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कुछ अचल संपत्ति बेचेगी एयर इंडिया, जमीन बेचकर होगी पुनरुद्धार की शुरुआत

अरिंदम मजूमदार / नई दिल्ली 06 01, 2017

एयर इंडिया की संपत्ति

नई दिल्ली में गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर एयरलाइन्स हाउस की 0.77 एकड़ जमीन
मुंबई में नरीमन पॉइंट स्थित एयर इंडिया बिल्डिंग
बाबा खडग़ सिंह मार्ग, नई दिल्ली में 166,188 वर्ग मीटर की जगह
नई दिल्ली के वसंत विहार में कर्मचारी आवास में 30 एकड़

एयर इंडिया के पुनरुद्धार की शुरुआत इसकी संपत्तियों और देश भर में कंपनी के स्वामित्व वाली जमीन की बिक्री के साथ होगी। नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने इस प्रक्रिया पर निर्णय के लिए आज वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। मामले के जानकार सूत्रों ने कहा कि शहरों, हवाईअड्डों और विमान कंपनी के कार्यालय वाली जगहों पर अचल संपत्ति की बिक्री की योजना पर विचार किया गया। इसकी संपत्तियों का ब्योरा तैयार करने और उसकी उपयुक्त कीमत आंकने के लिए सलाहकार की भी नियुक्ति की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा एक समिति करेगी।

इस समिति में विमानन मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और एयर इंडिया के सचिव स्तर के अधिकारी तथा एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश शामिल होंगे। एक अधिकारी ने बताया, 'एयर इंडिया के पास भारत और विदेश में काफी अचल संपत्ति  है। इनमें से कई संपत्तियां बिना उपयोग के लंबे समय पड़ी हैं। इसके अलावा, जहां विमानन कंपनी ने परिचालन बंद कर दिया है, वहां भी इसकी कुछ संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों को बेचकर कंपनी के कर्ज को कम करने का विचार किया जा रहा है।'

एयर इंडिया पर कुल 46,570 करोड़ रुपये का कर्ज है। इनमें से करीब 16,000 करोड़ रुपये का कर्ज विमानों की खरीद की खातिर लिए गए हैं। यह पहला मौका नहीं है जब एयर इंडिया ने संपत्तियों की बिक्री का निर्णय किया है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दौरान भी 2012 में इसकी संपत्ति बेचने की सलाह दी गई थी। एयर इंडिया के निजीकरण योजना के बारे में पूछने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस प्रक्रिया का खाका तैयार करेगा।

नीति आयोग द्वारा एयर इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की सलाह के बावजूद सरकार इस कंपनी पर अपना नियंत्रण संभवत: नहीं छोड़ेगी। सरकार प्रयास कर सकती है कि कर्जदाता कर्ज को इक्विटी में बदलें, गैर-मुख्य संपत्तियों की बिक्री की जाए और विमान के परिचालन के लिए पेशेवरों की नियुक्ति की जाए।

अधिकारियों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि एयर इंडिया पर सरकार का नियंत्रण इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि विमानन क्षेत्र में इसका अपना रणनीतिक महत्च है। अधिकारी ने कहा, 'पिछले दो वर्षों में इसकी स्थिति काफी सुधरी है लेकिन कर्ज से इस पर दबाव बना हुआ है।' उन्होंने कहा कि परिसंपत्तियों की बिक्री से 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व जुटाया जा सकता है।
Keyword: एयर इंडिया, जमीन, बिक्री, अशोक गजपति राजू, शहर, हवाईअड्डा, विमानन, संपत्ति, नियुक्ति,
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