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सस्ते मकान क्षेत्र में जबरदस्त तेजी के आसार

राघवेंद्र कामत, शीतल अग्रवाल और अभिनीत कुमार / मुंबई 06 26, 2017

आवास वित्त कंपनी स्थापित करने वालों की संख्या में तेजी

ऋण पर ब्याज में छूट से बढ़ रही सस्ते मकानों की मांग
मार्च 2017 में समाप्त छमाही के दौरान सस्ते मकान श्रेणी में 13,122 नए मकान बनाने के लिए परियोजनाएं

आवास वित्त क्षेत्र के शीर्ष वित्तीय संस्थान नैशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) को पिछले छह महीने के दौरान नई आवास वित्त कंपनी शुरू करने के लिए विभिन्न उद्योग समूहों से छह आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके लिए आवेदन करने वालों में पीरामल ग्रुप, जेएम फाइनैंशियल और हीरो ग्रुप भी शामिल हैं। जबकि पिछले 12 महीने एनएचबी ऐसे 11 आवेदनों को पहले ही मंजूरी दे चुका है।

पिछले साल प्राप्त एक अन्य आवेदन फिलहाल विचाराधीन है। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि आवास वित्त क्षेत्र में दिलचस्पी दिखाने वाली अधिकतर कंपनियों ने 10 से 15 लाख रुपये तक के आवास ऋण बाजार पर निशाना साधा है। इससे साफ पता चलता है कि सस्ते आवासीय क्षेत्र में जबरदस्त तेजी आने वाली है। टाटा हाउसिंग के प्रबंध निदेशक ब्रोटिन बनर्जी ने कहा, 'केंद्र सरकार द्वारा ब्याज सब्सिडी मुहैया कराए जाने के बाद पिछले तीन से छह महीने के दौरान 20 लाख पये से कम कीमत वाले मकानों की इनवेंट्री में ग्राहकों का जबरदस्त आकर्षण दिख रहा है।'

प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत 31 दिसंबर को केंद्र सरकार ने मध्यम आयवर्ग के लोगों के लिए दो नई योजनाएं शुरू की। इन योजनाओं के तहत 9 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर ब्याज में 4 फीसदी और 12 लाख रुपये के आवास ऋण पर ब्याज में 3 फीसदी छूट दी गई है। इससे सस्ते मकानों की मांग में अब तेजी दिखने लगी है। बाजार खिलाडिय़ों का कहना है कि इस योजना की घोषणा केवल एक वर्ष के लिए की गई थी लेकिन उसमें विस्तार दिया जा सकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना को सबसे पहले जून 2015 में शुरू किया गया था और इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और कम आय वर्ग (एलआईजी) के लोगों को 2022 तक 6 लाख रुपये के आवास ऋण पर ब्याज में 6.5 फीसदी की छूट दी गई थी। उस समय कहा गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस और एलआईजी सहित शहरी गरीबों के लिए 2 करोड़ मकान बनाने का प्रस्ताव है।

बनर्जी ने कहा, 'इनमें से अधिकतर लोग पहली बार मकान खरीदने वाले ग्राहक होते हैं जो अनौपचारिक क्षेत्र में काम करते हैं। सरकारी सब्सिडी और ब्याज दरों में नरमी के कारण मकान खरीदना उनके लिए आसान हो गया है।' टाटा हाउसिंग के पास सस्ते एवं किफायती क्षेत्र में करीब 20 फीसदी इनवेंटरी है जो 20 लाख से कम कीमत वाले मकान हैं। इन मकानों के लक्षित खरीदार मुंबई, चेन्नई, बेंगलूरु और अहमदाबाद में मौजूद हैं। कंपनी ने इस क्षेत्र में अपनी अधिकांश इनवेंटरी बेच चुकी है और वह इसी प्रकार के खरीदारों को लक्ष्य करते हुए इस साल कम से कम तीन नई परियोजना शुरू करने जा रही है।

सस्ते मकानों के इन नए खरीदारों पर कई अन्य कंपनियों की भी नजरें टिकी हुई हैं। इसी साल मार्च में कर्म इन्फ्रास्ट्रक्चर ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 10 लाख रुपये से कम कीमत वाले 5,120 फ्लैटों के साथ सस्ती आवासीय परियोजना शुरू की है। सिंगापुर ग्लोबल ने गुडग़ांव के सेक्टर 36 में 20 लाख रुपये से कम कीमत वाले 1,244 मकानों के साथ अपनी परियोजना सेरेनाज को शुरू किया है।

प्रॉपइक्विटी द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 में समाप्त पिछले छह महीने के दौरान 20 लाख रुपये से कम कीमत वाले मकान श्रेणी में 13,122 नए मकान बनाने के लिए परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके साथ ही 20 लाख रुपये से कम कीमत वाले मकानों की कुल इनवेंट्री बढ़कर 1,20,000 हो गई है। रेटिंग एजेंसी इक्रा का कहना है कि सस्ते आवासीय क्षेत्र में परिचालन करने वाली आवास वित्त कंपनियों का कुल पोर्टफोलियो 1.2 लाख करोड़ रुपये का है। साल 2016-17 के दौरान इसमें 28 फीसदी की दर से लगातार वृद्धि दर्ज की गई जबकि कुल आवास ऋण की वृद्धि रफ्तार 16 फीसदी रही।
Keyword: आवास, वित्तीय संस्थान, एनएचबी, उद्योग समूह, आवेदन, पीरामल ग्रुप, पीएमएवाई, ईडब्ल्यूएस,
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