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जल्द सुधारें क्रेडिट स्कोर की खामी ताकि आगे न हो परेशानी

संजय कुमार सिंह /  May 21, 2017

आजकल किसी को कर्ज देना हो या कर्मचारियों को नौकरी देने से पहले उनकी जांच करनी हो, क्रेडिट स्कोर का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में अपने क्रेडिट स्कोर पर लगातार नजर रखना और उसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखने पर उसे जल्द से जल्द ठीक करा लेना बहुत जरूरी हो गया है। क्रेडिट स्कोर मुहैया कराने वाले चार प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो में शामिल सिबिल ने पिछले दिनों कई ई-कॉमर्स कंपनियों और कर्मचारियों की जांच करने वाली इंप्लॉयी स्क्रीनिंग फर्मों के साथ किया है। ई-कॉमर्स कंपनियां क्रेडिट स्कोर का उपयोग उन ग्राहकों के कर्ज मंजूर करने के लिए करेंगी, जिन्हें वे मासिक किस्तों यानी ईएमआई पर सामान बेचती हैं। इंप्लॉयी स्क्रीनिंग कंपनियां इस स्कोर का इस्तेमाल उन कर्मचारियों का पता लगाने के लिए करेंगी, जो कर्ज में दबे हुए हैं (इसके पीछे तर्क यह है कि ऐसे कर्मचारी अपने काम पर ध्यान नहीं दे पाते हैं और उनका ज्यादा ध्यान कर्ज से जुड़ी दिक्कतों पर लगा रहता है)। दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियां पोस्ट-पेड कनेक्शन के लिए ग्राहक चुनने की खातिर क्रेडिट रिपोर्ट का उपयोग करती हैं। अब तो कुछ स्कूलों ने भी अभिभावकों के क्रेडिट स्कोर मंगाने शुरू कर दिए हैं।

 
क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट का इस्तेमाल बहुत बढ़ रहा है, लेकिन कई बार क्रेडिट रिपोर्टों में गलतियां भी पाई जाती हैं। कर्जदारों का क्रेडिट स्कोर सुधारने में मदद करने वाली संस्था 'क्रेडिट सुधार' ने देश भर में 1,200 लोगों का सर्वेक्षण किया तो पता चला कि हर तीसरी क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियां थीं (हालांकि इनमें से सिर्फ 50 फीसदी में गंभीर या बड़ी गलतियां थीं)। इसलिए समय समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचते रहें। एक्सपीरियन क्रेडिट ब्यूरो, इंडिया में प्रबंध निदेशक मोहन जयरामन का कहना है, 'हिसाब किताब में गड़बड़ी की वजह से क्रेडिट रिपोर्ट में होने वाली गलतियां आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे आपको क्रेडिट कार्ड के जरिये कर्ज प्राप्त करने या ऋण लेने में दिक्कत हो सकती है।'
 
के्रडिट ब्यूरो कर्ज देने वाली विभिन्न संस्थाओं से जुटाई गई जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार करते हैं। कभी कभी उनके पास गलत जानकारी भी आ जाती है। जब ब्यूरो के पास यह जानकारी पहुंचती है तो वे प्रत्येक ग्राहक के बारे में विभिन्न संस्थाओं से मिली जानकारी का मिलान एल्गोरिदम के जरिये करते हैं। कई बार इस मिलान प्रक्रिया के दौरान कोई चूक हो जाती है। कभी-कभी पहचान संबंधी धोखे के कारण भी गलती हो जाती है। कोई व्यक्ति किसी अन्य के नाम पर ऋण लेने के लिए फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर सकता है। इससे कर्ज का रिकॉर्ड फर्जीवाड़े के शिकार व्यक्ति के क्रेडिट रिकॉर्ड से जुड़ जाता है।
 
क्रेडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी को सही कराने का सही तरीका इस तरह है। सबसे पहले तो यह देखें कि क्या आपकी पहचान का इस्तेमाल किसी और ने किया है। यदि ऐसा है तो अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराएं। इसके बाद चारों ब्यूरो में विवाद फॉर्म जमा कराएं। सिबिल जैसी कंपनी के पास यह काम ऑनलाइन कराया जा सकता है। उनकी वेबसाइट से अपना नि:शुल्क क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट प्राप्त करें। माईसिबिल पर लॉग करें, 'रेज अ डिस्प्यूट' पर क्लिक करें। ट्रांसयूनियन सिबिल में कंज्यूमर इंटरेक्टिव के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख हृषीकेश मेहता कहते हैं, 'ग्राहक को अपने खाते का प्रकार चुनना चाहिए और उसके बाद रिपोर्ट के उक्त हिस्से में जरूरी बदलाव करने चाहिए। यह फॉर्म समीक्षा के लिए हमारे पास ऑनलाइन भेजा जा सकता है।'
 
ब्यूरो ऐसे मामले पर विचार करते हैं और फिर इसके बारे में बैंक को अवगत कराते हैं। मेहता का कहना है, 'नियामकीय जरूरतों की वजह से किसी भी जानकारी में तब्दीली के लिए संबंधित ऋणदाता संस्था से अनुमति लेना आवश्यक हो गया है।' इसके बाद बैंक और ब्यूरो के बीच ही विवाद का समाधान होता है। क्रेडिट सुधार के सह-संस्थापक अरुण राममूर्ति कहते हैं, 'अंत में यह फैसला बैंक के ही हाथ में होता है कि कर्ज वास्तव में लिया गया था या नहीं।' जयरामन का कहना है कि क्रेडिट सूचना कंपनी (नियमन) अधिनियम के अनुसार क्रेडिट संबंधी जानकारी अद्यतन करने का अनुरोध आने के 30 दिन के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर ली जानी चाहिए। र्क बार प्रक्रिया बहुत बोझिल होती है और इसमें समय लग सकता है। राममूर्ति कहते हैं कि यदि ग्राहक यह दिखाने के लिए दस्तावेजी सबूत पेश कर सकता है कि ऋण उसका नहीं है तो समस्या जल्द सुलझ सकती है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि ऋण दस्तावेजों में जन्म की तारीख ग्राहक की असली जन्म तिथि से अलग है। तब ग्राहक अपनी असली जन्मतिथि का प्रमाण सौंपकर साबित कर सकता है कि उसने ऋण नहीं लिया था और फिर मामले को सुलझाया जा सकता है। 
Keyword: credit card, score, loan,,
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