बिजनेस स्टैंडर्ड - खादी उद्योग पांच साल में पांच करोड़ लोगों को देगा रोजगार : गिरिराज
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, October 21, 2017 03:57 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम निवेश खबर

खादी उद्योग पांच साल में पांच करोड़ लोगों को देगा रोजगार : गिरिराज

भाषा / मुंबई 05 19, 2017

सरकार की खादी उद्योग में अगले पांच साल के दौरान पांच करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने यह जानकारी दी। सिंह ने कल यहां पीटीआई-भाषा को बताया, 'हमने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) में सौर ऊर्जा से चलने वाले कताई चक्के लाने की योजना बनाई है ताकि इस क्षेत्र में अगले पांच साल के दौरान पांच करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।' केंद्रीय एमएसएमई मंत्री कल यहां ''रेमंड की खादी'  कार्यक्रम के मौके पर अलग से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा, 'इस समय खादी कुल कपड़ा उद्योग का एक प्रतिशत से भी कम है लेकिन पिछले दो साल के दौरान किए गए प्रयासों से खादी उद्योग का कारोबार 2014 के 35,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 52,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।' उन्होंने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय खादी ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रहा है। कयर उद्योग (नारियल के रेशे) के साथ-साथ खादी उद्योग सरकार के एजेंडा में सबसे शीर्ष पर है। सिंह ने कहा, 'कई तरह की योजनाएं जैसे कि ब्याज सहायता देना, बाजार उन्नयन और विकास योजना के तहत वित्तीय सहायता, क्लस्टर आधारित विकास के अवसर और इसके साथ ही नए डिजाइनों को बढ़ावा देते हुए सार्वजनिक निजी भागीदारी योजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।'

खाद्यी ग्रामोद्योग ने खादी कपड़ों के संयुक्त तौर पर संवर्धन के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों अरविंद, रेमंड और अन्य के साथ भी भागीदारी की है। इसके पीछे उद्देश्य खादी के कपड़ों को विशेषतौर पर युवाओं और कंपनियों के बीच प्रचलित करना है। सिंह ने कहा कि खादी के वातावरण अनुकूल और गुणवत्ता वाले कपड़ों को बाजार में उतारने के लिए फैशन डिजाइनरों को भी शामिल किया जा रहा है।  उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खादी कपड़ों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए 'जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट' योजना को शुरू किया है। इससे खादी उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने में मदद मिलेगी।

सिंह ने कहा कि केवीआईसी खादी को नए फैशन के साथ आगे बढ़ाना चाहती है। उसने देश के प्रमुख शहरों में आधुनिक खादी कपड़ों के प्रीमियम लांज खोलने का भी फैसला किया है। देशभर में खादी कपड़ों के 7,000 से अधिक शो-रूम हैं जिनमें खादी उत्पादों की बिक्री की जा सकती है। एमएसएमई राज्य मंत्री ने कहा कि मंत्रालय खादी स्टोर नेटवर्क का विस्तार करने पर भी गौर कर रहा है। खादी उत्पादों की ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिये बिक्री के लिए भागीदारी और गठबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवीआईसी अपने पूरे कामकाज का डिजिटलीकरण कराने पर भी ध्यान दे रहा है ताकि कागजी कार्य को कम से कम किया जा सके।

Keyword: रोजगार, एमएसएमई, केवीआईसी, सौर ऊर्जा, रेमंड, खादी, खादी ग्रामोद्योग, नारियल के रेशे,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या मूल्यांकनकर्ताओं के नियम से मूल्यांकन में आएगी पारदर्शिता?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.