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बढ़े पानी बिल, पाइपलाइन से छेड़छाड़ पर सरकार सख्त

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली April 12, 2017

दिल्ली नगर निगम चुनाव के बीच दिल्ली सरकार पानी के बढ़े बिल और पानी की पाइपलाइन व वॉल्व से छेड़छाड़ कर जल संकट पर सख्त हो गई है। सरकार बढ़े पानी बिलों की जांच कराएगी और इन्हें देरी से भरने पर लगने वाले अधिभार को माफ करेगी। सरकार गर्मियों में पाइपलाइन व वॉल्व से छेड़छाड़ कर कृत्रिम जल संकट पैदा करने वाले असामाजिक तत्त्वों से भी सख्ती से निपटेगी। आम आदमी पार्टी सरकार को निगम चुनाव के बीच असामाजिक तत्त्वों द्वारा जल संकट पैदा करने पर पार्टी को चुनाव में नुकसान का डर सता रहा है।
दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि उन्हें चालू बिल चक्र में पानी उपभोक्ताओं से पानी के अचानक बढ़े बिलों की शिकायतें मिली हैं। मैंने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्याधिकारी को इनकी जांच करने के आदेश दिए हैं। जांच के चलते इन उपभोक्ताओं को बिल भरने के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा और इस दौरान हुई देरी पर लगने वाले अधिभार को नहीं वसूलने के निर्देश भी दिए हैं। मिश्रा ने कहा कि अचानक बीते 5-7 दिन से भूमिगत जलाशयों में पानी का स्तर कम आने की खबर आई है, जबकि पानी उत्पादन ठीक हो रहा है। इस संबंध में जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
इसमें कुछ चौंकाने वाली चीजें सामने आईं। बुराड़ी, रिठाला समेत अन्य इलाकों में रात में असामाजिक तत्त्वों द्वारा कई जगह पानी की पाइपलाइन व वॉल्व को तोड़ा गया। ऐसे में पानी पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए 50 सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि अगर कोई असामाजिक तत्त्व पानी की पाइपलाइन व वॉल्व से गैर कानूनी ढंग से छेड़छाड़ करता पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

एओएल के कार्यक्रम से यमुना को नुकसान : समिति
एक विशेषज्ञ समिति ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को बताया है कि श्री श्री रविशंकर की आर्ट ऑफ लिविंग (एओएल)  द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक महोत्सव के कारण बर्बाद हुए यमुना के डूब क्षेत्र के पुनर्वास मेंं 13.29 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसमें करीब 10 साल का वक्त लगेगा। जल संसाधन मंत्रालय के सचिव शशि शेखर की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति ने एनजीटी को बताया है कि यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र को हुए नुकसान की भरपाई के लिए बड़े पैमाने पर काम कराना होगा। समिति ने कहा, 'ऐसा पारिस्थितिकीय तौर पर प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए हैं।'

Keyword: Delhi, MCD, Election, Power, water,
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