Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, September 25, 2017 04:22 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम बाजार खबर

मिड-कैप में बहार से बढ़ा नए अरबपतियों का संसार

दीपक कोरगांवकर और पुनीत वाधवा / मुंबई/नई दिल्ली 06 04, 2017

लंबी होती अरबपतियों की फेहरिस्‍त

मिड और स्मॉल कैप शेयरों में इस साल अब तक आई उछाल से निवेशकों की ही जेब भारी नहीं हुई है, सूचीबद्ध कंपनियों के प्रवर्तकों की भी चांदी हो गई है। इनमें से कई अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए हैं। मोतीलाल फाइनैंशियल सर्विसेज के मोतीलाल ओसवाल और रामदेव अग्रवाल, एमआरएफ के के एम मेमन, जेएम फाइनैंशियल सर्विसेज के निमेष कंपानी, हटसन एग्रो प्रॉडक्ट्स के आर जी चंद्रमोहन और नेटको फार्मा के वी सी नन्नापेनेनी 1 अरब डॉलर यानी 6,450 करोड़ रुपये वाले क्लब के नए सदस्य हैं।

इस नेटवर्थ की गणना पिछले साल 31 दिसंबर और इस साल 31 मार्च को इन प्रवर्तकों की अपनी-अपनी सूचीबद्ध कंपनियों में हिस्सेदारी और पिछले साल 31 दिसंबर तथा इस साल 31 मई को उनके शेयरों के बाजार मूल्य में अंतर के आधार पर की गई है। इस गणना में क्रॉस होल्डिंग को शामिल नहीं किया गया है। इस सूची के बढऩे का कारण हाल के महीनों में मिड और स्मॉल कैप शेयरों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये का मजबूत होना है। पिछले साल 31 दिसंबर से इस साल मई तक रुपया डॉलर के मुकाबले 5 फीसदी मजबूत होकर 64.51 पर पहुंच गया।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज और जेएम फाइनैंशियल जैसी वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की कीमत दिसंबर तिमाही के मुकाबले दोगुनी हो चुकी है। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के संस्थापकों ने 1980 के दशक के अंत में सब ब्रोकर के तौर पर शुरुआत की थी। जेएम फाइनैंशियल के कंपानी दिग्गज निवेश बैंकर हैं जिनके पास कई दशक का अनुभव है।

दवा कंपनी नेटको फार्मा औषधि क्षेत्र की उन चंद कंपनियों में शामिल है जिन्होंने हाल के समय में अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी के शेयरों का भाव इस साल तकरीबन 50 फीसदी चढ़ गया है, जिससे इसके प्रवर्तक वी सी नन्नापाणिनी अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए हैं। खुदरा क्षेत्र की कंपनी वक्रांगी के शेयरों की कीमत में भी 50 बढ़ोतरी हुई है। टायर बनाने वाली कंपनी एमआरएफ और दक्षिण भारत की डेयरी कंपनी हटसन एग्रो के शेयरों में आई उछाल ने भी उनके प्रवर्तकों मेमन परिवार और आर जी चंद्रमोहन को अरबपतियों की सूची में शुमार कर दिया।

पेप्सिको के लिए बोतलें बनाने वाली वरुण बेवरिजेस पिछले साल सूचीबद्ध हुई थी और उसने भी रवि जयपुरिया को अरबपति बना दिया। बिजली उपकरण बनाने वाली कंपनी वी गार्ड और थीम पार्क कंपनी वंडरला के प्रवर्तक के चित्तिलापल्ली भी 6,500 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति के मालिकों की सूची में शामिल हो गए। शेयर बाजारों में 30 दिसंबर से 31 मई के बीच बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक (25 फीसदी तक) और मिडकैप सूचकांक (25 फीसदी तक) का प्रदर्शन बीएसई सेंसेक्स  (17 फीसदी) से बेहतर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों ने उन कंपनियों के शेयरों पर पैसा लगाया जहां उनके बढ़ोतरी की संभावना दिखी और जो आकर्षक मूल्यांकन पर उपलब्ध थे।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च ऐंड एडवाइजरी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक  जी चोकालिंगम ने कहा, 'कुछ शेयरों में निवेशकों ने वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए पैसा लगाया। उदाहरण के लिए एमआरएफ इसलिए निवेशकों की नजरों में चढ़ी क्योंकि रबर की कीमत में भारी गिरावट आ गई थी।'

शेयरों की कीमत में बढ़ोतरी के दम पर कई कंपनियों के संस्थापकों और प्रवर्तकों की अरबपतियों की सूची में वापसी हुई है। इनमें फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियाणी, प्रेस्टीज एस्टेट प्रोजेक्ट्स के इरफान रजाक, थर्मेक्स की अनु आगा और सिंफनी के अचल बकेरी, मैक्स फाइनैंशियल सर्विसेज के अनलजित सिंह और एसआरएफ के अरुण भरत राम शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले शेयर ओर मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनियां आगे भी निवेशकों और प्रवर्तकों की झोलियां भरती रहेंगी।

Keyword: मिड कैप, स्मॉल कैप, शेयर, निवेशक, सूचीबद्ध कंपनी, प्रवर्तक, चांदी, नेटवर्थ, हिस्सेदारी,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*

स्मार्ट इंवेस्टर

जब शेयर लुढ़कें तो सोना चमके

Investmentsपिछले एक महीने के दौरान सोने में 3.48 फीसदी तेजी आई है और भारतीय बाजारों में

क्या है आंकड़ों के पीछे का सच?

विनिवेश योजना से शेयर पर बना रहेगा दबाव

केयर्न इंडिया : मजबूत उत्पादन से मिली मदद

धातु कंपनियों की चमक बरकरार रहने के आसार

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.