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बाजार से पूंजी जुटाएं बैंक

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली June 25, 2017

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों से कहा है कि वे वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार से पूंजी जुटाएं। वित्तीय सेवा विभाग ने अपेक्षाकृत सुदृढ़ बैंकों- केनरा बैंक,, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, विजया बैंक और सिंडिकेट बैंक से कहा है कि वे बाजार से पैसा जुटाने का प्रयास करें और सरकार की पुनर्पूंजीकरण योजना पर निर्भर न रहें।
 
सरकार के एक अधिकारी ने कहा, 'हमने पांच छोटे एवं बड़े सुदृढ़ बैंकों से कहा है कि वह बाजार से पूंजी जुटाने में सक्षम हैं। हम उन्हें बाजार से पैसा जुटाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं क्योंकि उनका बाजार पूंजीकरण काफी अच्छा है।' इंद्रधनुुष योजना के तहत सार्वजनिक बैंकों के पुनर्पूंजीकरण लिए 10,000 करोड़ रुपये के बजट का आवंटन किया गया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक ये पांच बैंक बाजार से अपने दम पर पूंजी जुटाने में सक्षम हैं और इन्हें सरकार से पूंजीगत मदद की जरूरत नहीं है। इनमें से प्रत्येक बैंक 1,000 से 6,000 करोड़ रुपये तक बाजार से जुटाने की संभावना देख रहे हैं, इससे सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ भी कम होगा।
 
बाजार पूंजीकरण के लिहाज से केनरा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नैशनल बैंक के बाद देश का चौथा सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक है। सार्वजनिक बैंकों को बेसल-3 नियमों और बैंलेस शीट को दुरुस्त करने के लिए पूंजी की जरूरत होगी। केनरा बैंक ने पिछले वित्त वर्ष में राइट इश्यू जारी कर अपने शेयरधारकों से 1,250 करोड़ रुपये जुटाए थे। 2016-17 के दौरान केनरा बैंक का शुद्घ मुनाफा 1,122 करोड़ रुपये रहा था जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में उसे 2,813 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। 31 मार्च, 2017 को बैंक का सकल गैर निष्पादित आस्तियां 8.1 फीसदी बढ़कर 34,202 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह वित्त वर्ष 2017 में बैंक ऑफ बड़ौदा का शुद्घ मुनाफा 1,383 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले वित्त वर्ष में उसका शुद्घ घाटा 5,396 करोड़ रुपये रहा था। 
 
बैंक का एनपीए 2016-17 के अंत में 5.4 फीसदी बढ़कर 42,719 करोड़ रुपये था। अधिकारी ने कहा, 'विजया बैंक, सिंडिकेट बैंक और इंडियन बैंक भले ही छोटे हों लेकिन इनका फंडामेटल और बाजार भाव काफी अच्छा है। हम उन्हें बाजार से पूंजी जुटाने के लिए प्रोत्साहित किया है।' विजया बैंक ने चालू वित्त वर्ष में बाजार से 1,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बैंक का शुद्घ मुनाफा 2016-17 में 96.56 फीसदी बढ़कर 750.48 करोड़ रुपये रहा और इस दौरान उसका परिचालन मुनाफा भी 56.32 फीसदी बढ़कर 2421.15 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी तरह इंडियन बैंक का शुद्घ मुनाफा 31 मार्च 2017 को खत्म हुई तिमाही में 319.40 करोड़ रुपये रही, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में उसका मुनाफा 84.49 करोड़ रुपये था। इंडियन बैंक एफपीओ के जरिये 1,000 से 1,200 करोड़ रुपये जुटाने की संभावना तलाश रहा है।
 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में कहा था कि वित्त वर्ष 2017-18 में जरूरत पडऩे पर सरकार 10,000 करोड़ रुपये से अतिरिक्त आवंटन कर सकती है। हालांकि सरकारी अधिकारी ने कहा कि उन्हें सामान्य स्थिति में ज्यादा पूंजी की जरूरत नहीं है लेकिन अगरे सार्वजनिक बैंकों का एकीकरण किया जाता है तो ज्यादा पूंजी की जरूरत हो सकती है। भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहायक बैंकों के साथ विलय के बाद दूसरे चरण में दो अन्य बड़े बैंकों - केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ छोटे बैंकों के विलय पर विचार किया जा रहा है।
 
बेसल-3 नियमों को पूरा करने के लिए बैंकों को 1.8 लाख करोड़ रुपये पूंजी की जरूरत होती है और इंद्रधनुुष योजना के माध्यम से सरकार ने चार वर्षों में 70,000 करोड़ रुपये देने का वादा किया है। इसके साथ ही बैंकों को बाजार से 1.1 लाख करोड़ रुपये जुटाने को कहा गया था। सरकार ने जितनी पूंजी देने का वादा किया था उनमें से पिछले दो वर्षों में 25,000-25,000 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं और इस साल 10,000 करोड़ रुपये और दिए जाने हैं और वित्त वर्ष 2019 में भी 10,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
Keyword: bank, loan, debt, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई),
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