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निर्यात में लगेगा प्याज का तड़का

दिलीप कुमार झा / मुंबई April 09, 2017

हाल में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान भारत का प्याज निर्यात लगभग तीन गुना रहने का अनुमान जताया जा रहा है। घरेलू बिक्री की तुलना में विदेशी बाजार में ज्यादा आमदनी के कारण अधिकतम मात्रा को निर्यात के लिए प्रोत्साहित करने के निर्णय से ऐसा हो रहा है। सरकारी स्वामित्व वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़े दर्शाते हैं कि अप्रैल और दिसंबर 2016 की अवधि के मध्य भारत का कुल प्याज निर्यात 23.9 लाख टन रहा। हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत शाह का मानना है कि इसके बाद हर महीने 1,50,000-2,00,000 टन निर्यात किया गया। यह मानकर कि इसके अगले तीन महीने यानी जनवरी-मार्च 2017 के दौरान 2,00,000 टन की खेप प्रति माह भेजी गई है, भारत का कुल प्याज निर्यात 2016-17 के लिए 30 लाख टन के लक्ष्य तक पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
लासलगांव में किसानों के प्रतिनिधि हंसराज पाटिल ने कहा कि महाराष्टï्र में बेंचमार्क लासलगांव की थोक मंडी में जब प्याज के दाम करीब 2-2.5 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहे थे, तब भारत से वाणिज्यिक निर्यात योजना (एमईआईएस) की शुरुआत की गई थी। लासलगांव (नासिक जिला) में किसान खेतों में प्याज बिना कटाई के ही छोड़ रहे थे क्योंकि प्रचलित कीमत मंडियों में परिवहन की लागत से भी कम थी। लेकिन एमईआईएस योजना ने इस गिरावट को थाम लिया और तब से प्याज की कीमत सुधरकर 5-5.50 रुपये प्रति किलोग्राम पर आई गई। कीमत का यह स्तर उत्पादन लागत के बराबर है। लेकिन किसानों को अगले सीजन में प्याज बुआई के लिए प्रोत्साहित करने को थोड़े और की जरूरत है।
जोरदार उपज की उम्मीद से प्याज के मूल्य में तेज गिरावट को देखते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने प्याज पर एमईआईएस के लाभ को बढ़ा दिया है और व्यापारियों को बड़ी मात्रा में इसका निर्यात करने का निर्देश दिया है। कपड़ा समेत कई निर्यात की जाने वाली वस्तुओं के लिए उपलब्ध एमईआईएस निर्यातकों को बिना शुल्क (एफओबी) निर्यात में पांच प्रतिशत का क्रेडिट देती है।
प्याज निर्यात के लिए एमईआईएस योजना की शुरुआत अगस्त 2016 में हुई थी। समय-समय पर इसका विस्तार किया गया है। दिनांक 31 मार्च, 2017 की अधिसूचना के अनुसार एमईआईएस के लाभ को 30 जून, 2017 तक बढ़ा दिया गया है।
फिलहाल भारत श्रीलंका, खाड़ी देशों और अन्य गंतव्यों को बड़ी मात्रा में प्याज निर्यात करता है जो स्थानीय मंडियों की तुलना में ऊंची कीमत पर प्याज लेते हैं। हालांकि इस साल घरेलू बाजार में प्रचलित कीमतों के रुख में मंदी की वजह से प्रति इकाई मूल्य में जबरदस्त रूप से गिरावट आई है। एपीडा के अनुसार चालू वर्ष में प्याज का प्रति इकाई मूल्य 14,109 रुपये बैठता है जो चार सालों में सबसे कम और पिछले साल के 22,691 रुपये प्रति टन की तुलना में करीब 36 प्रतिशत कम है।
शाह ने कहा कि निर्यात जून तक जारी रहेगा क्योंकि यमन से नई फसल वैश्विक बाजार में आने को तैयार है लेकिन एमईआईएस की वजह से भारत का निर्यात प्रतिस्पर्धी बना रहेगा। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी पहले अग्रिम अनुमान दर्शाते हैं कि भारत का प्याज उत्पादन इस साल छह प्रतिशत कम 1.97 करोड़ टन रहेगा।

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