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दशहरी की पैदावार कम, दाम में दम

सिद्धार्थ कलहंस / लखनऊ April 30, 2017

मौसम की बेरुखी और लगातार उतार-चढ़ाव के चलते इस साल फलों के राजा आम के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। आमों का राजा कहे जाने वाले दशहरी के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के फल उत्पादक क्षेत्र मलिहाबाद में इस साल इसके उत्पादन में 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि इसके उलट प्रदेश के अन्य हिस्सों में पैदा होने वाली प्रजाति लंगड़ा, सफेदा और चौसा का उत्पादन औसत रहेगा। दशहरी आम मई के दूसरे सप्ताह के बाद से बाजार में आना शुरू हो जाएगा। 
 
प्रदेश के उद्यान विभाग ने कहा है कि पिछले साल आम का उत्पादन 45 लाख टन से ज्यादा हुआ था जबकि इस बार इसमें 40-45 फीसदी तक कमी आ सकती है। विभाग का कहना है कि कम उत्पादन के बावजूद आम खासकर दशहरी की गुणवत्ता पहले के मुकाबले बेहतर ही रहेगी। हालांकि पैदावार कम होने के चलते दशहरी की कीमतें पिछले साल के मुकाबले कुछ ज्यादा रहेगी।
 
मलिहाबाद, माल और काकोरी के बागवानों का कहना है कि इस बार ठंड का मौासम उम्मीद से कुछ लंबा खिंच गया और बीच में बारिश भी हो गई, जिस वजह से आमों के पेड़ पर मंजर कम आए। मलिहाबाद के बागवान शिवशरन सिंह ने कहा, 'आम की फसल के साथ ऐसा होता है कि साल-दो साल अच्छे उत्पादन के बाद अगला साल कमजोर जाता है। उनका कहना है कि पिछले साल मलिहाबाद में दशहरी ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में पैदा होने वाली सभी प्रजातियों का उत्पादन खासा अच्छा रहा था। उत्तर प्रदेश में आम के 17 उत्पादन क्षेत्र (मैंगो बेल्ट) हैं, जहां करीब 2.60 लाख हेक्टेयर में आम के बाग हैं।
 
मलिहाबाद के निर्यातक नफीस नर्सरी के शबीहुल हसन ने बताया कि दशहरी की फसल इस बार कमजोर है और ज्यादातर बागों में बौर भी कम ही आए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले और लखनऊ के करीब फैजाबाद में तो आम की फसल अच्छी है पर दशहरी के लिए मशहूर मलिहाबाद क्षेत्र में हालत खराब है। शबीहुल ने कहा कि दशहरी के उलट आंध्र प्रदेश से आने वाले बेगमपल्ली और इमाम पसंद प्रजाति के आम की आवक अभी से शुरू हो गई है और वहां उत्पादन भी बढिय़ा है। अगले सप्ताह से महाराष्ट्र और तमिलनाडु से भी आम की आवक शुरू हो जाएगी। 
 
उनका कहना है कि बाहर से प्रदेशों में आम की फसल अच्छी है जिसके चलते कुल मिलाकर कीमतों पर कोई बहुत ज्यादा फर्क नही पड़ेगा, लेकिन इतना जरूर है कि दशहरी के दाम पिछले साल के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत कम रह सकते हैं। दशहरी की कमजोर फसल की आशंका के बीच इनके विदेशी कद्रदानों में कोई कमी नहीं आई है। शबीहुल ने बताया कि खाड़ी देशों के निर्यातकों का मलिहाबाद आना शुरू हो गया है। हाल ही में मलिहाबादी दशहरी के लिए ओमान और दुबई से कुछ ऑर्डर मिले हैं। यूरोपीय देशों को भी माल भेजने के लिए मुंबई व दिल्ली के कुछ कारोबारियों ने संपर्क साधे हैं।
Keyword: mango, dashari,,
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