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योगी के 50 दिन: सही कदम मगर समस्या होगी रकम

वीरेंद्र सिंह रावत / लखनऊ May 08, 2017

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सत्ता में 50 दिन पूरे होने वाले हैं, ऐसे में उनसे लोगों की अपेक्षाएं भी कुलांचें भरने लगी हैं। योगी सरकार सत्ता में आने के बाद किसानों की कर्ज माफी और अगले दो सालों में प्रत्येक परिवार को 24 घंटे बिजली देने जैसे कदमों की घोषणाएं कर चुकी है। इन दोनों के लिए राज्य सरकार को करीब 72,000 करोड़ रुपये रकम की जरूरत होगी। इनके साथ ही भाजपा सरकार पर चुनाव पूर्व किए वादों का भी बोझ है, जिनके लिए अतिरिक्त रकम की जरूरत होगी। इन सभी वादों को मुकाम तक पहुंचाने के लिए योगी को वित्तीय समझदारी का परिचय देना होगा। 
 
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और भूतपूर्व उत्तर प्रदेश वित्त आयोग के पूर्व चेयरमैन अतुल कुमार गुप्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, 'योगी सरकार ने जो घोषणाएं की हैं, उन्हें पूरा करना मुश्किल जरूर है, लेकिन असंभव भी नहीं है। राज्य सरकार को इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और अच्छे लोगों की टीम की जरूरत होगी।'  हालांकि राज्य की खस्ता वित्तीय स्थिति राह में रोड़े अटका रही है। पिछली अखिलेश सरकार के शासन में राज्य का वित्तीय घाटा खासा बढ़ गया था। अखिलेश सरकार ने अपनी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं और योजनाओं पर जम कर खर्च किए, लेकिन निजी क्षेत्र से बहुत अधिक निवेश नहीं आया। इससे राज्य सरकार का वित्तीय गणित बिगड़ गया। दूसरे शब्दों में कहें तो राज्य का वित्तीय घाटा सपा सरकार के पिछले पांच सालों में 2.64 प्रतिशत से बढ़कर 4.45 प्रतिशत हो गया।  इस लिहाज से योगी सरकार के सामने वित्तीय मजबूती लाने की चुनौती होगी। 7वें वेतन आयोग के बाद सालाना वेतन और पेंशन के मद में राज्य पर 12 प्रतिशत का अतिरिक्त बोझ आएगा। अनुमान के अनुसार 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए राज्य सरकार को 28,000 करोड़ रुपये का वहन करना होगा। 
 
पिछली अखिलेश सरकार ने 21 दिसंबर 2016 को मौजूदा वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों के लिए अंतरिम बजट पेश किया था। अंतरिम बजट के अनुसार 2017-18 के लिए सालाना बजट का अनुमान 3,63,744 करोड़ रुपये लगाया गया, जो 2016 में 3,46,934 करोड़ रुपये था। हालांकि योगी सरकार के लिए कुछ बातें हित में हो सकती हैं। उदाहरण के लिए इस साल मॉनसून सामान्य रहने का अनुमान है, तो वहीं केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा सरकार रहने से आपसी तालमेल बना रहेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी और योगी के आपसी रिश्ते भी अच्छे रहे हैं। जीएसटी लागू होने का भी राज्य सरकार को लाभ होगा। 
Keyword: uttar pradesh, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,
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