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विनिवेश की रफ्तार तेज करेगी सरकार

पवन बुरुगुला / मुंबई April 25, 2017

लगता है सरकार इस वित्त वर्ष में विनिवेश को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ाएगी। जहां केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह नैशनल एल्युमीनियम कंपनी (नालको) के ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) को पेश किया वहीं अगले कुछ महीनों में वह सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू) की सात इकाइयों में हिस्सेदारी बिक्री की योजना बना रही है। इन पीएसयू में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), एनटीपीसी, भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल), एनएचपीसी, रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (आरईसी) और नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन (एनएलसी) शामिल हैं। इस कदम को साल के दौरान समान रूप से विनिवेश निर्गम की योजना बनाने और पिछले कुछ महीनों में निर्गमों के संबंध में आए अवरोधों को दूर करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। 
 
सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए महत्त्वाकांक्षी विनिवेश लक्ष्य तैयार किया है। केंद्रीय बजट के अनुसार, केंद्र ने चालू वित्त वर्ष के दौरान विनिवेश के जरिये 72,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। इस रकम में से सरकार को 46,500 करोड़ रुपये की रकम छोटी-छोटी हिस्सेदारी बिक्री से प्राप्त होने का अनुमान है। सरकार ने बड़ी हिस्सेदारी बिक्री से 11,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है जो स्पेशिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ द यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (सूटी) के जरिये सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री से संबद्घ होगी। सरकार को सरकारी बीमा कंपनियों की सूचीबद्घता के जरिये भी अन्य 11,000 करोड़ रुपये हासिल होने की संभावना है।
 
एक अधिकारी ने कहा, 'पिछले वित्त वर्ष के पहले 6 महीनों में सरकार ने कोई विनिवेश निर्गम जारी नहीं किया और वर्ष के अंत में जब सरकार ने निर्गम जारी करने चाहे तो बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति पैदा हो गई। इस साल सरकार अपने विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए गंभीर है।' सरकार ने हाल में पीएसयू की सूचीबद्घता के लिए एक समय-सीमा भी जारी की है जिसे सरकार द्वारा समय पर विनिवेश सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए जाने  वाले अन्य सकारात्मक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इस समय-सीमा के तहत सरकार चाहती है कि पीएसयू के बोर्ड द्वारा आईपीओ प्रस्ताव को स्वीकृति दिए जाने के दिन से 165 दिन के अंदर सूचीबद्घता की प्रक्रिया पूरी की जाए। पीएसयू शेयरों में तेजी को ध्यान में रखकर भी सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिये हिस्सेदारी बिक्री का विकल्प अपनाए जाने की संभावना है। वित्त वर्ष 2017 के दौरान सरकार ने विनिवेश के जरिये 46,246 करोड़ रुपये की रकम जुटाई थी जिसमें सिर्फ 2,960 करोड़ रुपये ही ओएफएस के जरिये जुटाए गए थे। 
Keyword: नैशनल एल्युमीनियम कंपनी (नालको),
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