Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, July 25, 2017 06:04 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम बाजार खबर

'बैंकिंग सुधारों से भारत श्रेष्ठ इक्विटी बाजार बन गया है'

पुनीत वाधवा /  May 14, 2017

सीएलएसए में प्रबंध निदेशक एवं इक्विटी रणनीतिकार क्रिस्टोफर वुड ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट 'ग्रीड ऐंड फीयर' में लिखा है कि भारत उभरते बाजारों में 10 वर्षीय नजरिये से बेहद पसंदीदा इक्विटी बाजार है। इस विश्वास को मोदी सरकार द्वारा बैंकिंग सेक्टर में परिसंपत्ति गुणवत्ता समस्या दूर करने की दिशा में दिखाई जा रही दिलचस्पी से मजबूती मिली है। यह सकारात्मक नजरिया भारतीय बाजारों के महंगे मूल्यांकन के बावजूद बरकरार है। भारतीय बाजार वित्त वर्ष 2018 की आय के लगभग 18 गुना पर कारोबार कर रहा है और दिसंबर 2016 के निचले स्तर से लगभग 19 फीसदी चढ़ चुका है।

 
वुड का कहना है, 'ग्रीड ऐंड फीयर रचनात्मक बना हुआ है भले ही भारतीय शेयर बाजार आगामी आय के आधार पर निश्चित तौर पर महंगा है। इस साल अब तक शेयर बाजार में लगातार तेजी, और उसके परिणामस्वरूप रेटिंग में बदलाव से मुख्य रूप से घरेलू इक्विटी म्युचुअल फंडों में मौजूदा मजबूत प्रवाह को मजबूती मिली है।' आंकड़ों से पता चलता है कि कैलेंडर वर्ष 2017 के पहले तीन महीनों में म्युचुअल फंडों ने भारतीय इक्विटी बाजार में 11,469 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह निवेश प्रवाह अप्रैल में भी बरकरार रहा और म्युचुअल फंडों ने पूर्ववर्ती महीने के 4,196 करोड़ रुपये की तुलना में 9,917 करोड़ रुपये लगाए। आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2016 से अप्रैल 2017 के बीच के पिछले सात महीनों में म्युचुअल फंडों ने इक्विटी में 53,469 करोड़ रुपये का निवेश किया जबकि पूर्ववर्ती समीक्षाधीन अवधि में यह आंकड़ा 16,527 करोड़ रुपये था। 
 
नए बैंकिंग प्रावधान
 
इस बीच सरकार ने पिछले सप्ताह बैंकिंग रेग्युलेशन (एमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस 2017 को अधिसूचित किया, जो भारतीय बैंकिंग सिस्टम में 6 लाख करोड़ रुपये की गैर-निष्पादित आस्तियों से निपटने के लिए एक नई रूपरेखा की शुरुआत है। बैंकिंग नियामक को फंसे कर्ज से निपटने के बारे में निर्णय लेने और बैंकों को उसके अनुरूप कार्य करने का निर्देश देने में भी सक्षम बनाया गया है। आरबीआई बैंकों को निर्देश देने के लिए कई निगरानी समितियां और दबावग्रस्त परिसंपत्तियों से निपटने के लिए संयुक्त उधारी फोरम का भी निर्माण करेगा। 
वुड कहते हैं, 'इस संशोधन का अन्य मकसद सभी बैंकरों की इस चिंता को दूर करना है कि यदि वे विशेष ऋण के संबंध में हेयरकट (कमी लाने) के लिए सहमत होते हैं तो उन्हें भविष्य में किसी जांच एजेंसी की जांच के जोखिम का सामना करना होगा। हेयरकेट को लेकर बैंकों द्वारा परहेज किया जाना भारत की लंबी समय से चली आ रही बैंकिंग समस्या की एक मुख्य वजह है।' वुड के अनुसार बैंकिंग सेक्टर में इस पुरानी समस्या को दूर करने की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं होने की मुख्य वजह यह है कि भारत अभी भी निजी क्षेत्र-केंद्रित निवेश चक्र में किसी तरह की मजबूती और नवीनता नहीं देख रहा है। 
 
जीएसटी क्रियान्वयन
 
वुड के अनुसार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक का क्रियान्वयन एक ऐसी प्रमुख उपलब्धि है जिससे व्यापार से जुड़ी अंतर-राज्यीय बाधाएं समाप्त करने और कर राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी। वुड कहते हैं, 'मोदी के नेतृत्व में भारत की सफलता की शेष कहानी भी हमेशा की तरह जीवंत है। हालांकि यह सही हे कि आधार कार्यक्रम पूर्ववर्ती सरकार के नेतृत्व में शुरू किया गया था, लेकिन इसका वास्तविक रूप से क्रियान्वयन और व्यावहारिक प्रयोग मोदी द्वारा सत्ता की कमान संभाले जाने के बाद से ही किया गया है। वहीं प्रत्यक्ष रूप से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के फायदों का संपूर्ण तौर पर वर्णन करना कठिन है।' 
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*

स्मार्ट इंवेस्टर

क्या है आंकड़ों के पीछे का सच?

Investmentsअगर आप कंपनी के परिणामों के आंकड़ों पर ही केवल निगाह डाल रहे हैं तो दोबारा

विनिवेश योजना से शेयर पर बना रहेगा दबाव

केयर्न इंडिया : मजबूत उत्पादन से मिली मदद

धातु कंपनियों की चमक बरकरार रहने के आसार

निवेश के नए साधन, अस्पताल, स्कूल और एटीएम

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.