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तीन शेयर जो आईटी की मंदी को दे सकते हैं मात

शीतल अग्रवाल /  June 18, 2017

मौजूदा समय में बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनियां कई तरह की बाधाओं का सामना कर रही हैं, लेकिन इंजीनियरिंग शोध एवं डेवलपमेंट (ईआरऐडी) सेवाएं मुहैया करने वाली छोटी सूचना-प्रौद्योगिकी कंपनियां आकर्षण के केंद्र में हैं। पिछले पांच सालों के दौरान ईआरऐंडी खंड में भारतीय आईटी कंपनियां 15 प्रतिशत तेजी के साथ आगे बढ़ी हैं। डिजिटाइजेशन से आने वाली बाधाओं का भी मोटे तौर पर इन पर कोई असर नहीं पड़ा है। 

 
मॉर्गन स्टैनली में आईटी एनालिस्ट पराग गुप्ता कहते हैं, 'डिजिटल खंड या प्रोडक्ट इंजीनियरिंग पर जोर देने वाली मझोली कंपनियां बड़ी कंपनियों के मुकाबले अच्छी स्थिति में हैं।' बड़ी कंपनियों में एचसीएल टेक्रोलॉजीज ईआरऐंडी खंड से सर्वाधिक 19 प्रतिशत राजस्व अर्जित करती है। यह वैश्विक स्तर पर शीर्ष ईआरऐंडडी कंपनियों में एक है। रिलायंस सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख राकेश तार्वे कहते हैं, 'ईआरऐंडीडी सेवाओं में अवसर की अधिकता, भारतीय कंपनियों के बढ़ते ग्राहक और मौजूदा बाधाओं से मोटे तौर पर अप्रभावित रहना आदि बातें इन कंपनियों के पक्ष में जाती हैं।'
 
साइएंट और एचसीएल टेक्रोलॉजीज उनकी दो उम्दा पसंद हैं। ईआरऐंडडी तीसरी बड़ी सेवा है, जो एचसीएल टेक्रोलॉजी मुहैया कराती है। ऐप्लीकेशन सर्विसेस औैर इन्फ्रास्ट्रक्चर सर्विसेस के साथ यह कंपनी के कुल राजस्व में 77 प्रतिशत योगदान देती है। इसके परिप्रेक्ष्य में निवेशकों को उन मझोली कंपनियों पर विचार करना चाहिए, जिनकी उच्च संभावना वाले ईआरऐंडडी खंड में अधिक उपस्थिति है।
 
 एलऐंडटी टेक्रोलॉजी सर्र्विसेस अपना शत-प्रतिशत राजस्व ईआरऐंडी खंड से प्राप्त करती है और ईआरऐंडडी पर सर्वाधिक खर्च करने वाली 100 शीर्ष कंपनियां में 44 के साथ कारोबार करती है। एलऐंडटी समूह की कंपनी होने का भी इसे लाभ मिला है और यूनिलीवर, पीऐंडजी, शेल जैसी नामी कंपनियां इसकी ग्राहक हैं। कंपनी प्रबंधन को उम्मीद है कि 2017-18 में इसे दो अंकों में तेजी की उम्मीद है।
 
विश्लेषकों को लगता है कि साइएंट जैसी प्रतिस्पद्र्धी कंपनियों के मुकाबले इसका कारोबार ऊंचे स्तर पर हो सकता है। कंपनी का शेयर इस समय अपनी आईपीओ कीमत 860 रुपये पर 2017-18 की अनुमानित आय के 15 गुना स्तर पर कारोबार कर रहा है और विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा स्तर से इसमें 15-20 प्रतिशत तेजी आ सकती है। पहले इन्फोटेक एंटरप्राइजेज के नाम से जानी जाने वाली साइएंट अपना 62 प्रतिशत राजस्व ईआरऐंडडी से प्राप्त करती है। एयरोस्पेस एवं रक्षा, संचार, रेल परिवहन के साथ ही अपने शीर्ष ग्राहकों से इसे अच्छा कारोबार मिल रहा है। अमेरिका में वीजा आधारित कर्मचारियों से अपेक्षाकृत कम ताल्लुक रहने से कठोर नियम-शर्तों का इस पर कम से कम असर पड़ा है। विलय-अधिग्रहण साइएंट के विस्तार का अहम हिस्सा है और इस मोर्चे पर कंपनी का रिकॉर्ड अच्छा है।
 
 विश्लेषकों का मानना है कि यूटिलाइजेशन और ऑफशोरिंग बढऩे से अगले दो साल के दौरान इसके परिचालन मार्जिन में 100-200 आधार अंकों की बढ़ोतरी हो सकती है। टाटा एलेक्सी का इंजीनियिरिंग डिजाइन खंड पर अधिक जोर है। जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) अन्य दूसरी दिग्गज वाहन निर्माता कंपनियों के साथ 22 प्रतिशत राजस्व दे रही है। कंपनी प्रसारण और संचार खंडों में भी काम करती है। अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में मजबूत पकड़ के साथ जापान में इसकी बढ़ती उपस्थिति से भविष्य में कंपनी का कारोबार और ऊंचाई पर पहुंच सकता है। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज में विश्लेषक चिंतन मोदी के अनुसार राजस्व साझा ढांचे को लेकर कंपनी के लचीले रुख से अगले दो-तीन सालों में कंपनी के राजस्व में 100-200 आधार अंक की तेजी आ सकती है।
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
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