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साझा कृषि बाजार के लिए बैठक करेगी सरकार

संजीव मुखर्जी /  April 09, 2017

केंद्र सरकार, नीति आयोग और विभिन्न राज्य के 70 से अधिक वरिष्ठï स्तर के अधिकारी इस सप्ताह कृषि विपणन सुधार पर चर्चा करेंगे ताकि देशभर में एक साझा कृषि बाजार को विकसित किया जा सके। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने के मद्देनजर इस सुधार को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इस सुधार को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी क्योंकि कृषि विपणन राज्य का मामला है।
केंद्र सरकार ने हाल में एपीएमसी कानून के एक नए मॉडल का मसौदा जारी किया है। इसके तहत एक अधिसूचित बाजार क्षेत्र की अवधारणा के साथ निजी बाजार यार्ड स्थापित करने, किसान-उपभोक्ता बाजार, इलेक्ट्रॉनिक व्यापार प्लेटफॉर्म और गोदामों को बेहतर लिंकेज मुहैया कराते हुए उन्हें एक बाजार सब-यार्ड में तब्दील करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें कहा गया है कि इससे किसानों को बेहतर लिंकेज मुहैया कराई जा सकेगी और राष्टï्रीय स्तर पर एक साझा बाजार स्थापित हो सकेगा। इसके अलावा सरकार एक मॉडल अनुबंध कृषि कानून पर भी काम कर रही है।
एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा, 'राज्य कृषि मंत्रियों के साथ होने वाली इस बैठक में मुख्य तौर पर एपीएमसी कानून के नए मॉडल के मसौदे पर चर्चा होगी कि एक साझा राष्टï्रीय बाजार सृजित करने में मदद के लिए राज्य किस प्रकार एक निश्चित समयावधि में इसे लागू कर सकते हैं।' उन्होंने कहा कि बैठक में इलेक्ट्रॉनिक नैशनल एग्रीकल्चर मार्केट प्लेटफॉर्म (ई-नाम) को तेजी से लागू करने संबंधी मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
अब तक देशभर मेंं 13 राज्यों के 417 बाजारों को इलेक्ट्रॉनिक नैशनल एग्रीकल्चर मार्केट प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया गया है जबकि मार्च 2017 तक 400 बाजारों को इस प्लेटफॉर्म के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया था। अगले साल मार्च तक केंद्र ने 585 विनियमित मंडियों को इस पोर्टल के साथ एकीकृत करने की योजना बनाई है।
इस बैठक के तुरंत बाद 24 अप्रैल को राज्य कृषि मंत्रियों की एक राष्टï्रीय बैठक का आयोजन होगा जिसमें राज्यों में कृषि विपणन में सुधार जैसे मुद्दे पर चर्चा होगी ताकि राज्य इस पहले को आगे बढ़ा सकें। इस बीच एपीएमसी कानून के नए मॉडल के मसौदे पर अधिकारियों ने कहा कि मंडियों को निरूपित किए जाने के अलावा इस कानून के तहत कोई भी कृषि प्रसंस्करण कंपनी, वॉलमार्ट एवं बिग बाजार जैसी खुदरा शृंखला, किसानों की सहकारी संस्था आदि किसानों से सीधे तौर पर खरीदारी के लिए लाइसेंस ले सकेंगे।

Keyword: Agri market, Meeting, Agriculture,
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