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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज व विप्रो का पेटेंट पर जोर

रोमिता मजूमदार / मुंबई 06 20, 2017

अनुसंधान एवं विकास पर ध्‍यान

 टीसीएस ने पिछले वित्त वर्ष में अपना अनुसंधान एवं विकास (आरऐंडडी) खर्च बढ़ाकर 1,278 करोड़ रुपये कर दिया, जो दो साल पहले 909.25 करोड़ रुपये था

 भारतीय आईटी सेवा कंपनियों ने नवप्रवर्तन के लिए अलग रास्ता चुना है। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और उसकी अपने से छोटी प्रतिस्पर्धी कंपनी विप्रो ने पिछले तीन वर्षों के दौरान अनुसंधान एवं विकास पर खर्च बढ़ाया है और वे अपने नवप्रवर्तनों के लिए ज्यादा पेटेंट आवेदन कर रही हैं। टीसीएस ने पिछले वित्त वर्ष में अपना अनुसंधान एवं विकास (आरऐंडडी) खर्च बढ़ाकर 1,278 करोड़ रुपये कर दिया, जो दो साल पहले 909.25 करोड़ रुपये था। इसकी वजह यह है कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस और हाई परफॉर्मेंश कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों की नई तकनीकों में निवेश कर रही है। टीसीएस ने 2016-17 में 3,359 पेटेंट के लिए आवेदन किया, जबकि इससे पिछले वित्त ïवर्ष में 2,842 पेटेंट के लिए आवेदन किया गया था। कंपनी ने वित्त वर्ष 2015 में महज 509 पेटेंट के लिए आवेदन किया था। 

विप्रो ने एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ऑटोनोमस डिवाइसेज में निवेश पिछले वित्त वर्ष में बढ़ाकर 333.8 करोड़ रुपये कर दिया, जो दो साल पहले 251.3 करोड़ रुपये था। विप्रो ने पिछले साल 603 पेटेंट के लिए आवेदन किया, जबकि वित्त वर्ष 2016 में 514 और उससे पिछले वर्ष 578 पेटेंट के लिए आïवेदन किए गए थे। पिछले साल टीसीएस को 478 पेटेंट दिए गए, जबकि यह संख्या वित्त वर्ष 2015 और वित्त वर्ष 2016 में क्रमश: 206 और 341 थी।

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने पिछले सप्ताह कहा था, 'आप देख सकते हैं कि टीसीएस द्वारा आवेदित और प्राप्त पेटेंट की संख्या में अहम बढ़ोतरी हुई है। हम जिन पेटेंट पर काम कर रहे हैं, उनकी तादाद भी काफी है।' टीसीएस और विप्रो ने पिछले तीन साल के दौरान अनुसंधान एवं विकास पर खर्च के जरिये नॉन-लीनियर ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित किया है। वहीं इन्फोसिस और एचसीएल ने सॉल्यूशन बनाने में अलग राह पकड़ी है। हालांकि विप्रो ने टिप्पणी करने इनकार कर दिया। इन्फोसिस ने ओपन सोर्स टेक्नोलॉजिज को अपनाया है। यह आईपी और लिनक्स प्रोग्राम को साझा करने और 'पेटेंट नॉन-एग्रेशन को समर्थन देने के लिए ओपन इन्वेंशन नेटवर्क (ओआईएन) से भी जुड़ी है। 

Keyword: आईटी सेवा, नवप्रवर्तन, सॉफ्टवेयर, टीसीएस, विप्रो, अनुसंधान, विकास, पेटेंट, आवेदन, आरऐंडडी,
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