बिजनेस स्टैंडर्ड - शेयर बाजार में भी चमका सोना
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शेयर बाजार में भी चमका सोना

सुशील मिश्र / मुंबई April 27, 2017

सोना खरीदने के लिए शुभ माने जाने वाला हिंदू पर्व अक्षय तृतीया रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए हमेशा खास रहा है, लेकिन इस बार अक्षय तृतीया की धूम और ज्यादा है। जौहरियों की सजी दुकानें और उनके सामने छूट की पेशकश वाले बैनर ग्राहकों को लुभा रहे हैं। आभूषण कारोबार में बढ़ती चमक की वजह से आभूषण कारोबारी इस बार 30-40 फीसदी अधिक बिक्री होने का दावा कर रहे हैं तो दूसरी ओर रत्न एवं आभूषण कारोबार की कंपनियों के शेयर भी चमक रहे हैं। 
 
लंबे समय से कमजोर बिक्री का विलाप करने वाले रत्न एवं आभूषण उद्योग की चमक दुकान से लेकर शेयर बाजार तक बढ़ी है। पिछले साल अक्षय तृतीया 9 मई को थी, तब से इस साल मार्च के अंत तक आभूषण कंपनियों में गिरावट का रुख बना हुआ था। ज्यादातर कंपनियों के शेयर निवेशकों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहे थे। इन दौरान श्रीनुज ऐंड कंपनी के शेयर 71 फीसदी, श्रीगणेश ज्वैलर्स के शेयर करीब 68 फीसदी, नेगोटिएम इंटरनैशनल ट्रेड के शेयर 56 फीसदी, गोयनका डायमंड ऐंड ज्वेल्स के शेयर 50 फीसदी तक शेयर लुढ़क गए। 
 
इस बीच सेंसेक्स में करीब 15 फीसदी का मजबूत हुआ तो रत्न एवं आभूषण कंपनियों के सूचकांक में महज 7 फीसदी का सुधार देखने को मिला था। लेकिन बदलते वैश्विक परिवेश और अक्षय तृतीया की मांग ने उद्योग को शेयर बाजार का शेर बना दिया। चालू महीने में रत्न एवं आभूषण कंपनियों के शेयरों में करीब 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले एक महीने में सेंसेक्स तीन फीसदी चढ़ा है तो बीएसई में रत्न एवं आभूषण कंपनियों का सूचकांक 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। 
 
शेयर बाजार में रत्न एवं आभूषण कंपनियों के शेयरों में सुधार पर कंफर्ट सिक्योरिटी के प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल कहते हैं कि रत्न एवं आभूषण कंपनियों की सेहत सुधरने की मुख्य वजह वैश्विक हालात है। उत्तर कोरिया को लेकर तनाव बना हुआ है, जिससे सोने की निवेश मांग में इजाफा हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की सख्ती और उत्तर कोरिया नए परमाणु परीक्षण के तेवर दिखा रहा है। चीन और रूस के तेवरों से भी वैश्विक तनाव और बढ़ सकता है। वैश्विक कारणों के साथ घरेलू बाजार में फसल उत्पादन अच्छा होने के कारण ग्रामीण इलाकों से सोने की मांग तेज हुई है। ऐसे में निवेशक सोने को इस समय निवेश का सुरक्षित और बेहतर विकल्प मान रहे हैं। यही वजह है कि रत्न एवं आभूषण कंपनियों के शेयरों में चमक बढ़ी है। 
 
रत्न एवं आभूषण की घरेलू मांग के साथ विदेशी मांग भी तेज हुई है। नाइन डायमंड के संजय शाह कहते हैं कि पिछले कुछ सालों से विदेशी मांग कमजोर बनी हुई थी लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसमें तेजी आयी हुई है जो इंडस्ट्री को मजबूत कर रही है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि इस समय निर्यात और घरेलू दोनों मांग बेहतर हैं, जिससे सोने का आयात बढ़ा है। सोने की बढ़ती मांग ने ही आयात का टोकरा बड़ा कर दिया है। मंदी की मार झेल रहे आभूषण कारोबारियों ने अप्रैल 2016 से दिसंबर 2016 तक 264 टन सोने का आयात किया, जबकि नोटबंदी के बाद 30 मार्च तक 360 टन सोना आयात किया गया। सिर्फ मार्च महीने में 103 टन सोने का आयात हुआ और अप्रैल में अब तक आयात ऊंचे स्तर पर रहा है।
Keyword: gold,सराफा बाजार, आभूषण,
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