Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, August 22, 2017 08:33 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम मुद्रा खबर

लौट आएगा फंसा हुआ कर्ज!, आरबीआई कर रहा तैयारी

दिलाशा सेठ और अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली 06 12, 2017

... अध्यादेश से एनपीए पर चोट
नए अध्यादेश से बैंकों को फंसे कर्ज का एक हिस्सा वसूलने में मिलेगी मदद
सरकारी बैंकों के साथ बैठक में विलय पर चर्चा नहीं मगर अगले चरण के समेकन की उम्मीद
वित्त मंत्री ने कहा, राज्यों को किसानों की कर्ज माफी योजना अपने संसाधनों से करनी होगी पूरी
फंसे कर्ज के त्वरित समाधान के लिए आरबीआई कर्जदारों की एक सूची तैयार कर रहा है। जल्द ही यह सूची सबके सामने होगी। 
- अरुण जेटली
, केंद्रीय वित्त मंत्री

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) फंसे कर्जों के समाधान के लिए कर्ज नहीं चुकाने वालों की एक सूची तैयार कर रहा है। इससे सरकारी बैंकों को अपने 6 लाख रुपये से अधिक के फंसे कर्ज का एक हिस्सा वसूलने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आरबीआई और अपने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ आज सरकारी बैंकों की नब्ज टटोली और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।

बैठक के बाद जेटली ने कहा, 'हाल में जारी नए अध्यादेश के तहत आरबीआई उन मामलों में लोगों की एक सूची तैयार कर रहा है, जहां इन्सॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के तहत फं से कर्ज समाधान आवश्यक है। जल्द ही यह सूची सार्वजनिक हो जाएगी।' जेटली ने कहा कि केंद्रीय बैंक इस पर काम कर रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि बैठक में बैंकिंग क्षेत्र में विलय पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि इस विषय पर गंभीरता से विचार हो रहा है। उन्होंने स्थिति की संवेदनशीलता के मद्देनजर किसी का नाम लेने से इनकार किया।

केंद्र ने सरकारी बैंकों के फंसे कर्ज वसूलने के लिए आरबीआई को आवश्यक अधिकार देने के लिए पिछले महीने बैंकिंग नियमन अधिनियम में संशोधन कर एक अध्यादेश जारी किया था। इस अध्यादेश में मुख्य रूप से आरबीआई को बैंकों को दिवालिया संहिता मामलों के लिए इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन शुरू करने और फंसे कर्ज की वसूली के लिए निर्देश जारी करने का अधिकार दिया गया है।

बैठक में मौजूद आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एस एस मूंदड़ा ने कहा कि फंसे कर्जों वाले खाते की पहचान के लिए एक आंतरिक सलाहकार समिति गठित की गई है। आरबीआई कुछ खास बड़े खातों और अन्य आवश्यक चीजों पर बैंकों से सूचनाएं जुटा रहा है। इन्सॉल्वैंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड के तहत करीब 81 मामले दायर हुए हैं आर इनमें 18 मामलों पर वित्तीय कर्जदाताओं ने पहल की है। 

जेटली ने कहा, 'ये मामले राष्ट्रीय कंपनी कानून पंचाट में विचाराधीन हैं। चूंकि, कुल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों का 70 प्रतिशत हिस्सा समूहों या बैंकिंग से लेन-देन की विभिन्न व्यवस्थाओं में फंसा है, इसलिए इनका जल्द समाधान होना जरूरी है।' वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ बैंकों ने एनपीए अध्यादेश के तहत ऋण वसूली के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे को लेकर चिंता जताई। बैठक में सरकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति, एनपीए समाधान, सभी वित्तीय समावेशन की समीक्षा और साइबर-सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। बड़ी तादाद में कर्ज एनपीए में तब्दील होने से बैंकों के मुनाफे पर खासा असर पड़ा है। उदाहरण के लिए बैंकों ने वित्त वर्ष 2016-17 में 1.5 करोड़ रुपये का परिचालन मुनाफा दर्ज किया लेकिन प्रावधान संबंधी विभिन्न आवश्यकताओं के कारण शुद्ध मुनाफा महज 574 करोड़ रुपये रहा। 

राज्य खुद करें कर्ज माफी

किसानों के कर्ज माफ करने के मुद्दे पर जेटली ने कहा कि जो राज्य यह कदम उठाएंगे उन्हें अपने संसाधनों से ही रकम की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र राज्यों की इस योजना में साथ नहीं आएगा। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र ने किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा की है।
Keyword: आरबीआई, फंसे कर्ज, सरकारी बैंक, एनपीए, अरुण जेटली, अध्यादेश, आईबीसी, बैंकिंग, किसान,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या एस्सार ऑयल के सौदे से पटरी पर आएगा एस्सार समूह ?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.