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बाजार में रिकॉर्ड कारोबार

पवन बुरुगुला / मुंबई May 31, 2017

मई में बेंचमार्क सूचकांक के नई ऊंचाई पर पहुंचने के साथ कारोबारी गतिविधियां भी रफ्तार पकड़ती नजर आई है। मई में डेरिवेटिव में रोजाना औसत कारोबार 5.31 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। रोजाना नकदी कारोबार 34,800 करोड़ रुपये रहा, जिसमें पिछले महीने के मुकाबले 21 फीसदी की तेजी दर्ज हुई, लेकिन यह मार्च के रिकॉर्ड कारोबार 38,424 करोड़ रुपये के मुकाबले थोड़ा नीचे है। 
 
विशेषज्ञों ने कहा, शेयरों के नई ऊंचाई पर होने के बावजूद डेरिवेटिव व नकदी में उच्च कारोबार इस तेजी में भरोसे का संकेत है। बेंचमार्क सूचकांक में मई के दौरान 4 फीसदी की तेजी दर्ज हुई। बाजार के जानकारों ने कहा, उच्च कारोबार में संस्थागत निवेशकों का ज्यादा योगदान रहा है, वहीं खुदरा कारोबार मई में स्थिर रहा है। विशेषज्ञों ने कहा, कर संधि में बदलाव से डेरिवेटिव में विदेशी संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है, जो वायदा व विकल्प में उच्च कारोबार की अगुआई कर रहे हैं। वायदा एवं विकल्प में औसत रोजाना कारोबार अप्रैल में पहली बार 5 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा था, जब नई संधि प्रभावी हुई थी।
 
मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के मुख्य कार्याधिकारी (खुदरा ब्रोकिंग व वितरण) अजय मेनन ने कहा, संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते बाजार के कारोबार में पिछले कुछ महीने में काफी तेजी दर्ज हुई है। तेजी के बाजार में ऐसे उच्च कारोबार से संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार में काफी मजबूती है। सुधार पर सरकार के मौजूदा कदम और सकारात्मक मॉनसून की भविष्यवाणी ने बाजार की तेजी को और मजबूत बनाया है। मई में विस्तृत बाजार का सुस्त प्रदर्शन खुदरा भागीदारी में नरमी के चलते देखने को मिला। बीएसई मिडकैप इंडेक्स मई में 1.2 फीसदी टूटा, जबकि बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स ने 1.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की है।
 
रिलायंस सिक्योरिटीज के मुख्य कार्याधिकारी बी गोपकुमार ने कहा, मई में संस्थागत भागीदारी बढ़ी है, लेकिन मिडकैप व स्मॉलकैप के कमजोर प्रदर्शन से खुदरा व एचएनआई का कारोबार स्थिर रहा है। ऐसे शेयर एचएनआई व खुदरा निवेशकों के पोर्टफोलियो का अच्छा खासा हिस्सा होते हैं। विश्लेषकों को लगता है कि अल्पावधि से मध्यम अवधि में बाजार का कारोबार मजबूत बना रहेगा क्योंकि म्युचुअल फंड व एफआईआई लगातार निवेश को मौके खोजेंगे। मई में म्युचुअल फंडों ने भारतीय बाजार में 11,224 करोड़ रुपये की खरीदारी की, वहीं एफआईआई ने 1.4 अरब डॉलर के शेयर खरीदे। उच्च कारोबार की एक अन्य वजह पिछले कुछ महीने में निष्क्रिय निवेशकों का वापस लौटना है।
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
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