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महंगे खाद्य तेल का बढ़ता रुझान

विमुक्त दवे / अहमदाबाद 04 11, 2017

परंपरागत तेल की तुलना में प्रमुख तेल खंड का मार्जिन करीब 25 प्रतिशत

अदाणी विल्मर, विमल ऑयल ऐंड फूड और कारगिल इंडिया जैसी खाद्य तेल उद्योग की प्रमुख कंपनियां तेल की प्रमुख किस्मों पर दांव लगा रही हैं जो मुनाफे के नजरिये से ज्यादा बेहतर हैं। जैतून, चावल की भूसी और राई जैसे खाद्य तेल के प्रमुख खंड का लाभ औसतन 25 प्रतिशत के दायरे में है जबकि सरसों और मूंगफली जैसे परंपरागत तेलों के मामले में यह लाभ 10 प्रतिशत है। विमल ऑयल के प्रबंध निदेशक जयेश पटेल ने कहा कि खाद्य तेल उत्पादकों को इसका बढिय़ा मुनाफा प्रमुख खंड में कूदने के लिए आकर्षित कर रहा है। सामान्य खाद्य तेल के 5-10 प्रतिशत के मुनाफे की तुलना में प्रमुख खंड 20-25 प्रतिशत का लाभ दे रहा है। हालांकि फिलहाल इसका बाजार उच्च और उच्च-मध्यम श्रेणी तक ही सीमित है।

पिछले दो सालों में प्रमुख तेल खंड का उपभोग बढऩे की वजह से जैतून और राई जैसे खाद्य तेलों के आयात में तेज इजाफा हुआ। उद्योग सूत्रों के अनुसार देश ने 2016-17 में करीब 1,10,000 टन प्रमुख तेलों का आयात किया है, जबकि पिछले दो सालों में यह 70,000-75,000 टन रहा। इस तरह इसमें 15-17 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। अधिकतर आयात स्पेन, इटली और कनाडा से हो रहा है। कारगिल इंडिया का दावा है कि भारत में खाद्य तेल के कुल दो करोड़ के बाजार में से प्रमुख खंड का हिस्सा अब भी बहुत कम है लेकिन इसमें लगातार इजाफा हो रहा है और 2010 तक इसके दोगुना होने की उम्मीद है।

परंपरागत तेल की 4-5 वृद्धि दर की तुलना में प्रमुख तेल खंड का पोर्टफोलियो 17-18 प्रतिशत की वृद्धि दर पर है। कारगिल इंडिया की मुख्य विपणन अधिकारी नीलिमा बर्रा ने कहा कि हालांकि भारत में प्रमुख खाद्य तेलों की मांग धीमी है लेकिन यह लगातार बढ़ रही है। ज्यादातर उपभोक्ता स्वास्थ्य की दृष्टिï से इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनियां भी इस खंड को प्रोत्साहित कर रही हैं क्योंकि इसका मुनाफा सामान्य खाद्य तेलों के कारोबार की तुलना में ज्यादा है।

अधिकतर कंपनियां प्रमुख तेलों का बाजार तैयार करने के लिए विज्ञापन कार्यों पर ज्यादा व्यय कर रही हैं और हर साल इस पर करीब 7-10 करोड़ रुपया व्यय करती हैं। अदाणी विल्मर के मुख्य कार्याधिकारी अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय अंतरराष्ट्रीय खान-पान की आदतों से रूबरू हो रहे हैं और इसने भारत में प्रमुख तेलों की मांग बढ़ाने को प्रोत्साहित किया है। हम भी अपने वीवो ब्रांड के तहत ऐसे तेलों के विपणन पर ठीक-ठाक राशि खर्च कर रहे हैं।

गुजरात स्थित एक अन्य कंपनी विमल ऑयल ऐंड फूड्स एक संयुक्त उद्यम के जरिये स्पेन से आयात की योजना बना रही है। कंपनी विदेशी साझेदारी तलाश रही है और स्पेन में कुछ भागीदारों के साथ बात कर रही है। आरंभिक तौर पर यह पैकेटबंद रूप में आयात करेगी और अगले दो-तीन महीनों में इसे पेश करेगी। कंपनी एक साल में करीब 400-500 टन आयात की योजना बना रही है और मांग के आधार पर आयात में उत्तरोत्तर वृद्धि करेगी। कंपनी इसे विमल ब्रांड के तहत पेश करेगी।'

Keyword: edible oil, consumption, vegetable oil,
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