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टलेगी जीएसटी की समयसीमा!

अरूप रॉयचौधरी / नई दिल्ली April 21, 2017

केंद्र सरकार की पूरी कोशिश है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को देश भर में 1 जुलाई से लागू कर दिया जाए। लेकिन इसकी समयसीमा को बढ़ाकर सितंबर से लागू करने का विकल्प भी खुला रखा है। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक अगर जीएसटी से संबंधित केंद्र, राज्यों, जीएसटी नेटवर्क और निजी क्षेत्र की तैयारियां समय पर पूरी नहीं हो पाई तो इसे लागू करने की तिथि को आगे बढ़ाने का भी निर्णय किया जा सकता है।
 
हालांकि केंद्र सरकार ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम सहित कुछ अन्य लोगों की उस सलाह को दरकिनार कर दिया, जिसमें जीएसटी को 1 अक्टूबर से लागू करने का सुझाव दिया गया था। जीएसटी के लिए संविधान संशोधन को संसद की मंजूरी मिलने के बाद पिछले साल 16 सितंबर को अधिसूचित कर दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि मौजूदा अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था इस तिथि से अगले एक साल तक के लिए जारी रह सकती है। लेकिन सरकार इस बात को लगातर कहती रही है कि जीएसटी को इस साल 15 सितंबर से पहले लागू किया जाएगा।
 
अधिकारी ने कहा, 'संविधान के तहत हमें सितंबर तक का समय मिला है। हमारा लक्ष्य इसे 1 जुलाई को लागू करने का है क्योंकि अगर तैयारी में कोई कसर बाकी रह जाए तो उसे पूरा करने के लिए हमारे पास दो माह का वक्त बचा रह सके। यही वजह है कि यह विकल्प (सितंबर तक लागू करने) खुला रखा गया है।' जीएसटी के क्रियान्वयन से जुड़े सूत्र ने कहा कि अगर इसे किसी वजह से सितंबर के लिए टाला गया तो उसका निर्णय 1 जुलाई के आसपास किया जा सकता है।
 
चिदंबरम ने बार-बार तय समयसीमा पर सवाल उठाए हैं और इसे अव्यावहारिक बताते रहे हैं। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद द्वारा मध्य मई में दरें तय करने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाएगा। यह भी संभव है कि व्यापारियों और विनिर्माताओं के बीच कुछ वस्तुओं और उसकी दरों को लेकर आपत्ति हो सकती है, जिस पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि इसकी भी उम्मीद है कि दरों को संशोधित करने के लिए उसे संसद में लाया जा सकता है।
 
इसके साथ ही देश भर में नई कर व्यवस्था के लिए खुद को तैयार करने के लिए ज्यादा समय की जरूरत होगी। अधिकारी ने कहा, 'अक्टूबर में अगर इसे लागू किया जाता है तो संविधान में फिर से संशोधन करना होगा, जिस पर हम विचार नहीं कर रहे हैं।' विश्लेषकों का कहना है कि सितंबर तक इसे टाले जाने की संभावना है लेकिन 1 जुलाई लागू करने के लिए आदर्श है। खेतान ऐंड कंपनी के पार्टनर अभिषेक रस्तोगी ने कहा, 'अगर सरकार अभी से ही इसे सितंबर तक टालने की घोषणा करती है तो कई राज्य इसे लेकर बेपरवाह हो सकते हैं। लेकिन राज्यों पर इसे जल्द लागू करने के लिए दबाव डालने की जरूरत है।'
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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