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विनिवेश के लिए घटेगा एयर इंडिया का कर्ज!

अरूप रायचौधरी, संजीव मुखर्जी और अरिंदम मजूमदार / नई दिल्ली 5 31, 2017

एयर इंडिया पर है 46,570 करोड़ रुपये का कर्ज

नीति आयोग ने एयर इंडिया के 100 फीसदी रणनीतिक विनिवेश का दिया सुझाव
पीएमओ चाहता है घरेलू निवेशक ही करे एयर इंडिया का परिचालन
बैंकों के साथ जल्द होगी कर्ज पुनर्गठन पर बातचीत

सार्वजनिक क्षेत्र की विमान कंपनी एयर इंडिया नीलामी से पहले अपने कर्ज का पुनर्गठन करने की संभावना तलाश सकती है ताकि संभावित खरीदारों के लिए सौदा आकर्षक बन सके। यह दूसरा मौका होगा जब एयर इंडिया के कर्ज के व्यापक पुनर्गठन का प्रयास किया जाएगा। पहली बार कर्जदाताओं के कंसोर्टियम द्वारा दिलचस्पी नहीं दिखाने से यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई थी। एयर इंडिया पर करीब 46,570 करोड़ रुपये का कर्ज है।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक जल्द ही एयर इंडिया के साथ नए सिरे से बातचीत शुरू कर सकते हैं। इसके तहत एयर इंडिया के कर्ज बोझ को कम करने पर ध्यान दिया जाएगा। कुल 46,500 करोड़ रुपये के कर्ज में से करीब 16,000 करोड़ रुपये का कर्ज विमानों के लिए लिया गया है, जिसका एक हिस्सा एक्जिम बैंक से गैर-परिवर्तनीय डिबेंचरों के माध्यम से जुटाया गया है। विमानों के लिए कर्ज सॉवरिन बॉन्ड के जरिये लिया गया है और इस पर भारत सरकार ने गारंटी दी है। सूत्रों का कहना है कि पुनर्गठन के तहत कार्यशील पूंजी पर ध्यान दिया जाएगा। एयर इंडिया को भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई वाले 25 बैंकों के कंसोर्टियम द्वारा बतौर कर्ज कार्यशील पूंजी दी गई है।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'विमानन कंपनी को कर्ज पुनर्गठन के बिना बेचा नहीं जा सकता। सार्वजनिक बैंकों और एयर इंडिया के बीच जल्द ही बातचीत शुरू होगी।' नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने भी कहा कि एयर इंडिया के कर्ज के कारण सरकार को इसके लिए खरीदार तलाशना कठिन होगा। उन्होंने कहा, 'खरीदार तलाशना कठिन होगा लेकिन हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।' विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगले तीन महीने में इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा।

हालांकि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बैंकों पर सरकार की ओर से कोई दबाव नहीं है और वे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेंगे। अधिकारी ने कहा, 'बैंक का निर्णय वािणज्यिक स्तर पर होगा। फिर चाहे कर्ज को इक्विटी में बदलने की बात हो या कोई और उपाय।' मामले के जानकार एक शख्स ने कहा, 'इस मसले पर त्वरित समाधान के लिए सरकार की ओर से बैंकों पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। वे कारोबारी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।' इससे पहले विमानन कंपनी के कर्ज को इक्विटी में बदलने का प्रयास विफल रहा था क्योंकि बैंकों ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। नीति आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपी अपनी सिफारिश में एयर इंडिया में 100 फीसदी रणनीतिक विनिवेश का सुझाव दिया है।

अधिकारी ने बताया कि आयोग का विचार है कि इस सौदे को आकर्षक बनाने के लिए आधे से ज्यादा कर्ज को बट्टे खाते डाला जा सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय का सुझाव है कि एयर इंडिया का परिचालन घरेलू निवेशकों द्वारा ही किया जाना चाहिए। विमानन मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि शायद ही कोई घरेलू निवेशक कर्ज तले दबी इस कंपनी का सौदा करने को इच्छुक होगा।

Keyword: सार्वजनिक क्षेत्र, विमान कंपनी, एयर इंडिया, नीलामी, कंसोर्टियम, एक्जिम बैंक, सॉवरिन बॉन्‍ड,
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