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जम्मू कश्मीर को छोड़ सभी राज्यों में जीएसटी पारित

भाषा / नई दिल्ली June 21, 2017

जम्मू कश्मीर को छोड़कर सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने राज्य जीएसटी विधेयक पारित कर दिया है जिससे 30 जून की मध्यरात्रि से जीएसटी को लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। केरल और पश्चिम बंगाल ने राज्य जीएसटी विधेयक को मंजूरी देने के लिए अध्यादेश जारी किया है जबकि बाकी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी अपनी विधानसभा से इसे पारित किया है। 
 
वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है, 'जम्मू कश्मीर को छोड़कर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने राज्य माल एवं सेवा कर विधेयक पारित किया है।' केरल ने आज राज्य जीएसटी विधेयक को मंजूरी प्रदान करते हुए अध्यादेश जारी किया जबकि पश्चिम बंगाल ने 15 जून को अध्यादेश जारी किया था। बयान में कहा गया है, 'अब केवल जम्मू कश्मीर रह गया है जिसे राज्य वस्तु एवं सेवा कर विधेयक पारित करना बाकी है। इस प्रकार, सभी 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों समेत पूरा देश एक जुलाई से जीएसटी लागू करने के लिए तैयार है।' तीस जून की आधी रात को जीएसटी की शुरुआत के मौके पर संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में एक घंटे का कार्यक्रम होगा जो 14 अगस्त की अर्धरात्र्ाि के भारत के नियति के साथ मिलन कार्यक्रम की याद दिलाएगा। 
 
एक बार दाखिल करना होगा रिटर्न
 
जीएसटी व्यवस्था के लागू होने से महज कुछ दिन पहले सरकार ने यह धारणा दूर करने की कोशिश की कि नई कर व्यवस्था बहुत जटिल और अनुपालन बोझ से लदी है। उसने कहा कि करदाताओं को कर महीने में एक ही बाद एक ही बार रिटर्न फाइल करने की जरुरत है जैसे वे इन दिनों कर रहे हैं। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि यह धारणा कि करदाताओं को हर महीने तीन बार रिटर्न फाइल करना होगा, बेबुनियाद है और खुदरा कारोबारियों को हर महीने रसीद वार विवरण देने की जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'करीब 80 फीसदी कारोबारियों को रिटर्न में बस कुल कारोबार का ब्योरा देना होगा क्योंकि वे खुदरा कारोबारी हैं।' 
 
दवा विभाग ने बनाया सुविधा केंद्र 
 
औषधि विभाग ने दवा कंपनियों को नई कर व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू कराने में सहयोग पहुंचाने के लिए जीएसटी सुविधा केंद्र बनाया है।  विभाग ने कहा, 'दवा उद्योग को जीएसटी को सुचारु एवं सफलतापूर्वक लागू कराने में सहयोग पहुंचाने के लिए यहां एक सुविधा केंद्र बनाया गया है।' यह केंद्र बड़े औद्योगिक और कारोबारी एसोसिएशनों एवं इस क्षेत्र के समूहों के निरंतर संपर्क में होगा तथा इस क्षेत्र से जुड़े किसी भी मु्दे के समाधान के लिए पहले संपर्क स्थल के रूप में काम करेगा।  सरकार ने ज्यादातर जरूरी दवाओं पर 12 फीसदी की जीएसटी दर तय की है जबकि फिलहाल यह करीब नौ फीसदी है।  वैसे कुछ चुनिंदा दवाएं जैसे इंसुलिन के दाम में गिरावट आएगी।
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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