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जीएसटीएन में पंजीकरण अस्थायी रूप से निलंबित

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली May 09, 2017

मौजूदा करदाताओं को अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में जाने के लिए वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) में पंजीकरण की प्रक्रिया अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है और यह कुछ सप्ताह बाद फिर खुलेगी। जीएसटीएन, अस्थायी आईटी इन्फ्रास्ट्रक्टर से स्थायी सॉफ्टवेयर पोर्टल पर जाने का माध्यम है। बेटा टेस्टिंग किया जा रहा है और अगले कुछ सप्ताहों में नए पंजीकरण के लिए ढांचा तैयार कर लिया जाएगा। 
 
एक अधिकारी ने कहा कि हम अस्थायी आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर से आंकड़े स्थायी की ओर ले जा रहे हैं, जिसमें 10 से 15 दिन लगेंगे। उसके बाद हम पंजीकरण की प्रक्रिया फिर से शुरू कर देंगे। यह पूछे जाने पर कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने वाला है उसके महज एक महीने पहले पंजीकरण क्यों रोका गया, अधिकारी ने कहा कि जीएसटी पंजीकरण की रफ्तार पहले ही सुस्त हो चुकी है, जनवरी में जहां प्रतिदिन 1 लाख पंजीकरण देखे गए थे, वहीं अप्रैल के आखिर तक यह घटकर महज 3000 से 4000 रह गए हैं। 
 
उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि लोगों के पास संदेश जाए कि वे हर हाल में समय रहते पंजीकरण करा लें।' पंजीकरण की प्रक्रिया नवंबर मेंं शुरू हुई थी, जिसके लिए समयावधि तय थी। इसे तीन बार बढ़ाया जा चुका है। 20 अप्रैल तक केंद्रीय उत्पाद शुल्क भुगतान करने वाले 87 प्रतिशत और सेवा कर भुगतान करने वाले 84 प्रतिशत करदाताओं ने नए भुगतान पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करा ली है। 
 
जीएसटी लागू होने के बाद से सभी कारोबारियों के लिए 15 अंकों का जीएसटी नंबर जरूरी होगा, जो उनके आयकर के स्थायी खाता संख्या (पैन) के मुताबिक होगा। जीएसटीएन एक निजी निकाय है, जिसे इन्फोसिस की मदद से विकसित किया गया है। यह पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने और ई भुगतान के लिए एक सामान्य प्लेटफार्म मुहैया कराएगा। यह सामान्य जीएसटी पोर्टल को केंद्र व राज्यों के कर प्रशासन व्यवस्था से भी अलग करेगा। 
 
कुल 84 लाख पंजीकृत करदाताओं में से करीब 60.5 लाख पहले ही जीएसटीएन के तहत पंजीकृत हो चुके हैं। सरकारी अधिकारी ने कहा कि ओवरलैपिंग के मामले भी हो सकते हैं, जिसमें एक पी का इस्तेमाल कर कई पंजीकरण हुआ हो, उन्हें एक पंजीकरण दिया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि करदाताओं की संख्या की तुलना में कम पंजीकरण के मामले में यह जरूरी नहीं कि सभी ने पंजीकरण नहीं कराया है। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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