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दिवाला प्रक्रिया : एस्सार, भूषण स्टील औैर इलेक्ट्रोस्टील का मामला एनसीएलटी में

देव चटर्जी, अभिजित लेले और ईशिता आयान दत्त / मुंबई/कोलकाता 06 22, 2017

दिवाला प्रक्रिया में तीन स्टील फर्में

भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई में बैंकों ने कर्ज में फंसी तीन बड़ी कंपनियों भूषण स्टील, एस्सार स्टील और इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स के लिए दिवालिया प्रक्रिया शुरू कर दी और ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता के तहत आगे कार्रवाई के लिए उसे राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के पास आज भेज दिया। इन तीनों कंपनियों पर करीब 1 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसे बैंकों ने फंसा हुआ कर्ज माना है।

वित्त वर्ष 2015-16 के अंत तक गैर-सूचीबद्ध कंपनी एस्सार स्टील पर 37,284 करोड़ रुपये का कर्ज है जबकि भूषण स्टील पर 44,478 करोड़ रुपये का कर्ज था। इन दोनों कंपनियों के अद्यतन वित्तीय आंंकड़े उपलब्ध नहीं हैं लेकिन बैंकरों का कहना है कि पिछले एक साल में कर्ज और बढ़ा है। कोलकाता की कंपनी इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स पर मार्च 2016 तक 10,274 करोड़ रुपये का कर्ज था। भारतीय रिजर्व बैंक ने 2015-16 में कर्ज की स्थिति के आधार पर फंसे ऋण वाली संपत्तियों को छांटा है।

हालांकि पिछले एक साल के दौरान स्टील की कीमतों में वृद्धि और चीन से सस्ते आयात पर शुल्क लगाए जाने से इस क्षेत्र की स्थिति में सुधार हुआ है। लेकिन संकट से निकलने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। एक बैंकर ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि कुछ स्टील कंपनियां ब्याज का भुगतान कर पा रही हैं लेकिन मूलधन चुकाने में वे सक्षम नहीं हैं। इसके लिए स्टील की कीमतों में और तेजी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्थिति में तभी सुधार होगा जब खासकर निर्माण एवं बुनियादी ढांचा क्षेत्रों से मांग बढ़ेगी।

भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी ने कहा कि एसबीआई कैपिटल मार्केट्स पहले से ही कुछ बड़ी स्टील कंपनियों के पुनर्गठन पर काम कर रही है और इस योजना को राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के समक्ष ले जा सकती है।  कंपनियां बीते समय में बैंकों को कर्ज पुनर्गठन का प्रस्ताव दिया था लेकिन बैंक इस डर से उस पर कोई निर्णय नहीं ले रहे थे कि भविष्य में जांच एजेंसियां उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं। एस्सार के प्रस्ताव के अनुसार कंपनी 2,500 करोड़ रुपये का ताजा इक्विटी निवेश करेगी, जिनमें से प्रवर्तकों का योगदान 800 करोड़ रुपये का होगा और 1,700 करोड़ रुपये निजी इक्विटी साझेदारों से जुटाए जाने थे। इसके बाद बैंक अपने कर्ज के एक हिस्से को इक्विटी में बदल सकते हैं। इससे कंपनी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 100 फीसदी से घटकर 44 फीसदी रह जाएगी।

भूषण स्टील ने भी ऋणदाताओं को दो प्रस्ताव दिए थे। कंपनी ने एस4ए योजना के तहत कर्ज पुनर्गठन का प्रस्ताव सौंपा था। इसमें कहा गया था करीब करीब 52 फीसदी कर्ज चुकाया जा सकता है। जनवरी में जेएसडब्ल्यू स्टील 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम में भूषण स्टील के कर्ज और परिसंपत्तियों के अधिग्रहण का प्रस्ताव लेकर बैंकों के पास गई थी। दूसरी ओर इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स ने अभिषेक डालमिया के रेनेसां समूह से ताजा इक्विटी निवेश करने और एडलवाइस से 1,500 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने की योजना बनाई थी। इन सभी प्रस्तावों के साथ ही अन्य प्रस्तावों पर राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में चर्चा की जाएगी।
Keyword: एसबीआई, कर्ज, भूषण स्टील, एस्सार स्टील, इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स, दिवालिया प्रक्रिया, दिवाला संहित,
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