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नोटबंदी के बाद बढ़े करदाता

एजेंसियां / नई दिल्ली May 16, 2017

नोटबंदी के बाद 91 लाख नए लोग कर के दायरे में आए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज यह जानकारी देते हुए कहा कि नोटबंदी के बाद बेहिसाबी धन 'गुमनाम' नहीं रहा। इस वजह से करदाताओं की संख्या में 91 लाख का इजाफा हुआ। 'स्वच्छ धन अभियान' पर एक नई वेबसाइट का शुभारंभ करते हुए जेटली ने कहा कि पिछले साल 8 नवंबर को ऊंचे मूल्य के नोट बंद करने के फैसले से डिजिटलीकरण को प्रोत्साहन मिला है, आयकरदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है और कर राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा नकद में लेनदेन में भी कमी आई है। 
 
वित्त मंत्री ने बताया कि 91 लाख नए लोग कर के दायरे में आए हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगे चलकर कर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में और वृद्धि होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद व्यक्तिगत आयकर संग्रहण बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नए पोर्टल से ईमानदार करदाताओं को फायदा होगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि नोटबंदी के बाद आयकर रिटर्न की ई-फाइलिंग में 22 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।  सीबीडीटी के प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी के बाद 17.92 लाख ऐसे लोगों का पता लगाया गया है जिनके पास जमा कराई गई नकदी का हिसाब किताब नहीं है। इसके अलावा कर विभाग ने एक लाख संदिग्ध कर चोरी के मामलों का पता लगाया है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद 16,398 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया गया है। चंद्रा ने कहा कि 17.92 लाख लोगों द्वारा जमा कराई गई नकदी या नकद लेनदेन उनकी आमदनी से मेल नहीं खाता। इनमें से 9.72 लाख लोगों ने आयकर विभाग की ओर से भेजे गए एसएमएस और ई-मेल का जवाब दिया है। 
 
अब हिसाब चुकाने का समय आ गया : जेटली
 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम तथा उनके बेटे के घरों के साथ राजद प्रमुख लालू प्रसाद से जुड़ी संपत्तियों की तलाशी की सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई के पक्ष में कहा कि कुछ लोगों के लिए अब हिसाब देने का समय आ गया है। जेटली ने कहा कि लोगों ने जो गड़बड़ी की है, उसका उन्हें जवाब देना ही होगा। जेटली ने कहा कि कर विभाग या केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तब तक कार्रवाई नहीं करता जब तक कि उसका कोई ठोस आधार और संदेह का ठोस कारण नहीं होता। वित्त मंत्री ने कहा, 'अब सत्ता में बैठे लोग बेनामी कंपनियों के जरिए संपत्ति खरीद रहे हैं, यह कोई मामूली बात नहीं है। मुझे लगता है कि बहुतों के लिए हिसाब देने का समय आ गया है, उनको जवाब देना ही होगा।' वह विपक्ष की ओर से बदले की कार्रवाई के रूप में छापेमारी के आरोपों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, 'जब तक कर चोरी  या अपराध के मामले के संदेह का कोई ठोस आधार या कारण नहीं होता है, ये विभाग कार्रवाई नहीं करते। क्योंकि अंतत: जो भी कार्रवाई की जाती है, उसका कुछ न कुछ परिणाम जरूर होता है।'
Keyword: income tax, CBDT, आयकर विभाग कराधान,
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