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जीएसटी बिगाड़ेगा उर्वरक कंपनियों का गणित

दिलीप कुमार झा / मुंबई 06 05, 2017

बदलेगा कर ढांचा

► जीएसटी में उर्वरकों पर कुल कर बढ़कर हो जाएगा 12 प्रतिशत
उर्वरक कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का नहीं मिल पाएगा लाभ

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में करों के उलट-फेर से उर्वरक कंपनियों के मार्जिन पर तगड़ी चोट पड़ सकती है। इस समय उर्वरक की बिक्री पर 6 प्रतिशत शुल्क लगता है, जिसमें 1 प्रतिशत उत्पाद शुल्क भी शामिल है। उसके अलावा 6 प्रतिशत मूल्यवद्र्घित कर (वैट) भी उस पर वसूला जाता है। शुल्क का इनपुट टैक्स क्रेडिट होता है। किंतु जीएसटी प्रणाली में तैयार उर्वरक पर कुल 12 प्रतिशत कर लगेगा। इस तरह कंपनियों के 6 प्रतिशत शुल्क की भरपाई नहीं हो पाएगी। यदि उसकी भरपाई करनी है तो सब्सिडी में उतना ही इजाफा करना होगा। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो कंपनियों को यह बोझ उपभोक्ताओं पर डालना होगा और इसके लिए वे उर्वरको के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) बढ़ाएंगी। यदि ऐसा हुआ तो यूरिया, डाईअमोनियम फॉस्फेट (डीएपी और नाइट्रोजन, पोटेशियम तथाफॉस्फोरस सहित अन्य उत्पाद) की कीमतों में 6 से 11 प्रतिशत और 8.10 प्रतिशत बढ़ोतरी हो सकती है।

इक्रा में वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कॉर्पोरेट रेटिंग्स के समूह प्रमुख के रविचंद्रन ने कहा, 'मिश्रित उर्वरकों में मुख्य रसायनों जैसे फॉस्फोरिक एसिड और अमोनियम पर 18 प्रतिशत जीएटी वसूला जाएगा। इसी तरह तैयार वस्तुओं पर 12 प्रतिशत कर लगेगा। तैयार माल पर सब्सिडी के कारण और इसके कारोबार में मूल्यवद्र्घन बहुत कम होने के कारण कच्चे माल पर तैयार माल की अपेक्षा अधिक कर लगेगा। इससे उर्वरक उद्योग को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिल पाएगा और कार्यशील पूंजी अटक जाएगी।' रविचंद्र ने कहा कि डीएपी के आयातकों का पलड़ा देश में ही इनका उत्पादन करने वालों की तुलना में भारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे उर्वरक कंपनियों का मुनाफा कमजोर होगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सीमा से अधिक क्रेडिट की संभावना से से इनकार किया है, जिसका सीधा मतलब हुआ कि तय सीमा से अधिक इनपुट क्रेडिट नहीं दिया जाएगा। लिहाजा उर्वरक कंपनियों पर दबाव और बढ़ जाएगा। लंदन की जिंस शोध कंपनी सीआरयू में मुख्य उर्वरक विश्लेषक दीपक चित्रोदा कहते हैं, 'उत्तर भारत के राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में उर्वरकों की बिक्री पर वैट नहीं वसूला जाता, इसलिए जीएसटी के तहत उनकी कीमतों में ज्यादा इजाफा हो जाएगा। चित्रोदा ने कहा कि इससे सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी बढ़ जाएगा। उर्वरक  कंपनियों के लिए एक चिंता की बात यह होगी कि माल एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने पर भी जीएसटी लगाया जाएगा। फिलहाल रियायतों की वजह से यह कर मुक्त है।
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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