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बागवानी निर्यात में आई तेजी

दिलीप कुमार झा / मुंबई April 07, 2017

अपने ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप मानकों और गुणवत्ता में वृद्धि करते हुए भारत अब निर्यात बाजार पर ध्यान केंद्रित कर बागवानी (फल-सब्जी) के निर्यात में घुसपैठ करने की तैयारी कर रहा है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़े दर्शाते हैं कि अप्रैल 2016 और फरवरी 2017 के दौरान भारत से फलों का निर्यात मात्रा के रूप में आश्चर्यजनक रूप से 20.95 प्रतिशत और मूल्य के रूप में 17.4 प्रतिशत तक बढ़ा है। 
पिछले साल तक यह स्थिति बिल्कुल उलट थी। उस समय विदेशी आयातक भारत से आने वाले बागवानी उत्पादों पर सतर्कतापूर्वक निगाह रखे हुए थे। असल में, यूरोपीय संघ और खाड़ी देशों समेत कई विदेशी खरीदारों ने भारत से फलों और सब्जियों के आयात को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इसकी वजह भारतीय उत्पादकों की गुणवत्ता वैश्विक मानदंडों से कमतर होना बताई गई थी। लेकिन अब भारतीय निर्यातक गुणवत्ता के प्रति सचेत हो गए हैं। एपीडा द्वारा दर्ज आंकड़ों के अनुसार भारत के कुल कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में बागवानी का हिस्सा 10 प्रतिशत रहता है।
भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (फियो) के महानिदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अजय सहाय ने कहा कि उत्पादों के मानक बाजार की आवश्यकता के अनुरूप बनाए रखकर भारत गुणवत्ता के प्रति अधिक सतर्क हो गया है। फल और सब्जियों जैसे बागवानी उत्पादों को पहले कई देशों में अनुमति नहीं थी। उदाहरण के लिए पहले भारतीय अंगूर और आम यूरोपीय देशों में निर्यात नहीं किए जाते थे। लेकिन अब इनकी बाजार में पैठ हो गई है। सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय निर्यातक जैविक उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। विदेशों में इनकी बहुत मांग है और इनसे बेहतर आय भी प्राप्त होती है। इन सबने मिलकर भारत के प्रदर्शन को सुधारने में मदद की है। भारत अब अपनी संभावना के निकट है और बागबानी निर्यात को आगे ले जाते हुए हम इसमें उल्लेखनीय उछाल की उम्मीद करते हैं।
पिछले साल तक भारत का सब्जी निर्यात 2013-14 के 9,53,731.22 टन से लुढ़ककर 2015-16 में 6,99,600.34 पर आ गया था। इसी तरह भारत का आम निर्यात 1,92,616.91 टन से गिरकर  वर्ष 2015-16 में 1,56,218.34 टन पर आ गया।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा जैसे बड़े कॉरपोरेट के 'खेत से थाली तक' के कारोबार में प्रवेश से अंगूर के निर्यात में काफी तेजी आई है। इसमें किसानों को बुआई, खेती और विक्रय की सलाह देना शामिल है। वास्तव में भारत का अंगूर निर्यात पिछले साल के 1,07,257.81 टन से बढ़कर 2015-16 में 1,56,218.34 टन हो गया है।
उद्योग के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा कि ताजे फलों के अतिरिक्त भारत को प्रसंस्कृत बागवानी उत्पादों के लिए निर्यात की तलाश करनी चाहिए। बागवानी उत्पादों की असाधारण वृद्धि सरकार की नीति और निजी भारतीय निर्यातकों की बढिय़ा साझेदारी है। भारत के सब्जी निर्यात में भविष्य में भी असाधारण वृद्धि रहेगी।
Keyword: india, fruits, vegetable, exoport,
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