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पीओएस सरल निवेश: गारंटीशुदा रिटर्न

संजय कुमार सिंह /  June 04, 2017

पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल पर खरीदी जाने वाली देश की पहली और शायद सबसे सरल जीवन बीमा योजना आखिरकार आ ही गई है। एडलवाइस टोक्यो लाइफ इंश्योरेंस ने हाल में 'पीओएस सरल निवेश' पेश की है। पीओएस - जीवन बीमा योजनाओं पर भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के हालिया दिशानिर्देशों के तहत मंजूर की गई यह पहली योजना है।
पीओएस सरल निवेश नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग एंडाउमेंट जीवन बीमा योजना है, जो सुरक्षा भी देती है और बचत का मौका भी देती है। इसमें फायदों की एकदम गारंटी रहती है और पॉलिसी पूरी यानी परिपक्व होने पर अथवा परिपक्वता से पहले ही मृत्यु हो जाने पर ये लाभ दे दिए जाते हैं। इसमें 50,000 रुपये से 10 लाख रुपये तक का बीमा किया जाता है और ग्राहक 10,000 रुपये के गुणकों में यानी 50 हजार, 60 हजार, 70 हजार, 80 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक रकम चुन सकते हैं। पॉलिसी की अवधि 10 से 20 साल के बीच है और प्रीमियम की अवधि 5, 7, 10 और 12 साल है।
इस पॉलिसी का अहम पहलू इसकी सरलता है। एडलवाइस टोक्यो लाइफ इंश्योरेंस के प्रमुख एवं नियुक्त एक्चुअरी शुभ्रजित मुखोपाध्याय कहते हैं, 'आईआरडीए ने अपने दिशा-निर्देशों में जो प्रमुख शर्त जोड़ी है, वह यह है कि योजना यानी पॉलिसी को खरीदना आसान होना चाहिए और समझना भी आसान होना चाहिए। कोई भी पॉलिसी खरीदने का फैसला करने के लिए ग्राहक को केवल तीन चीजें पता होनी चाहिए: अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए उसे कितनी रकम की जरूरत होगी? उसे रकम की जरूरत कितने साल के बाद होगी? और उस रकम के लिए उसे कितने साल तक प्रीमियम चुकाना पड़ेगा? इस योजना में किसी तरह की अस्पष्टïता या भ्रम है ही नहीं। सब कुछ पहले ही साफ कर दिया गया है।'
इस योजना को खरीदना भी आसान है। मुखोपाध्याय कहते हैं, 'सत्यापन के साथ केवल 20 मिनट के भीतर इस योजना को स्वीकृति मिल सकती है। पेशकश को स्वीकार करना है या ठुकरा देना है, इसका फैसला हम फौरन कर लेते हैं।' सामान्य एंडाउमेंट योजना में ग्राहक को चिकित्सा जांच करानी होती है। इसके साथ ही उन्हें अपने स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में ढेर सारे सवालों के जवाब भी देने पड़ते हैं। उन्हें अपने स्वास्थ्य की स्थिति या चिकित्सा रिकॉर्ड के बारे में केवल चार सवालों का जवाब देना पड़ेगा।
इस पॉलिसी के लिए 90 दिन की प्रतीक्षा अवधि रखी गई है। दुर्घटना में मौत के अलावा इस दौरान अगर कुछ भी हो जाता है तो प्रीमियम नहीं देना होगा।
अच्छी बात यह है कि यह पॉलिसी एकदम सरल है और इसे आसानी से समझा जा सकता है। इसीलिए इसे खरीदना भी बहुत आसान है। यह प्रतिफल की गारंटी देती है। लेकिन इसकी सबसे बड़ी खामी इसमें मिलने वाले प्रतिफल की दर है। जेएलटी इंडिपेंडेंट इंश्योरेंस ब्रोकर्स में उप-मुख्य कार्याधिकारी अरविंद लड्ढïा कहते हैं, 'प्रतिफल की गारंटी तो है और इस योजना में जीवन बीमा भी मिल जाता है, लेकिन इसे खरीदने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि प्रतिफल ठीकठाक है या नहीं। इसमें जो फायदे दिखाए गए हैं, उनके मुताबिक पांच फीसदी के आसपास ही प्रतिफल हासिल होगा।' लड्ढïा को यह भी लगता है कि प्रतिफल बेशक कम लग सकता है, लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि प्रतिफल पूरी तरह कर-मुक्त है और योजना 10 से 20 वर्ष के लिए है। इतनी लंबी अवधि में अन्य बचत योजनाओं से मिलने वाला प्रतिफल भी नीचे लुढ़क सकता है। लड्ढïा कहते हैं, 'यदि किसी ग्राहक को सुरक्षित, गारंटीशुदा प्रतिफल वाली जीवन बीमा योजना की तलाश है तो वह इसे खरीद सकता है। यह उन लोगों के लिए एकदम मुफीद है, जो जोखिम से अपेक्षाकृत बचकर रहते हैं और अपने निवेश एवं बीमा पोर्टफोलियो की शुरुआत ही कर रहे हैं।'
लेकिन जिन निवेशकों को गारंटीशुदा प्रतिफल नहीं चाहिए, वे इस योजना को नमस्ते कह सकते हैं। सेबी के साथ पंजीकृत निवेश सलाहकार पर्सनलफाइनैंसप्लान डॉट इन के संस्थापक दीपेश राघव सलाह देते हैं, 'जोखिम से बचने वाले निवेशकों को टर्म प्लान और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) में निवेश करना चाहिए। जो जोखिम उठाने की कुव्वत रखते हैं, उन्हें टर्म बीमा के साथ इक्विटी म्युचुअल फंडों में रकम लगाने के बारे में सोचना चाहिए।'
लेकिन जो निवेशक इस योजना को खरीदने के बारे में सोच रहे हैं, उन्हें कुछ बातों का खयाल जरूर रखना चाहिए। खरीदारी के समय पूरी जानकारी देनी चाहिए और यह जानकारी एकदम सही होनी चाहिए। लड्ढïा का कहना है, 'अगर पॉलिसी जारी किए जने के एक-डेढ़ साल के भीतर ही पॉलिसीधारक की मौत हो जाती है तो बीमा कंपनी इस बात की जांच कर सकती है कि किसी प्रकार की साजिश या हेराफेरी तो नहीं की गई है।'

Keyword: POS, insurance, IRDAI,
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