Search BS HindiWeb         Follow us on 
Business Standard
Saturday, June 24, 2017 03:55 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम जिरह खबर

कर्जमाफी पर सियासत, किसानों में उबाल

अर्चिस मोहन / नई दिल्ली 06 05, 2017

अन्य राज्यों में कर्जमाफी के लिए किसान संगठन बना रहे दबाव

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने के करीब 2 महीने बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के किसानों का 36,000 करोड़ रुपये कर्ज माफ करने की घोषणा की थी, जिसके बाद कई अन्य राज्यों में कर्जमाफी के लिए किसान संगठन दबाव बनाने लगे। कृषि क्षेत्र के बढ़ते संकट को दूर करने के लिए इसे मुख्य हथियार बनाया जा रहा है। पश्चिम और मध्य भारत के कई राज्यों में 2018 के आखिर में चुनाव होने जा रहे हैं, ऐसे में राजनीतिक दल कृषि ऋण माफी को राजनीतिक हथियार बनाने पर विचार कर रहे हैं।

पिछले एक सप्ताह से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों में किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है, जिसमें हजारों लीटर दूध और बड़े पैमाने पर सब्जियां सड़क पर फेंकना शामिल है। इस कवायद का मकसद यह है कि किसानों के संकट को आम लोगोंं की नजर में लाया जा सके जिससे सरकारें इस दिशा में कदम उठा सकें। 

रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था, जिनके पास 5 एकड़ तक जमीन है। उन्होंने घोषणा की थी कि इससे 34 लाख किसानों को फायदा होगा, खासकर इससे उन किसानों को लाभ होगा, जो संस्थागत कर्ज व्यवस्था से बाहर हैं। महाराष्ट्र में कर्जमाफी से राज्य के खजाने पर 30,000 करोड़ रुपये का बोझ पडऩे की संभावना है। फडणवीस ने कहा कि कर्जमाफी 31 अक्टूबर 2017 तक लागू हो जाएगी। अप्रैल में फडणवीस ने कर्जमाफी की संभावना को खारिज कर दिया था। उन्होंने राज्य विधानसभा में कहा था कि सरकार ने किसानों की मदद के लिए कुछ कदम उठाए हैं और कहा कि केंद्र की मदद के बगैर कर्जमाफी संभव नहीं है। 

अगर महाराष्ट्र में फडणवीस विरोध प्रदर्शन के दबाव में आ गए हैं तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री के सिद्धरमैया भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रमुख बीएस येदियुरप्पा के दबाव में हैं। पिछले सप्ताह सिद्धरमैया ने कहा कि सरकार कृषि ऋण माफी पर विचार कर रही है और इस पर उचित समय पर फैसला किया जाएगा। कर्नाटक में मई 2018 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बहरहाल सिद्धरमैया ने इसे केंद्र पर डालने का भी प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में 52,000 करोड़ रुपये कृषि ऋण में से 42,000 करोड़ रुपये राष्ट्रीयकृत बैंकों का है, जबकि सिर्फ 10,000 करोड़ रुपये सहकारी संस्थानों का है। सिद्धरमैया ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों का कर्ज सिर्फ केंद्र सरकार ही माफ कर सकती है और उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है, लेकिन केंद्र सरकार साथ नहींं दे रही है। 

रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दिल्ली में बैठक हुई। पार्टी ने कहा कि वह सूखा प्रभावित राज्यों के किसानों की कर्जमाफी को लेकर 10 जून से आंदोलन चलाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि जिस तरह से सरकार ने करोड़पतियों का कर्ज माफ किया है, उसी तरह से उसे किसानोंं का कर्ज भी माफ करना चाहिए। सिंह ने दावा किया कि पंजाब में अमरिंदर सिंह सरकार आने के बाद से राज्य में 60 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है। 

अमरिंदर सिंह ने चुनाव के पहले कर्जमाफी का वादा किया था और अब सरकार पर वादा पूरा करने का दबाव है। इस महीने के आखिर में राज्य में कर्जमाफी की घोषणा किए जाने की संभावना है। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 72,700 करोड़ रुपये से ज्यादा कृषि ऋण है। इसमें से 59,620 करोड़ रुपये फसली ऋण जबकि शेष सावधि ऋण है। महाराष्ट्र के अलावा गुजरात व मध्य प्रदेश की भाजपा सरकारों पर भी दबाव है। मध्य प्रदेश में किसानों के हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं और सब्जी बाजार सूने पड़ गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने किसानों के समूहों से बैठकें की है, लेकिन विरोध प्रदर्शन जारी हैं। राज्य में 2018 के आखिर में चुनाव होने हैं। गुजरात में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी ने घोषणा की है कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है तो किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। राज्य में इस साल के आखिर में चुनाव होने हैं। सोलंकी ने कहा कि राज्य के किसानों पर करीब 24,000 करोड़ रुपये कर्ज है। 

2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कुछ राज्यों को मदद करने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। भाजपा की किसान इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कृषि कर्ज माफी का समर्थन किया है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणजीत सिंह सुरजेवाला ने संकेत दिए कि उनका दल सरकार पर दबाव बनाए रखेगा और संप्रग-1 की तर्ज पर केंद्र सरकार की ओर से किसानों की कर्जमाफी की मांग करेगा।
Keyword: agri, farmer, loan,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या पनाया सौदे में बेकसूर साबित होने पर बढ़ेगा सिक्का का कद?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.