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बिहार 24 अप्रैल को करेगा जीएसटी का अनुमोदन

बीएस संवाददाता / पटना April 13, 2017

बिहार सरकार ने राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पारित करने के लिए 24 अप्रैल को विधानमंडल का एक दिन का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। जीएसटी लागू होने के बाद राज्य सरकार को राजस्व में खासी बढ़ोतरी की उम्मीद है। संसद ने हाल में ही समाप्त हुए बजट सत्र में जीएसटी से जुड़े चार विधेयकों पर अपनी मुहर लगा दी है। इनमें केंद्रीय जीएसटी, अंतर-राज्यीय और केंद्र शासित प्रदेशों  के जीएसटी पर मुहर लगाई गई है। वहीं, इससे होने वाले घाटे के एवज में मुआवजे के प्रावधान संबंधित विधेयक भी संसद में पारित हो गया है। इससे देश में 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने भी अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। दरअसल, राज्य सरकार इस नई कर प्रणाली से जुड़े विधेयकों को बिहार विधानमंडल के पिछले बजट सत्र में ही पारित करने की तैयारी में थी, लेकिन संसद में इस विधेयक के देर से पेश किए जाने से यह कोशिश पूरी नहीं हो सकी। 
 
अब राज्य सरकार ने विधानमंडल के विशेष सत्र में ही इससे संबंधित एक विधेयक पेश करने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक इस बारे में राज्य जीएसटी से जुड़े विधेयकों का मसौदा मोटे तौर पर तैयार है। इसे पूरी तरह तैयार करअगले हफ्ते  तक राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इस विधेयक को राज्य विधानमंडल में पेश किया जाएगा। राज्य के वाणिज्य कर विभाग को अगले वित्त वर्ष में जीएसटी के लागू होने के बाद कम से कम 19,811 करोड़ रुपये की उम्मीद है। अगर कमाई इससे कम होती है, तो उसकी भरपाई केंद्र सरकार अपने खाते से करेगा, इसीलिए राज्य सरकार इस बारे में काफी उत्साहित है। 
 
चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार ने 32,000 करोड़ रुपये के कर राजस्व का लक्ष्य रखा है, लेकिन पिछले साल शराबबंदी से राज्य सरकार के राजस्व में खासी कमी आई है। इस वजह से उसे पिछले वित्त वर्ष में उसका कर राजस्व फरवरी तक सिमट कर करीब 20,000 करोड़ रुपये रह गया था। जीएसटी से राज्य सरकार को वस्तुओं के साथ-साथ सेवाओं पर भी कर लगाने का अधिकार मिल जाएगा। बिहार में सेवा प्रक्षेत्र के तेजी से विकास को देखते हुए राज्य सरकार को इस बाबत मोटी कमाई की उम्मीद है। 
Keyword: bihar, बिहार, सरकार, राज्य वस्तु एवं सेवा कर,
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