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माल ढुलाई और ईंधन की मांग आर्थिक सुधार का संकेत

मेघा मनचंदा और शाइन जैकब / नई दिल्ली June 18, 2017

इस साल अप्रैल-मई में ईंधन की मांग, रेल माल ढुलाई और प्रमुख बंदरगाहों से माल की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि इसकी एक बड़ी वजह निम्न आधार है यानी पिछले साल का इनका स्तर नीचा है। इस साल अप्रैल-मई प्रमुख बंदरगाहों के जरिये माल की कुल आवाजाही 5.5 फीसदी बढ़कर 11.36 करोड़ टन रही। जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि बंदरगाहों पर अपनाए गए कुछ उपायों से मदद मिली है। 
 
हालांकि अगर इन दो महीनों की पिछले साल के इन्हीं दो महीनों से तुलना की जाए तो वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ी है। अप्रैल-मई 2016 के दौरान प्रमुख बंदरगाहों से माल की आïवाजाही 6.3 फीसदी बढ़कर 10.8 करोड़ टन रही, जबकि 2015-16 में वृद्धि 5.7 फीसदी रही थी। इससे यह संकेत मिलता है कि आर्थिक सुधार सुस्त है।  भारतीय रेलवे के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल 1 अप्रैल से 10 मई के बीच मालभाड़े से आमदनी 4.9 फीसदी बढ़कर 11,761 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की इसी अवधि में 10,944 करोड़ रुपये थी। 
 
दूसरी ओर मई में ईंधन की मांग पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 5.4 फीसदी बढ़ी है। पेट्रोलियम प्लानिंग ऐंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मई में ईंधन की कुल खपत 177.9 लाख टन रही। इस अवधि में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में पेट्रोल की बिक्री में 15.3 फीसदी और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की बिक्री में 11.6 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई। 
 
एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज में अनुसंधान विश्लेषक धवल जोशी ने कहा, 'ईंधन की मांग में बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत है। यह दर्शाता है कि भारत धीरे-धीरे नोटबंदी के प्रभाव से बाहर निकल रहा है।' ईवाई इंडिया में पार्टनर और पीपीपी लीडर अभय अग्रवाल ने कहा, 'बंदरगाहों से माल ढुलाई में बढ़ोतरी का कोई ठोस कारण नहीं है, बल्कि इसकी वजह निम्न आधार प्रभाव है।'
 
कांडला बंदरगाह से 1.88 करोड़ टन माल की आवाजाही हुई। इसके बाद पारादीप (1.62 करोड़ टन) और जेएनपीटी (1.12 करोड़ टन) का स्थान रहा। कांडला बंदरगाह के कारोबार में सबसे ज्यादा योगदान पेट्रोलियम, ऑयल एवं लुब्रिकेंट्स या पीओएल का (1.04 करोड़ टन) रहा। बंदरगाह से आवाजाही वाली अन्य प्रमुख जिंसों में लौह अयस्क, अन्य तरल, कोकिंग कोल और थर्मल कोल शामिल रहा।  बंदरगाहों का प्रदर्शन पिछले साल जैसा ही रहा है। अप्रैल-मई 2016 में कांडला बंदरगाह से 1.74 करोड़ टन, पारादीप से 1.40 करोड़ टन और जेएनपीटी से 1.07 करोड़ टन माल की आवाजाही हुई थी। हालांकि जहाजरानी मंत्रालय ने पहले कहा था कि वह इन बंदरगाहों का प्रदर्शन सुधारने के लिए कदम उठा रहा है। बंदरगाहों और रेलवे दोनों के लिए कोयले की घटती ढुलाई चिंता का विषय है। 
Keyword: rail, port, रेल माल ढुलाई,
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