड़ा कारोबारी बिना सिले कपड़े को कर दायरे में रखने का विरोध कर रहे हैं और इसके लिए इन कारोबारियों ने 27 से 29 जून तक तीन दिन की हड़ताल करने का निर्णय लिया है। कारोबारी जीएसटी परिषद की बैठक से पहले जीएसटी दरों में राहत के लिए हड़ताल के जरिये सरकार पर दबाव बना रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि कपड़े पर जीएसटी से कपड़ा क्षेत्र की पूरी मूल्य शृंखला के बाधित होने की संभावना है। मंगलवार को दिल्ली के चांदनी चौक, करोलबाग जैसे प्रमुख कपड़ा बाजारों के साथ सूरत, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, कानपुर, इंदौर, अंबाला समेत देश भर के कपड़ा बाजार बंद रहे। 
 
दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष और चांदनी चौक के कपड़ा कारोबारी अरुण सिंघानिया ने कहा कि वे वर्षों से कपड़ा कारोबार कर रहे हैं और आजादी के बाद अब तक कपड़े पर कोई कर नहीं लगाया गया है। हालांकि दिल्ली सरकार ने बीते वर्षों में इस पर वैट लगाने की कोशिश की, लेकिन कारोबारियों के विरोध के बाद वैट नहीं लगा। लेकिन अब केंद्र सरकार कपड़े पर 5 फीसदी जीएसटी लगा रही है। 
 
वर्षों से हम बिना कर प्रणाली में आए कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में हमारे लिए जीएसटी कर व्यवस्था में आना मुश्किल भरा होगा। इसलिए देश के कपड़ा कारोबारियों ने जीएसटी के विरोध में आज से तीन दिन की हड़ताल का निर्णय लिया। देशभर में कपड़ा बाजार बंद रहे जिससे हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। दिल्ली में टाउन हॉल पर कपड़ा कारोबारी पहले धरने पर बैठे और फिर जुलूस निकाला। सिंघानिया ने सरकार से मांग की कि वह शुक्रवार को होने जा रही जीएसटी परिषद की बैठक में कपड़े को जीएसटी के दायरे बाहर रखने का ऐलान करे। 
 
राजस्थान में भी कपड़े पर प्रस्तावित जीएसटी के विरोध में राजस्थान कपड़ा जीएसटी संघर्ष समिति के आह्वान पर कपड़ा कारोबारियों ने अपना कारोबार बंद रखकर जीएसटी का विरोध किया। राजस्थान कपड़ा जीएसटी संघर्ष समिति के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने कपड़े पर जीएसटी लागू किया तो प्रदेश के कपड़ा कारोबारी 1 जुलाई से अनिश्चितकालीन बंद पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि कपड़ा व्यापारियों ने कपड़े पर प्रस्तावित जीएसटी लागू करने के विरोध में एक दिन का क्रमिक बंद रखा, व्यापारी पदाधिकारी केंद्रीय कपड़ा मंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री से मिलने के लिए दिल्ली भी गए, लेकिन मिलने का समय नहीं दिया गया। कपड़े पर जीएसटी के विरोध में कानपुर के कपड़ा कारोबारी भी हड़ताल पर रहे। कारोबारियों ने दुकान और शोरूम नहीं खोला और जुलूस एवं धरना-प्रदर्शन कर रोष जताया। कारोबारियों के मुताबिक बंदी से करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। 
 
राजस्थान के मार्बल कारोबारियों ने भी संगमरमर पर प्रस्तावित जीएसटी को लेकर 1 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। उदयपुर मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह रॉबिन ने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी स्लैब से मार्बल कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा। सरकार ने यदि जीएसटी स्लैब में बदलाव नहीं किया तो 1 जुलाई से सभी व्यापारी बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने भी आधी-अधूरी तैयारी के साथ जीएसटी लागू होने का हवाला देकर 30 जून को देश भर में व्यापार बंद रखने का आह्वïान किया है। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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