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आरकॉम का बाजार पूंजीकरण 14 महीने में रह गया आधा

कृष्ण कांत और देव चटर्जी /  May 28, 2017

अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के शेयर पर उसकी वित्तीय सेहत से जुड़ी चिंताओं को लेकर दलाल पथ पर दबाव बना हुआ है। आरकॉम का बाजार पूंजीकरण मार्च 2016 के 12,444.9 करोड़ रुपये से 46 फीसदी तक घटकर 25 मई 2017 को 6,458.9 करोड़ रुपये रह गया।
यह शेयर बीएसई पर दो सप्ताह में 21 फीसदी गिरा है। घरेलू रेटिंग एजेंसियों द्वारा क्रेडिट रेटिंग घटाए जाने के बाद इसमें बड़ी गिरावट आई है। इस अवधि में भारती एयरटेल का शेयर सपाट (एक फीसदी तक की तेजी) बना रहा, जबकि आइडिया सेल्युलर में 13 फीसदी की गिरावट आई। वहीं सेंसेक्स में इस अवधि में 1.7 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। इस सप्ताह के शुरू में केयर ने आरकॉम की रेटिंग ए- से घटाकर बीबी कर दी। एजेंसी ने इस क्षेत्र में बढ़ते मूल्य निर्धारण दबाव को देखते हुए परिचालन जोखिम का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी की क्रेडिट रेटिंग पर नजर रखी जाएगी। एजेंसी का कहना है कि आरकॉम में ऊंचे कर्ज स्तर, कम नकदी प्राप्ति और पुन: भुगतान संबंधित देयता ने वित्तीय जोखिम बढ़ाया है।
रेटिंग में इसी तरह की गिरावट इस महीने के शुरू में आईसीआरए द्वारा की गई। उसने दीर्घावधि रेटिंग बीबीबी से घटाकर बीबी कर दी और अपने पिछले नकारात्मक दृष्टिïकोण को बरकरार रखा। आईसीआरए ने कहा कि यह बदलाव उद्योग में कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए मौजूदा दबाव और राजस्व प्राप्ति और मुनाफे के संदर्भ में कमजोर दृष्टिïकोण को ध्यान में रखकर किया गया है।
रेटिंग एजेंसियों और निवेशकों की चिंता घटते मुनाफे और तेजी से बढ़ रही ब्याज देनदारियों और सकल ऋण की वजह से सामने आई है। वित्त वर्ष 2017 के पहले 9 महीनों के दौरान आरकॉम का परिचालन मुनाफा समेकित आधार पर 23.5 फीसदी घटकर 4,408 करोड़ रुपये रह गया और ब्याज देनदारियां 21 फीसदी तक बढ़कर 2,578 करोड़ रुपये हो गईं। इसके परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2017 में ब्याज कवरेज अनुपात (आईसीआर) घटकर 1.7 के निचले स्तर पर रह गया। विश्लेषकों का कहना है कि यदि आगामी तिमाहियों में परिचालन मुनाफे में और गिरावट आती है तो कंपनी ब्याज भुगतान में विफल हो सकती है।
दिसंबर 2016 की तिमाही के दौरान आईसीआर घटकर 1.25 रह गया था क्योंकि परिचालन मुनाफा सालाना आधार पर 38 फीसदी घट गया था, ब्याज भुगतान में 37 फीसदी तक का इजाफा हुआ था और कंपनी ने 531 करोड़ रुपये का शुद्घ नुकसान दर्ज किया था।
समेकित सकल ऋण वित्त वर्ष 2016 में 19 फीसदी तक बढ़ा था क्योंकि उसने 4जी टेक्नोलॉजी परिचालन शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम और नेटवर्क उपकरणों पर नया निवेश किया। शायद वित्त वर्ष 2017 के पहले 9 महीनों के दौरान ब्याज देनदारी में 20 फीसदी की वृद्घि को देखते हुए वित्त वर्ष 2017 में कर्ज में तेजी आई है। मौजूदा स्तर पर, आरकॉम का सकल ऋण उसके परिचालन मुनाफे का लगभग आठ गुना है। इससे उसके लिए आंतरिक स्रोतों के जरिये कर्ज अदायगी में समस्या पैदा हो गई है। वहीं भारती एयरटेल और आइडिया सेल्युलर के लिए यह अनुपात 3 और 5 है।

Keyword: Reliance communication, m-cap, telecom,
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