Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, July 22, 2017 08:08 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विशेष खबर

स्थिर प्रगति

संपादकीय /  June 27, 2017

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की पहली मुलाकात में भले ही मोदी की पिछली अमेरिका यात्राओं जैसा शोर-शराबा और ध्यान आकृष्टï करने वाली बात न हो लेकिन फिर भी सूक्ष्म तैयारी वाली कूटनीति ने दोनों देशों के रिश्तों को स्थिर तरीके से आगे बढ़ाने की जमीन तो मुहैया करा ही दी है। दोनों देशों के रिश्तों में सुधार का यह दौर जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल से शुरू हुआ। अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति के काम में निरंतर अनिश्चितता और अप्रत्याशितता नजर आई है। उसे देखते हुए यह कोई छोटीमोटी उपलब्धि नहीं है। ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के रिश्तों में तमाम उतार-चढ़ाव देखने को मिलते रहे हैं। उसके उलट मोदी के साथ रिश्ते अपेक्षाकृत स्थिर रहे हैं। ट्रंप ने पाकिस्तान द्वारा आतंकी समूहों के समर्थन की निरंतर आलोचना की है। ट्रंप ने सऊदी अरब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को कोई तवज्जो नहीं दी थी और अफगानिस्तान में भारत जो विकास कार्य कर रहा है, ये दोनों भारत-अमेरिका के रिश्तों की मजबूती की साझा जमीन तैयार करते हैं। भारत-अमेरिका रिश्तों में यह संतुलन काफी हद तक भारतीय विदेश नीति प्रतिष्ठïान के बेहतर प्रबंधन की भी देन है। 

 
ट्रंप प्रशासन ने प्रवासियों को लेकर जो अनिश्चय भरा रुख दिखाया है, शायद उसी वजह से मोदी भारतीय अमेरिकियों से वहां किसी स्टेडियम में रॉक स्टार शैली में नहीं मिले। बल्कि उन्होंने उनसे होटल में संक्षिप्त मुलाकात की। वॉल स्ट्रीट जर्नल में भले ही मोदी का एक आलेख छपा जिसमें दोनों देशों के बीच डिजिटल और वैज्ञानिक साझेदारी को मजबूती प्रदान करने की बात कही गई लेकिन अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के दिग्गजों से मुलाकात भी शायद एच1बी वीजा मामले में कोई सकारात्मक परिणाम लाने वाली साबित न हुई हो। इन दिनों भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए यही सबसे बड़ा मुद्दा है। ट्रंप जिस तरह खुलकर अमेरिकी निर्यात के लिए कारोबारी बाधाएं दूर करने की मांग कर रहे हैं उसे देखते हुए आपसी लेन-देन पर आधारित बातचीत अधिक सफल और कारगर साबित हो सकती है। इस संदर्भ में हनीवेल निर्मित गार्डियन ड्रोन को 2 अरब डॉलर में खरीदने और राष्ट्रपति की बेटी और सलाहकार इवान्का ट्रंप को भारत में आ रहे अमेरिकी कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का न्योता देना कारगर साबित हो सकता है। 
 
भारत के लिए कुछ छिपे हुए लाभ सामने आए। अमेरिकी विदेश विभाग ने हिजबुल मुजाहिदीन के नेता और कश्मीर पर केंद्रित आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया। इस कदम के बाद अमेरिका उसकी गतिविधियों को समर्थन देने वाले संस्थानों और परिसंपत्तियों पर रोक लगा सकता है। अमेरिका का यह कदम और सोमवार को दोनों नेताओं द्वारा जारी संयुक्त वक्तव्य में आतंकवाद का बार-बार जिक्र कश्मीर में छिड़े संघर्ष में भारत के लिए सहायक हो सकता है। भारतीय प्रधानमंत्री की दो दिवसीय अमेरिका यात्रा का सबसे बेहतर नतीजा कुछ चेतावनी के साथ सामने आया है। सैद्घांतिक तौर पर अमेरिका के साथ करीबी रिश्ते चीन की बढ़त को सीमित करने का काम कर सकते हैं। चीन पहले ही वन बेल्ट, वन रोड नीति के तहत अपनी क्षेत्रीय महत्त्वाकांक्षा की झलक पेश कर चुका है। मोदी ने अमेरिका के साथ प्रशांत क्षेत्र में सामरिक सहयोग की बात करते हुए इसका जिक्र किया। चीन भी भारत-अमेरिका के करीबी रिश्तों पर टिप्पणी करने से पीछे नहीं हटा। मोदी की अमेरिका यात्रा से एक दिन पहले उसने एक बार फिर यह दोहराया कि वह परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत के प्रवेश को सहमति नहीं देता। उसने करीब 50 भारतीय तीर्थयात्रियों को कैलास-मानसरोवर यात्रा पर जाने से रोक दिया। मोदी को चीन के साथ रिश्तों के प्रबंधन में भी तीक्ष्ण कूटनीति का परिचय देना होगा।
Keyword: america, ट्रंप, आईटी, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप आव्रजन सुधार नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या रिलायंस के मुफ्त फोन से अन्य कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.