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वाहन निर्माताओं को तगड़ा झटका, बीएस-3 वाहनों की बिक्री व पंजीकरण बंद

अजय मोदी और सोहिनी दास /  03 29, 2017

न्यायालय का आदेश 1 अप्रैल से नहीं बिकेंगे बीएस-3 वाहन

1 अप्रैल से बीएस-3 वाहनों की बिक्री और पंजीकरण पर पाबंदी
वाहन उद्योग को करीब 6,000 से 7,000 करोड़ रुपये की लग सकती है चपत
कंपनियों के पास बचे रह सकते हैं करीब 5 से 6 लाख वाहन
स्टॉक खपाने के लिए भारी छूट या निर्यात बाजार का लेना पड़ सकता है सहारा

वाहन उद्योग को दूसरी बार उच्चतम न्यायालय के आदेश से झटका लगा है। पहला झटका दिसंबर 2015 में लगा था जब अदालत ने 2000 सीसी या इससे ज्यादा क्षमता वाले डीजल यात्री वाहनों की बिक्री व पंजीकरण पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी थी। आठ महीने लंबी पाबंदी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लक्जरी वाहनों की मांग पर भारी असर डाला था। इसने लक्जरी कार निर्माता मर्सिडीज, जेएलआर ऑडी और बीएमडब्ल्यू पर गंभीर असर डाला था। अन्य कंपनी मसलन टोयोटा व एमऐंडएम भी प्रभावित हुई थी। राहत पाने में इसे आठ महीने लगे और जब कंपनियां कीमत पर एक फीसदी उपकर देने पर सहमत हुई तब ऐसा हो पाया।

वाहन कंपनियों की बड़ी चुनौती अदालत को यह समझाना था कि डीजल यात्री वाहन दिल्ली की खराब आबोहबा के लिए अकेले जिम्मेदार नहीं है। उद्योग निकाय सायम ने आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें डीजल कारों का योगदान काफी कम बताया गया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में सबसे ज्यादा 38 फीसदी योगदान सड़कों की धूल का है, इसके बाद वाहन का नंबर आता है जो 20 फीसदी है जबकि देसी ईंधन के जलने से 12 फीसदी और उद्योग से 12 फीसदी प्रदूषण होता है। बाकी डीजल जेनरेटर, निर्माण आदि से। वाहनों के 20 फीसदी योगदान में 46 फीसदी ट्रक, दोपहिया 33 फीसदी और यात्री कार का योगदान 10 फीसदी है। उद्योग ने डीजल कार की छवि के लिए काफी कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा।

उद्योग अब दूसरी बार अदालत को समझाने में नाकाम रहा है जबकि सरकार का समर्थन इसे हासिल है। अदालत ने बीएस-3 वाहनों की बिक्री व पंजीकरण पर एक अप्रैल से रोक लगा दी। 1 अप्रैल से बीएस-4 वाहनों की बिक्री व पंजीकरण होंगे। दोपहिया वाहन कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने अदालत से कहा कि ऐसी स्थिति में कंपनी को 1,600 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। सरकार ने भी अदालत से कहा कि बीएस-3 वाहनों की इन्वेंट्री की बिक्री की अनुमति दी जानी चाहिए।

Keyword: बीएस-3, वाहन, बिक्री, पंजीकरण, पाबंदी, डीलरशिप, दोपहिया, सर्वोच्च न्यायालय, पंजीकरण, ओईएम,
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